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जिला सिविल सर्जन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
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पलवल। लोक सूचना अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत जानकारी उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग ने जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप कुमार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं आयोग ने सिविल सर्जन को राज्य सूचना आयोग के कार्यालय में 30 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए हैं।
होडल शहर की श्याम कालोनी के रहने वाले डिगम्बर सिंह ने आरटीआई कानून के तहत किशन सिंह अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने की अनुमति न देने तथा लाइसेंस जारी करने के लिए संबंधित कार्यवाही के बारे में 10 बिंदुओं पर 11 अक्तूबर 2018 को जानकारी मांगी थी। आवेदन मिलने के बाद जिला अस्पताल के जनसूचना अधिकारी ने इस मामले में कोई सूचना नहीं दी। जिसके बाद डिगम्बर सिंह ने 27 नवंबर 2018 को प्रथम अपील जिला सिविल सर्जन प्रदीप कुमार के कार्यालय में की तथा उनसे इस बारे में जानकारी मांगी, लेकिन जिला सिविल सर्जन ने भी इसकी जानकारी नहीं दी। जानकारी मांगने वाले ने कई बार जिला सिविल सर्जन से मौखिक रूप से भी इस बारे में बात की, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई।
बाद में तंग आकर आरटीआई कार्यकर्ता ने 15 जनवरी 2019 को राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। इस पर किशन सिंह अस्पताल प्रकरण की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त अरुण सिंह सांगवान ने जन सूचना अधिकारी व जिला सिविल सर्जन प्रदीप कुमार शर्मा को सूचना नहीं देने के मामले दोषी पाते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा 30 अगस्त को आयोग के सामने पेश होने के आदेश दिए। इस बार भी लापरवाही बरतने पर उचित कार्रवाई करने को भी आयोग ने हिदायत दे दी है।
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होडल शहर की श्याम कालोनी के रहने वाले डिगम्बर सिंह ने आरटीआई कानून के तहत किशन सिंह अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने की अनुमति न देने तथा लाइसेंस जारी करने के लिए संबंधित कार्यवाही के बारे में 10 बिंदुओं पर 11 अक्तूबर 2018 को जानकारी मांगी थी। आवेदन मिलने के बाद जिला अस्पताल के जनसूचना अधिकारी ने इस मामले में कोई सूचना नहीं दी। जिसके बाद डिगम्बर सिंह ने 27 नवंबर 2018 को प्रथम अपील जिला सिविल सर्जन प्रदीप कुमार के कार्यालय में की तथा उनसे इस बारे में जानकारी मांगी, लेकिन जिला सिविल सर्जन ने भी इसकी जानकारी नहीं दी। जानकारी मांगने वाले ने कई बार जिला सिविल सर्जन से मौखिक रूप से भी इस बारे में बात की, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई।
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बाद में तंग आकर आरटीआई कार्यकर्ता ने 15 जनवरी 2019 को राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। इस पर किशन सिंह अस्पताल प्रकरण की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त अरुण सिंह सांगवान ने जन सूचना अधिकारी व जिला सिविल सर्जन प्रदीप कुमार शर्मा को सूचना नहीं देने के मामले दोषी पाते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा 30 अगस्त को आयोग के सामने पेश होने के आदेश दिए। इस बार भी लापरवाही बरतने पर उचित कार्रवाई करने को भी आयोग ने हिदायत दे दी है।
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