{"_id":"67d726d05a087731e20f9f3b","slug":"23-deaths-are-happening-every-month-due-to-ignorance-of-rules-administration-is-helpless-palwal-news-c-24-1-gr11004-112726-2025-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: नियमों की अनदेखी से हर माह हो रहीं 23 मौत, प्रशासन बेबस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: नियमों की अनदेखी से हर माह हो रहीं 23 मौत, प्रशासन बेबस
विज्ञापन
सड़कों पर खड़े वाहन बने हादसों की वजह,, अतिक्रमण और जाम की समस्या गहराई
सचिन कुमार
पलवल। शहर की सड़कों पर नो पार्किंग के नियमों की अनदेखी और अवैध अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाईवे, सर्विस रोड और मुख्य चौक-चौराहों पर वाहनों की मनमानी पार्किंग से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि जिन जगहों पर नो पार्किंग के बोर्ड लगे हैं, वहां भी ऑटो और निजी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। इस वजह से पैदल चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ट्रैफिक जाम भी एक आम समस्या बन गई है।
सड़कों पर खड़े वाहनों की वजह से कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका समय तो बर्बाद होता ही है, लेकिन कई बार आवश्यक कार्य भी समय पर नहीं हो पाते, जिससे उनका नुकसान भी हो जाता है। कई बार नियम तोड़ने वालों पर चालान की कार्रवाई की जाती है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
हर माह 50 से ज्यादा घायल
अगर 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हालात बेहद गंभीर हैं। इस साल अब तक कुल 271 घातक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 283 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि हर महीने औसतन 23 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं, 28 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
विज्ञापन
छोटी-छोटी दुर्घटनाओं की संख्या भी चिंताजनक है। इस साल ऐसे 303 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 308 लोग घायल हुए हैं। इनमें 51 महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़े यह साबित करते हैं कि शहर की सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या बढ़ा रहे हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा बन रहे हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या
शहर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इन स्थानों पर दिनभर ट्रैफिक जाम लगा रहता है। सुबह और शाम के समय तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। खासकर स्कूल, दफ्तर और बाजार खुलने और बंद होने के समय सड़क पर वाहन रेंगते नजर आते हैं। कुछ प्रमुख क्षेत्र जहां यह समस्या अधिक गंभीर है :
बस अड्डा चौक
अलावलपुर चौक
किठवाड़ी चौक
रसूलपुर चौक
आगरा चौक
एनएच-19 के प्रमुख चौक
बधौला गांव के पास मुख्य मार्ग
इन इलाकों में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और अन्य छोटे वाहनों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर में नहीं है सरकारी पार्किंग, प्रशासन मूकदर्शक
शहरवासियों के लिए सरकारी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन कई बार पार्किंग बनाने की योजनाओं पर चर्चा कर चुका है और प्रस्ताव भी पास किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। इसके चलते लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे ही खड़ा कर देते हैं। आधिकारिक पार्किंग न होने से वाहन चालक मजबूरी में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। जिन इलाकों में पार्किंग की जरूरत सबसे ज्यादा है, वहां या तो जमीन नहीं है या प्रशासन की उदासीनता के चलते काम शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते शहर के प्रमुख बाजारों, सरकारी कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक की समस्या बढ़ती जा रही है।
स्थानीय रेहड़ी-पटरी और ऑटो चालकों की मनमानी
अवैध पार्किंग के अलावा फुटपाथों पर कब्जा करने वाले दुकानदार और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ऑटो-रिक्शा भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। कई जगहों पर दुकानदार फुटपाथ पर अपना सामान रख देते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे न केवल दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, बल्कि ट्रैफिक भी बाधित होता है। इसके अलावा, ऑटो-रिक्शा चालक सवारियों के इंतजार में सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति और भी बिगड़ जाती है। नो पार्किंग एरिया में भी ऑटो चालकों की मनमानी देखने को मिलती है, लेकिन इस पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
अगर मल्टी-लेवल पार्किंग बना दी जाए तो सड़कें खाली हो जाएंगी और हमें रोज जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।- पार्श्रम, स्थानीय निवासी
अगर फुटपाथ से अतिक्रमण हटा दिया जाए तो हमें सड़क पर चलकर जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। - धर्मपाल
अगर प्रशासन सही से ऑटो स्टैंड बनवा दें तो सड़क पर ऑटो खड़े होने से जाम नहीं लगेगा। - नितेश
अगर चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ा दी जाए तो सड़कें ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएंगी। - शिवहरी
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
उल्टी दिशा में चलने वाले वाहन बन रहे हादसों की वजह
शहर की सड़कों पर उल्टी दिशा में वाहन चलाने की लापरवाही बढ़ती जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हाईवे, सर्विस रोड और भीड़-भाड़ वाले चौक-चौराहों पर कुछ वाहन चालक गलत दिशा में जाकर न सिर्फ ट्रैफिक बाधित कर रहे हैं, बल्कि लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। कई बार जल्दबाजी या ट्रैफिक से बचने के लिए लोग नियम तोड़ते हैं, लेकिन इसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
