{"_id":"522d963445cc384c6f9c0eda66b97aaf","slug":"packs-office-staff-were-absent","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैक्स दफ्तर से नदारद मिले कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैक्स दफ्तर से नदारद मिले कर्मचारी
जींद/ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2013 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहकारी समिति जींद के निरीक्षक जितेेंद्र कौशिक ने वीरवार को हरियाणा के जिला जींद के गांव अहिरका में स्थित पैक्स कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
दोपहर एक बजे कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारी नदारद मिले और कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। निरीक्षक ने गांव के मौजिज व्यक्तियों और सरपंच को भी अवगत कराया।
निरीक्षक ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है। सहकारी समिति जींद तीन के निरीक्षक जितेंद्र कौशिक ने वीरवार को गांव अहिरका के पैक्स कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
जब वह कार्यालय पर पहुंचे तो दोपहर एक बजे तक कार्यालय पर ताला लगा हुआ था और एक भी कर्मचारी वहां पर मौजूद नहीं था।
उन्होंने बताया कि उनके पास बार-बार शिकायत आ रही थी कि गांव अहिरका के पैक्स कार्यालय में कोई कर्मचारी नहीं मिलता है। इसके चलते किसानों को खाद तथा अन्य काम करवाने के लिए परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
कार्यालय में कोई भी कर्मचारी न मिलने के चलते ग्रामीण कार्यालय के चक्कर काटते रहते है, लेकिन वहां पर कर्मचारी तैनात न होने के चलते किसानों का कोई भी कार्य नहीं हो पाता है।
विज्ञापन
दोपहर एक बजे कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारी नदारद मिले और कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। निरीक्षक ने गांव के मौजिज व्यक्तियों और सरपंच को भी अवगत कराया।
निरीक्षक ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है। सहकारी समिति जींद तीन के निरीक्षक जितेंद्र कौशिक ने वीरवार को गांव अहिरका के पैक्स कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
विज्ञापन
जब वह कार्यालय पर पहुंचे तो दोपहर एक बजे तक कार्यालय पर ताला लगा हुआ था और एक भी कर्मचारी वहां पर मौजूद नहीं था।
उन्होंने बताया कि उनके पास बार-बार शिकायत आ रही थी कि गांव अहिरका के पैक्स कार्यालय में कोई कर्मचारी नहीं मिलता है। इसके चलते किसानों को खाद तथा अन्य काम करवाने के लिए परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
कार्यालय में कोई भी कर्मचारी न मिलने के चलते ग्रामीण कार्यालय के चक्कर काटते रहते है, लेकिन वहां पर कर्मचारी तैनात न होने के चलते किसानों का कोई भी कार्य नहीं हो पाता है।