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देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन भी रहा पूरा असर
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मांगे नहीं मानी तो होगा आंदोलन
- देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों ने जुलूस निकाल किया प्रदर्शन, 21 फरवरी को संसद घेराव का निर्णय
- अधिकतर सरकारी विभागों के कामकाज ठप, लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी सरकारी कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा तथा नौकरी पर न जाकर शहर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 21 फरवरी को संसद घेराव करने का भी निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी 12 सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन इतना बढ़ जाएगा कि सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ जाएगा। हड़ताल के दूसरे दिन कुछ सरकारी बैंक भी बंद रहे। जिससे आम उपभोक्ताओं व व्यापारियों को भी बेहद परेशानी उठानी पड़ी। वहीं सरकारी कार्यालयों में काम के लिए आए लोगों को भी काफी परेशानी हुई।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरे दिन भी व्यापक असर रहा। हड़ताल के कारण बिजली, जन स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन, आईटीआई, हुड्डा, नगर परिषद आदि अनेक विभागों में कामकाज ठप रहा। बिजली के सब डिवीजन, डिवीजन, शिकायत केन्द्र सुनसान पड़े रहे। बिजली व बिल संबंधित शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाया। पुलिस द्वारा सुरक्षा मुहैया कराने के आश्वासन के बाद रोडवेज प्रशासन विभाग ने बसों को चलाया लेकिन कर्मचारियों ने जहां-तहां बसों का चक्का जाम कर दिया। हड़ताल में आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड-डे-मील वर्करों ने भारी संख्या में भाग लिया। सभी विभागों के कर्मचारी अपने-अपने कार्य स्थलों पर एकत्रित हुए और शहर में जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए बस अड्डे पर पहुंचे। जहां मजदूरों व कर्मचारियों ने सभा का आयोजन किया। जुलूस का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र, सचिव बनवारी लाल, सीटू के जिला अध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी, आंगनबाड़ी की नेता उर्मिला रावत, आशा वर्कर की नेता गीता, मिड-डे-मील ग्रामीण चौकीदार ज्ञानेंद्र, सफाई कर्मचारी चंदरवीर, सर्व कर्मचारी संघ के नेता जितेंद्र तेवतिया, योगेश शर्मा, रंगा, हंसराज ने किया।
बाद में रोडवेज बस अड्डे पर आयोजित सभा में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रांतीय महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार के सभी षड्यंत्रों के बावजूद प्रदेश में हड़ताल सफल रही। उन्होंने बताया कि सरकार जनसेवा के विभागों में ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग की नीतियों को तेज गति से लागू कर रही है। हरियाणा गठन के समय प्रदेश की जनसंख्या 1.25 करोड़ थी और तब नियमित कर्मचारियों की संख्या चार लाख थी। आज प्रदेश की जनसंख्या करीब तीन करोड़ है और कर्मचारियों की संख्या 2.75 लाख है। प्रदेश में करीब पांच लाख पद सरकारी विभागों में खाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतन भत्ते देने, न्यूनतम वेतन 15 हजार देने के वायदों से यूटर्न ले रही है। सीटू के जिला अध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील वर्करों व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ किए समझौतों को लागू नहीं करके विश्वासघात कर रही है। जिसे सहन नहीं किया जायेगा। सभा में हकस के जिला अध्यक्ष जिले सिंह भड़ाना, सकसं के जिला सचिव बनवारी लाल, कोषाध्यक्ष देवी सिंह सहजवार, कर्मचारी संघ हरियाणा के रिटायर्ड जिला अध्यक्ष बिधू सिंह, रोडवेज तालमेल कमेटी के नेता गंगाराम, तेवतिया और रामरती आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
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पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक पर लटका रहा ताला
हड़ताल के दौरान पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक पर ताला लगा रहा तथा बाहर हड़ताल का बोर्ड लटका हुआ था। जिस कारण बैंक आए उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। इनके अलावा अन्य कई सरकारी बैंक भी बंद रहे तथा कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
पुलिस व प्रशासन रहा सतर्क
कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल को लेकर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। कर्मचारियों के जुलूस के दौरान जहां पुलिस कर्मी कर्मचारियों के साथ-साथ चलते रहे, वहीं बस अड्डा पर भी पुलिस कर्मी तैनात थे। कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए पुलिस पूरी तरह से निगरानी रखे थे। प्रशासन द्वारा विडियोग्राफी भी कराई।