नो पार्किंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। चालान अभियान जारी है, साथ ही जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर बोर्ड और साइन लगाए जा रहे हैं। -जितेंद्र कुमार, यातायात प्रभारी
विज्ञापन
सचिन कुमार
पलवल। शहर की सड़कों पर नो पार्किंग के नियमों की अनदेखी और अवैध अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाईवे, सर्विस रोड और मुख्य चौक-चौराहों पर वाहनों की मनमानी पार्किंग से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि जिन जगहों पर नो पार्किंग के बोर्ड लगे हैं, वहां भी ऑटो और निजी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। इस वजह से पैदल चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ट्रैफिक जाम भी एक आम समस्या बन गई है।
सड़कों पर खड़े वाहनों की वजह से कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका समय तो बर्बाद होता ही है, लेकिन कई बार आवश्यक कार्य भी समय पर नहीं हो पाते, जिससे उनका नुकसान भी हो जाता है। कई बार नियम तोड़ने वालों पर चालान की कार्रवाई की जाती है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
विज्ञापन
हर माह 50 से ज्यादा घायल
अगर 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हालात बेहद गंभीर हैं। इस साल अब तक कुल 271 घातक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 283 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि हर महीने औसतन 23 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं, 28 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
विज्ञापन
छोटी-छोटी दुर्घटनाओं की संख्या भी चिंताजनक है। इस साल ऐसे 303 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 308 लोग घायल हुए हैं। इनमें 51 महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़े यह साबित करते हैं कि शहर की सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या बढ़ा रहे हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा बन रहे हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या
शहर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इन स्थानों पर दिनभर ट्रैफिक जाम लगा रहता है। सुबह और शाम के समय तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। खासकर स्कूल, दफ्तर और बाजार खुलने और बंद होने के समय सड़क पर वाहन रेंगते नजर आते हैं। कुछ प्रमुख क्षेत्र जहां यह समस्या अधिक गंभीर है :
बस अड्डा चौक
अलावलपुर चौक
किठवाड़ी चौक
रसूलपुर चौक
आगरा चौक
एनएच-19 के प्रमुख चौक
बधौला गांव के पास मुख्य मार्ग
इन इलाकों में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और अन्य छोटे वाहनों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर में नहीं है सरकारी पार्किंग, प्रशासन मूकदर्शक
शहरवासियों के लिए सरकारी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन कई बार पार्किंग बनाने की योजनाओं पर चर्चा कर चुका है और प्रस्ताव भी पास किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। इसके चलते लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे ही खड़ा कर देते हैं। आधिकारिक पार्किंग न होने से वाहन चालक मजबूरी में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। जिन इलाकों में पार्किंग की जरूरत सबसे ज्यादा है, वहां या तो जमीन नहीं है या प्रशासन की उदासीनता के चलते काम शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते शहर के प्रमुख बाजारों, सरकारी कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक की समस्या बढ़ती जा रही है।
स्थानीय रेहड़ी-पटरी और ऑटो चालकों की मनमानी
अवैध पार्किंग के अलावा फुटपाथों पर कब्जा करने वाले दुकानदार और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ऑटो-रिक्शा भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। कई जगहों पर दुकानदार फुटपाथ पर अपना सामान रख देते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे न केवल दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, बल्कि ट्रैफिक भी बाधित होता है। इसके अलावा, ऑटो-रिक्शा चालक सवारियों के इंतजार में सड़क किनारे अपने वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति और भी बिगड़ जाती है। नो पार्किंग एरिया में भी ऑटो चालकों की मनमानी देखने को मिलती है, लेकिन इस पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
अगर मल्टी-लेवल पार्किंग बना दी जाए तो सड़कें खाली हो जाएंगी और हमें रोज जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।- पार्श्रम, स्थानीय निवासी
अगर फुटपाथ से अतिक्रमण हटा दिया जाए तो हमें सड़क पर चलकर जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। - धर्मपाल
अगर प्रशासन सही से ऑटो स्टैंड बनवा दें तो सड़क पर ऑटो खड़े होने से जाम नहीं लगेगा। - नितेश
अगर चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ा दी जाए तो सड़कें ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएंगी। - शिवहरी
उल्टी दिशा में चलने वाले वाहन बन रहे हादसों की वजह
शहर की सड़कों पर उल्टी दिशा में वाहन चलाने की लापरवाही बढ़ती जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हाईवे, सर्विस रोड और भीड़-भाड़ वाले चौक-चौराहों पर कुछ वाहन चालक गलत दिशा में जाकर न सिर्फ ट्रैफिक बाधित कर रहे हैं, बल्कि लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। कई बार जल्दबाजी या ट्रैफिक से बचने के लिए लोग नियम तोड़ते हैं, लेकिन इसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ता है।
नो पार्किंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। चालान अभियान जारी है, साथ ही जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर बोर्ड और साइन लगाए जा रहे हैं। -जितेंद्र कुमार, यातायात प्रभारी