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दूसरे दिन भी की कर्मचारियों ने आठ घंटे की भूख हड़ताल
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:51 PM IST
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दूसरे दिन भी की कर्मचारियों ने आठ घंटे की भूख हड़ताल
पलवल। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर्स दूसरे दिन भी आठ घंटे की भूख हड़ताल पर डटे रहे। यह हड़ताल यूनियन की जिला इकाई के तत्वावधान में पेयजल आपूर्ति एवं सीवर संचालन के कार्यों को नगर निगम और पंचायतों को हस्तांतरित करने के विरोध में अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर हुई।
हड़ताल में महेंद्र सिंह, योगेश शर्मा, सतपाल सिंह कराहणा, हरकेश, बालकिशन शर्मा, राजेश शर्मा, रामदत्त, सतवीर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। अध्यक्षता जिला प्रधान वीर सिह ने की तथा संचालन सचिव विजेंद्र सिंह चौहान ने किया। प्रधान विरेंद्र सिंह डंगवाल ने सरकार पर पीने के पानी का निजीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पानी का निजीकरण जनहित में नहीं है यदि जल आपूर्ति का कार्य निजी हाथों को सौंप दिया जाएगा तो यह गरीब आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगा। आज सरकार की तरफ से हर नागरिक को 70 लीटर पानी प्रतिदिन दिया जा रहा है यदि इसे निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा तो इसके एवज में कंपनियां प्रत्येक नागरिक से धन राशि वसूल करेगी। जबकि सरकार हर नागरिक को निशुल्क शुद्ध पानी पिलाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से सरकार की हठधर्मिता के विरोध में आगामी 27 नवंबर को प्रमुख अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मुख्यालय पंचकूला के कार्यालय का घेराव करने के लिए पहुंचने का आह्वान किया। इस दौरान हड़ताल को कर्मचारी नेता रमेश चन्द, बनवारीलाल, मुमिन खां, अब्दुल गफ्फार, मुहम्मद रफीक बाजडका, राकेश तंवर, लिखीराम, अलाउदीन आदि ने संबोधित किया। इसके बाद कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया।
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पलवल। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर्स दूसरे दिन भी आठ घंटे की भूख हड़ताल पर डटे रहे। यह हड़ताल यूनियन की जिला इकाई के तत्वावधान में पेयजल आपूर्ति एवं सीवर संचालन के कार्यों को नगर निगम और पंचायतों को हस्तांतरित करने के विरोध में अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर हुई।
हड़ताल में महेंद्र सिंह, योगेश शर्मा, सतपाल सिंह कराहणा, हरकेश, बालकिशन शर्मा, राजेश शर्मा, रामदत्त, सतवीर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। अध्यक्षता जिला प्रधान वीर सिह ने की तथा संचालन सचिव विजेंद्र सिंह चौहान ने किया। प्रधान विरेंद्र सिंह डंगवाल ने सरकार पर पीने के पानी का निजीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पानी का निजीकरण जनहित में नहीं है यदि जल आपूर्ति का कार्य निजी हाथों को सौंप दिया जाएगा तो यह गरीब आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगा। आज सरकार की तरफ से हर नागरिक को 70 लीटर पानी प्रतिदिन दिया जा रहा है यदि इसे निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा तो इसके एवज में कंपनियां प्रत्येक नागरिक से धन राशि वसूल करेगी। जबकि सरकार हर नागरिक को निशुल्क शुद्ध पानी पिलाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से सरकार की हठधर्मिता के विरोध में आगामी 27 नवंबर को प्रमुख अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मुख्यालय पंचकूला के कार्यालय का घेराव करने के लिए पहुंचने का आह्वान किया। इस दौरान हड़ताल को कर्मचारी नेता रमेश चन्द, बनवारीलाल, मुमिन खां, अब्दुल गफ्फार, मुहम्मद रफीक बाजडका, राकेश तंवर, लिखीराम, अलाउदीन आदि ने संबोधित किया। इसके बाद कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया।
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