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फाइलों में पार्क और लाइब्रेरी बनाकर 37 लाख डकारे

Thu, 12 May 2022 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 11:00 PM IST
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37 lakh dakar by making park and library in files
पलवल। हसनपुर में पार्क के नाम पर 37 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला हसनपुर में पार्क के नाम पर किया गया है। कागजों में पार्क बनाने के नाम पर 37 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जबकि आज तक मौके पर न तो पार्क बना है और न ही वहां उस जमीन पर अन्य कोई काम हुआ है। यह खुलासा ग्राम पंचायत व खंड विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा केंद्र सरकार द्वारा बनाए हुए पोर्टल से हुआ है, जहां ग्राम पंचायत व पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर कागजों में पार्क बना दिखा उस पर खर्च किए गए 37 लाख रुपये का रिकॉर्ड अपलोड कर दिया। पोर्टल पर जब हसनपुर में पार्क होने का रिकॉर्ड हसनपुर निवासी हितेश जिंदल ने देखा तो उन्होंने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त से की। जिसके बाद इस मामले में जांच शुरू की गई है।
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इस तरह से किया गया है घोटाला
हसनपुर में लोगों की मांग पर सरकार ने अस्पताल के पास स्थित पंचायत की जमीन पर पार्क व लाइब्रेरी बनाने की मंजूरी दी थी। इस मंजूरी को मिलने के बाद ग्राम पंचायत व खंड विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा यहां पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू तो की गई, लेकिन न तो वहां पार्क बनाया गया और न ही लाइब्रेरी। लेकिन कागजों में पार्क व लाइब्रेरी बना दिखा उसे पंचायती संस्था के पारदर्शिता पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया।
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ये कार्य दिखाए गए हैं
सरकार के पारदिर्शता पोर्टल पर 3774143 रुपये जिन कार्यों पर खर्च दिखाए गए हैं, उनमें दिसंबर 2018-19 में 16.37 लाख रुपये लाइब्रेरी के निर्माण पर, 2019-20 अगस्त में 3,37,143 रुपये लाइब्रेरी में कुर्सी, मेज, अलमारी के नाम पर खर्च दिखाए गए हैं। इसी तरह से नवंबर 2019-20 में ही 18 लाख रुपये खर्च किए दिखाए गए हैं। यह राशि पार्क में ट्रैक बनाने, पेड़ पौधे लगाने तथा अन्य कार्यों पर खर्च दिखाए गए हैं। लेकिन आज भी न पार्क है, न पेड़-पौधे हैं, न मेज हैं, न ट्रैक बनाया गया है, न पानी का इंतजाम है, न ही लाइब्रेरी है तथा लाइब्रेरी के लिए जो कमरा बना दिखा हुआ है, वह लोकनिर्माण विभाग की लेबर खाना बनाने व आराम करने में इस्तेमाल करती है।
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एक दिन जैसे ही सरकार के पारदर्शिता पोर्टल को खोल कर देखा तो उसमें पाया कि हसनपुर में एक पार्क बना दिखाया हुआ हैै तथा उस पार्क को बनाने व लाइब्रेरी के ऊपर 37 लाख रुपये खर्च दिखाए हैं। मैंने तुरंत पोर्टल पर दिखाए खर्च व पार्क की फोटो अपलोड कर तथा पार्क वाले स्थान पर जाकर वहां की मौजूदा तस्वीरें लेकर उपायुक्त से शिकायत की। उपायुक्त ने शिकायत पर होडल के एसडीएम को जांच करने के आदेश दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न ही जांच की गई। फिर मैंने उपायुक्त को दोबारा शिकायत की, अब जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई है।

-हितेश जिंदल
मेरे संज्ञान में मामला आया है। इस मामले में जांच शुरू करते हुए हसनपुर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को नोटिस जारी कर इस पार्क से संबंधित सारा रिकॉर्ड लेकर आने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उत्तम सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त पलवल
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