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शिक्षा के बिना देश की तरक्की संभव नहीं
अमर उजाला मेवात
Updated Wed, 27 Nov 2013 11:22 PM IST
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सामाजिक संस्था मीसास ने बुधवार को नूंह के अलिफ़ इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा के महत्व को लेकर सेमिनार आयोजित किया। इसमें मेवात, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बुद्धजीवियों ने भाग लिया। सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे महाराष्ट्र के मशहूर सहाफी और अपराधी कौन टीवी सीरियल के एडिटर कय्यूम सबा साहिब ने कहा कि तालीम मजहब-ए-इस्लाम की बुनियाद है।
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कुरान मजीद का आगाज़ ही इकरा यानि पढ़ो से हुआ है। इसलिए हर संभव तालीम के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। बदायूं के मशहूर शायर हिलाल बदायूंनी ने कहा कि मिसास ने जो शिक्षा का उजाला फैलाया है, वह सिर्फ नूंह में ही कैद नहीं रहेगा, जल्द पूरे हिंदुस्तान को रोशन करेगा। एवन इंटर प्राइजिज न्यू मुंबई खारघर के एमडी रईस खान ने कहा कि देश की तरक्की के लिए लड़कियों की तालीम जरूरी है।
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मेवात एजुकेशनल एंड सोशल अवेकनिंग सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद याहया सैफ़ी ने कहा कि सभी वर्ग के लोगों के सहयोग से अब संस्था की मेहनत रंग ला रही है। लोगों की लड़कियों की शिक्षा के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। मेवात के सामाजिक कार्यकर्ता रमज़ान चौधरी ने भी लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया। सेमिनार में अनहद संस्था की जुलेखा साहिबा, आमिर, समाज सेवी आज़ाद खान, परवेज़ अख्तर अंसारी, जुबेर अहमद, जुनेद अहमद, इमरान खान, ज़फरूद्दीन इलयासी, वाजिद अली नीमखेड़ा, इमरान घासेड़ा, मेवात विकास सभा के अध्यक्ष दीन मोहम्मद मामलीका आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।
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