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ट्रायल के लिए चलाई ट्रेन 18 ने मात्र 18 सेकेंड में पार किया पलवल रेलवे स्टेशन
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ट्रायल के लिए चलाई ट्रेन 18 ने मात्र 18 सेकेंड में पार किया पलवल रेलवे स्टेशन
पलवल। बिना इंजन वाली ट्रेन 18 का बृहस्पतिवार को हुए ट्रायल को लेकर पलवल रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों व रेलवे पुलिस द्वारा पूरे इंतजाम किए हुए थे, ताकि पलवल सीमा कोई बाधा न आए। ट्रायल के दौरान पलवल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन 18 दोपहर एक बजे, 16 मिनट में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती हुई आई तथा मात्र 18 सेकेंड में ही रेलवे स्टेशन को पार करते हुए निकल गई। ट्रायल से पहले पलवल में भी अन्य स्थानों की तरह पटरियों की जांच की गई। आरपीएफ के नरबीर सिंह रावत और जीआरपी के भीम सिंह ने बताया कि ट्रेन की गति को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए।
स्टेशन मास्टर लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि देश की पहली सबसे तेज गति से चलने वाली बिना इंजन की ट्रेन 18 में 16 कोच होंगे जिनमें 2 कोच एक्जीक्यूटिव क्लास के होंगे। ट्रेन के अंदर 1196 व्यक्ति सफर कर सकेंगे। प्रत्येक कोच 360 डिग्री तक घूमने वाली सीटों का प्रयोग किया गया है। बिजली की बचत के एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम हैं। पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन में पैसेंजर को पूरी सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
शर्मा ने बताया कि ट्रेन को पीएम नरेन्द्र मोदी 29 दिसंबर को वाराणसी में हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना करेंगे। शुरू में दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी, बाद में इसे अन्य रूटों में पर भी चलाया जाएगा
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पलवल। बिना इंजन वाली ट्रेन 18 का बृहस्पतिवार को हुए ट्रायल को लेकर पलवल रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों व रेलवे पुलिस द्वारा पूरे इंतजाम किए हुए थे, ताकि पलवल सीमा कोई बाधा न आए। ट्रायल के दौरान पलवल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन 18 दोपहर एक बजे, 16 मिनट में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती हुई आई तथा मात्र 18 सेकेंड में ही रेलवे स्टेशन को पार करते हुए निकल गई। ट्रायल से पहले पलवल में भी अन्य स्थानों की तरह पटरियों की जांच की गई। आरपीएफ के नरबीर सिंह रावत और जीआरपी के भीम सिंह ने बताया कि ट्रेन की गति को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए।
स्टेशन मास्टर लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि देश की पहली सबसे तेज गति से चलने वाली बिना इंजन की ट्रेन 18 में 16 कोच होंगे जिनमें 2 कोच एक्जीक्यूटिव क्लास के होंगे। ट्रेन के अंदर 1196 व्यक्ति सफर कर सकेंगे। प्रत्येक कोच 360 डिग्री तक घूमने वाली सीटों का प्रयोग किया गया है। बिजली की बचत के एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम हैं। पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन में पैसेंजर को पूरी सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
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शर्मा ने बताया कि ट्रेन को पीएम नरेन्द्र मोदी 29 दिसंबर को वाराणसी में हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना करेंगे। शुरू में दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी, बाद में इसे अन्य रूटों में पर भी चलाया जाएगा
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