चाचा अभय चौटाला के बयान पर भतीजे दिग्विजय का पलटवार: कहा-घर में जीतकर शोर मचाने वाले गीदड़
शेर और गीदड़ के मुददे पर चाचा अभय चौटाला और भतीजे दिग्विजय चौटाला में ठन गई है। अब भतीजे ने कहा है कि अभय इनेलो के एकमात्र विधायक रह गए हैं। ऐलनाबाद में जीत के बाद अभय चौटाला के बयान पर उन्होंने कहा कि जो लोग घर में जीत के बाद शोर मचाते हैं, वे शेर नहीं, गीदड़ होते हैं। उन्हें घर से बाहर चुनाव लड़कर देखना चाहिए।
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ऐलनाबाद से विधायक अभय चौटाला पर उनके भतीजे दिग्विजय चौटाला ने पलटवार किया है। दिग्विजय ने कहा है कि जो लोग घर में जीतकर शोर मचाते हैं, वे शेर नहीं, बल्कि गीदड़ होते हैं। दिग्विजय ने कहा कि शेर के दहाड़ने की कोई सीमाएं नहीं होती और जो घर से बाहर निकलकर दहाड़ते हैं, वे ही असली शेर होते हैं। यहां जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि वो शेर ही क्या, जिसे खुद को साबित करने के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़े। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में अभय चौटाला की जीत का अंतर पहले से आधा होना दिखाता है कि जनता का उनमें विश्वास आधा रह गया है।
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चौधरी देवीलाल थे असली शेर
दिग्विजय ने यह बयान अभय चौटाला के उस बात पर दिया है। जिसमें अभय ने कहा है कि शेर घायल तो हो सकता है, लेकिन गीदड़ राज नहीं कर सकते। दिग्विजय ने कहा कि असली शेर तो चौधरी देवीलाल थे, जिन्होंने अपने क्षेत्र से और प्रदेश से बाहर निकलकर चुनाव लड़े और जीते। चौधरी देवीलाल के दिखाए रास्ते पर चलते हुए डॉ. अजय सिंह चौटाला ने भी अपना पहला ही चुनाव राजस्थान से लड़ा और जीत हासिल की। इसी तरह उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी अपना पहला चुनाव हिसार से लड़कर जीत हासिल की।
एक सीट वाली पार्टी के नेता में घमंड
इसके बाद फिर उचाना विधानसभा से भी लड़े और रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की। नैना सिंह चौटाला ने भी अपने घर से बाहर निकलकर बाढड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ा और जनता का विश्वास जीता। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अभय सिंह के बड़बोलेपन की वजह से ही आज इनेलो धरातल पर आ गई है और उनके व्यवहार की बदौलत इनेलो के भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। आज हरियाणा देख रहा है कि मात्र एक सीट वाली पार्टी के नेताओं में घमंड सभी दलों से ज्यादा है।
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दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अभय चौटाला आज तक सिर्फ एक बार ही अपने क्षेत्र से बाहर निकलकर कुरुक्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़े हैं, जिसमे उन्हें मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि असली शेर कौन है, इसे प्रदेश की जनता बखूबी समझती है। राजनीति में शेर बातों से नहीं बनते, बल्कि जनता का विश्वास जीतने से बनते हैं।