{"_id":"5c1bd089bdec2256fe7bcf81","slug":"181545326729-palwal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरने पर बैठे किसानों ने लगाया सरकार पर भेदभाव का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरने पर बैठे किसानों ने लगाया सरकार पर भेदभाव का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार पर लगाया भेदभाव करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
हथीन। दिल्ली-मुंबई, वडोदरा राजमार्ग के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन का मुआवजा गुरुग्राम की तर्ज पर देने के लिए किसानों का तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि इसी राजमार्ग के लिए एक स्थान पर जमीन का मुआवजा तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ दिया जा रहा है दूसरी तरफ मात्र एक करोड़ 62 लाख रुपये। यह किसानों के साथ अन्याय है। इसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। दिल्ली-मुंबई-वडोदरा राजमार्ग के लिए पलवल जिले के बड़े गांव मंडकौला की भी काफी जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसके अलावा केएमपी के लिए भी मंडकौला में गोलाई के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। किसानों को जब इस बात की जानकारी मिली कि उन्हें जमीन अधिग्रहण करने पर एक एकड़ का एक करोड़, 62 लाख रुपये मुआवजा तय किया गया है। जबकि इसी राजमार्ग के लिए गुरूग्राम में एक एकड़ के लिए तीन करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। इस बात की जानकारी मिलते ही किसानों ने अधिग्रहण का विरोध करना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे किसान राजवीर पोंडरी, नानक मेंबर मिंडकोला, जुगला नंबरदार, भुल्लन, रामपाल, राजेन्द्र, घनश्याम एवं जैकम, सुनील डागर का कहना है कि यदि उन्हें गुरुग्राम की तर्ज पर जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो वे धरना जारी रखेंगे तथा आगे और भी आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हथीन। दिल्ली-मुंबई, वडोदरा राजमार्ग के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन का मुआवजा गुरुग्राम की तर्ज पर देने के लिए किसानों का तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि इसी राजमार्ग के लिए एक स्थान पर जमीन का मुआवजा तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ दिया जा रहा है दूसरी तरफ मात्र एक करोड़ 62 लाख रुपये। यह किसानों के साथ अन्याय है। इसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। दिल्ली-मुंबई-वडोदरा राजमार्ग के लिए पलवल जिले के बड़े गांव मंडकौला की भी काफी जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसके अलावा केएमपी के लिए भी मंडकौला में गोलाई के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। किसानों को जब इस बात की जानकारी मिली कि उन्हें जमीन अधिग्रहण करने पर एक एकड़ का एक करोड़, 62 लाख रुपये मुआवजा तय किया गया है। जबकि इसी राजमार्ग के लिए गुरूग्राम में एक एकड़ के लिए तीन करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। इस बात की जानकारी मिलते ही किसानों ने अधिग्रहण का विरोध करना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे किसान राजवीर पोंडरी, नानक मेंबर मिंडकोला, जुगला नंबरदार, भुल्लन, रामपाल, राजेन्द्र, घनश्याम एवं जैकम, सुनील डागर का कहना है कि यदि उन्हें गुरुग्राम की तर्ज पर जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो वे धरना जारी रखेंगे तथा आगे और भी आंदोलन किया जाएगा।