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बहरौला में चोर की पीटकर की गई हत्या का मामला
Updated Sun, 05 Aug 2018 09:56 PM IST
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मीडिया की दखलंदाजी से परेशान ग्रामीण भड़के
-परेशान हैं ग्रामीण, बोले कभी पुलिस तो कभी मीडिया आकर कर रहा तंग
-बहरौला में चोर की पीटकर हत्या का मामला
-तीन दिन बाद भी नहीं हुई शव की शिनाख्त
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। बहरोला गांव में शुक्रवार रात पशु चोरी करने के आरोप में पीट-पीटकर मार डाले गए चोर के शव की पहचान तीन दिन बाद भी नहीं हो पाई है। वहीं, पुलिस ने चोर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए राम किशन को एक दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में सच्चाई जानने के लिए रविवार को अमर उजाला टीम ने गांव बहरौला में जाकर जांच पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए किसी मीडिया से सीधे बात करने से इनकार कर दिया और खेत में स्थित आरोपियों के घर जाने से भी रोक दिया।
श्रद्धाराम के घर पर हुई एक युवक की हत्या के मामले में पूछने पर गांव का कोई भी व्यक्ति इस बारे में बोलने को तैयार नहीं हुआ। एक व्यक्ति ने नाम न छापने पर बताया कि श्रद्धाराम का घर गांव से दो किलोमीटर दूर खेतों पर बना हुआ है। जहां तीनों भाई राम किशन, प्रकाश व वीर सिंह मकान बनाकर रहते हैं तथा यह घटना वहीं की है। बताया गया कि शुक्रवार रात जैसे की गांव के लोगों को जानकारी है तीन चोर उनके घर में घुस आए तथा वहां मच्छरदानी से ढकी भैंसों को खोलकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तीनों भाइयों के जागने पर दो चोर हवाई फायर करते हुए भाग गए तथा एक पकड़कर उन्होंने पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अफवाह से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने तीनों भाइयों में से एक राम किशन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा चोर को ग्रामीणों द्वारा मारने की अफवाह वह बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस अफवाह के बाद कभी गांव में पुलिस जानकारी लेने आ रही है तो कभी मीडिया कर्मी यहां आकर जबरन ग्रामीणों से इस बारे में बयान देने के लिए दबाव बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों ने स्वयं हत्या करने की बात भी कबूल कर ली है, लेकिन उसके बाद भी ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। तीन किलोमीटर दूर आरोपी अपने खेतों पर रह रहे हैं, ऐसे में रात को वहां कोई घटना होने पर भी ग्रामीणों को नहीं पता चल सकता। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो सच्चाई है, उसी के आधार पर कार्रवाई हो, बेवजह उन्हें तंग न किया जाए।
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मानवाधिकार आयोग ने भी लिया है संज्ञान
मानवाधिकार आयोग ने भी पुलिस अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। आयोग की टीम ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि इस मामले में जो भी सच्चाई है, उसके आधार पर कार्रवाई की जाए। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोर की मौत का कारण आंते फटना बताया गया है। सदर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि चोर की हत्या की बात आरोपी राम किशन ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद कबूल ली है तथा उसने पुलिस को दिए बयान में भी यही कहा है कि तीन लोग उनके घर में बंधी भैंसों को चोरी करने आए थे। थाना प्रभारी का कहना है कि मौके पर जांच करने पर मच्छरदानी भी कटी मिली है, जिनमें भैंसें बंधी हुई थीं। उनका कहना है कि मामला माब लिचिंग का नहीं है। कुछ लोगों ने गलत अफवाह फैलाई है।
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-परेशान हैं ग्रामीण, बोले कभी पुलिस तो कभी मीडिया आकर कर रहा तंग
-बहरौला में चोर की पीटकर हत्या का मामला
-तीन दिन बाद भी नहीं हुई शव की शिनाख्त
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। बहरोला गांव में शुक्रवार रात पशु चोरी करने के आरोप में पीट-पीटकर मार डाले गए चोर के शव की पहचान तीन दिन बाद भी नहीं हो पाई है। वहीं, पुलिस ने चोर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए राम किशन को एक दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में सच्चाई जानने के लिए रविवार को अमर उजाला टीम ने गांव बहरौला में जाकर जांच पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए किसी मीडिया से सीधे बात करने से इनकार कर दिया और खेत में स्थित आरोपियों के घर जाने से भी रोक दिया।
श्रद्धाराम के घर पर हुई एक युवक की हत्या के मामले में पूछने पर गांव का कोई भी व्यक्ति इस बारे में बोलने को तैयार नहीं हुआ। एक व्यक्ति ने नाम न छापने पर बताया कि श्रद्धाराम का घर गांव से दो किलोमीटर दूर खेतों पर बना हुआ है। जहां तीनों भाई राम किशन, प्रकाश व वीर सिंह मकान बनाकर रहते हैं तथा यह घटना वहीं की है। बताया गया कि शुक्रवार रात जैसे की गांव के लोगों को जानकारी है तीन चोर उनके घर में घुस आए तथा वहां मच्छरदानी से ढकी भैंसों को खोलकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तीनों भाइयों के जागने पर दो चोर हवाई फायर करते हुए भाग गए तथा एक पकड़कर उन्होंने पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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अफवाह से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने तीनों भाइयों में से एक राम किशन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा चोर को ग्रामीणों द्वारा मारने की अफवाह वह बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस अफवाह के बाद कभी गांव में पुलिस जानकारी लेने आ रही है तो कभी मीडिया कर्मी यहां आकर जबरन ग्रामीणों से इस बारे में बयान देने के लिए दबाव बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों ने स्वयं हत्या करने की बात भी कबूल कर ली है, लेकिन उसके बाद भी ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। तीन किलोमीटर दूर आरोपी अपने खेतों पर रह रहे हैं, ऐसे में रात को वहां कोई घटना होने पर भी ग्रामीणों को नहीं पता चल सकता। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो सच्चाई है, उसी के आधार पर कार्रवाई हो, बेवजह उन्हें तंग न किया जाए।
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मानवाधिकार आयोग ने भी लिया है संज्ञान
मानवाधिकार आयोग ने भी पुलिस अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। आयोग की टीम ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि इस मामले में जो भी सच्चाई है, उसके आधार पर कार्रवाई की जाए। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोर की मौत का कारण आंते फटना बताया गया है। सदर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि चोर की हत्या की बात आरोपी राम किशन ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद कबूल ली है तथा उसने पुलिस को दिए बयान में भी यही कहा है कि तीन लोग उनके घर में बंधी भैंसों को चोरी करने आए थे। थाना प्रभारी का कहना है कि मौके पर जांच करने पर मच्छरदानी भी कटी मिली है, जिनमें भैंसें बंधी हुई थीं। उनका कहना है कि मामला माब लिचिंग का नहीं है। कुछ लोगों ने गलत अफवाह फैलाई है।