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- देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों ने जुलूस निकाल किया प्रदर्शन, 21 फरवरी को संसद घेराव का निर्णय
- अधिकतर सरकारी विभागों के कामकाज ठप, लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी सरकारी कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा तथा नौकरी पर न जाकर शहर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 21 फरवरी को संसद घेराव करने का भी निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी 12 सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन इतना बढ़ जाएगा कि सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ जाएगा। हड़ताल के दूसरे दिन कुछ सरकारी बैंक भी बंद रहे। जिससे आम उपभोक्ताओं व व्यापारियों को भी बेहद परेशानी उठानी पड़ी। वहीं सरकारी कार्यालयों में काम के लिए आए लोगों को भी काफी परेशानी हुई।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरे दिन भी व्यापक असर रहा। हड़ताल के कारण बिजली, जन स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन, आईटीआई, हुड्डा, नगर परिषद आदि अनेक विभागों में कामकाज ठप रहा। बिजली के सब डिवीजन, डिवीजन, शिकायत केन्द्र सुनसान पड़े रहे। बिजली व बिल संबंधित शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाया। पुलिस द्वारा सुरक्षा मुहैया कराने के आश्वासन के बाद रोडवेज प्रशासन विभाग ने बसों को चलाया लेकिन कर्मचारियों ने जहां-तहां बसों का चक्का जाम कर दिया। हड़ताल में आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड-डे-मील वर्करों ने भारी संख्या में भाग लिया। सभी विभागों के कर्मचारी अपने-अपने कार्य स्थलों पर एकत्रित हुए और शहर में जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए बस अड्डे पर पहुंचे। जहां मजदूरों व कर्मचारियों ने सभा का आयोजन किया। जुलूस का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र, सचिव बनवारी लाल, सीटू के जिला अध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी, आंगनबाड़ी की नेता उर्मिला रावत, आशा वर्कर की नेता गीता, मिड-डे-मील ग्रामीण चौकीदार ज्ञानेंद्र, सफाई कर्मचारी चंदरवीर, सर्व कर्मचारी संघ के नेता जितेंद्र तेवतिया, योगेश शर्मा, रंगा, हंसराज ने किया।
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बाद में रोडवेज बस अड्डे पर आयोजित सभा में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रांतीय महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार के सभी षड्यंत्रों के बावजूद प्रदेश में हड़ताल सफल रही। उन्होंने बताया कि सरकार जनसेवा के विभागों में ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग की नीतियों को तेज गति से लागू कर रही है। हरियाणा गठन के समय प्रदेश की जनसंख्या 1.25 करोड़ थी और तब नियमित कर्मचारियों की संख्या चार लाख थी। आज प्रदेश की जनसंख्या करीब तीन करोड़ है और कर्मचारियों की संख्या 2.75 लाख है। प्रदेश में करीब पांच लाख पद सरकारी विभागों में खाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतन भत्ते देने, न्यूनतम वेतन 15 हजार देने के वायदों से यूटर्न ले रही है। सीटू के जिला अध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील वर्करों व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ किए समझौतों को लागू नहीं करके विश्वासघात कर रही है। जिसे सहन नहीं किया जायेगा। सभा में हकस के जिला अध्यक्ष जिले सिंह भड़ाना, सकसं के जिला सचिव बनवारी लाल, कोषाध्यक्ष देवी सिंह सहजवार, कर्मचारी संघ हरियाणा के रिटायर्ड जिला अध्यक्ष बिधू सिंह, रोडवेज तालमेल कमेटी के नेता गंगाराम, तेवतिया और रामरती आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
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पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक पर लटका रहा ताला
हड़ताल के दौरान पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक पर ताला लगा रहा तथा बाहर हड़ताल का बोर्ड लटका हुआ था। जिस कारण बैंक आए उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। इनके अलावा अन्य कई सरकारी बैंक भी बंद रहे तथा कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
पुलिस व प्रशासन रहा सतर्क
कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल को लेकर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। कर्मचारियों के जुलूस के दौरान जहां पुलिस कर्मी कर्मचारियों के साथ-साथ चलते रहे, वहीं बस अड्डा पर भी पुलिस कर्मी तैनात थे। कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए पुलिस पूरी तरह से निगरानी रखे थे। प्रशासन द्वारा विडियोग्राफी भी कराई।