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कांग्रेस में फूटे बगावत के सुर
सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2014 10:30 PM IST
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कांग्रेस में अंतर्कलह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। महिला कांग्रेस जिला
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अध्यक्ष पद पर रीना बिरट की नियुक्ति के विरोध में महिला कार्यकर्ताओं ने
मोर्चा खोल दिया है।
वीरवार को कांग्रेस भवन में सांसद डॉ. अशोक तंवर के खिलाफ महिला कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नई अध्यक्ष के अधीन काम न करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेगा। इसके बाद भी न्याय नहीं मिला तो सांसद आवास पर धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सांसद पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया।
नवनियुक्त महिला कांग्रेस जिला प्रधान रीना बिरट के खिलाफ महिला कार्यकर्ता वीरवार को कांग्रेस भवन में एकत्रित हुई। कांग्रेस की जिला प्रवक्ता संजू बाला एडवोकेट, महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष राजरानी जिंदल, पूर्व जिला प्रधान कैलाश रानी, रानी रंधावा, मुन्नी शेखावत, कृष्णा आहुजा, बाबू रानी खन्ना, कोमल रानी, कृष्णा वर्मा, गुड्डी देवी, भूषण रानी, अंगूरी देवी और मोहिनी देवी आदि ने नई नियुक्ति का विरोध किया। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए ऐलान किया कि जब तक रीना को पद से नहीं हटाया जाता जब तक सांसद के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा।
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला प्रवक्ता संजू बाला एडवोकेट ने कहा कि कालांवाली क्षेत्र के गांव ख्योवाली निवासी रीना बिरट को महिला कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि नवनियुक्त अध्यक्ष को यह भी नहीं पता कि सिरसा में कांग्रेस भवन कहां है? उन्होंने कहा कि रीना ने पार्टी की एक भी बैठक में भाग नहीं लिया है और वे प्राथमिक सदस्य तक नहीं है। सांसद ने महिला कार्यकर्ताओं की राय लिए बिना ही रीना को जिलाध्यक्ष बनवा दिया।
सांसद पर लगाए जातिवाद करने के आरोप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात मंच से करते हैं, लेकिन मंच पर महिलाओं को बैठने तक नहीं दिया जाता है। बडे़ मंच पर एक या दो महिलाओं को ही स्थान मिलता है। जब भी किसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए महिला कार्यकर्ता जाती हैं तो पुलिस पहले उनकी तलाशी लेती है। उन्होंने कहा कि महिला जिलाध्यक्ष का चयन मतदान से करवाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने अपनी जाति से संबंधित एक महिला को जिलाध्यक्ष का पद दे दिया। उन्होंने कहा कि सिरसा जिले में अनेक महिला नेत्रियां हैं जो पार्टी के लिए कार्य करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में महिला कांग्रेस द्वारा जल्द ही एक बड़ा सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
सांसद की पत्नी पर गालियां देने का आरोप
पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजरानी जिंदल ने कहा कि सिरसा में जब-जब भी कांग्रेस का कोई सम्मेलन या रैली होती है तो महिला कार्यकर्ताओं की पूरी तरह से अनदेखी की जाती है और उन्हें कोई सम्मान नहीं दिया जाता। उधर, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष कैलाश रानी ने सांसद अशोक तंवर की पत्नी पर गाली-गलौच करने और किसी झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। कैलाश रानी ने बताया कि उनका कसूर इतना था कि वे पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा द्वारा आयोजित एक बैठक में शामिल हुई थी।
इंदौरा दे चुके हैं बगावत के संदेश
लोकसभा चुनाव को लेकर पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा ने सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में राय मांगी थी। इसके बाद इंदौरा ने साफ ऐलान किया था कि यदि कांग्रेस उन्हें सिरसा से उम्मीदवार नहीं बनाती तो वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।
महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सुमित्रा सिंह के निर्देश पर ही महिला जिला अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है। रीना बिरट कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य हैं और सरपंच भी हैं। कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां पर विरोध जताने का भी सबको हक है।
- मलकीत सिंह खोसा, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस, सिरसा
वीरवार को कांग्रेस भवन में सांसद डॉ. अशोक तंवर के खिलाफ महिला कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नई अध्यक्ष के अधीन काम न करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेगा। इसके बाद भी न्याय नहीं मिला तो सांसद आवास पर धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सांसद पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया।
नवनियुक्त महिला कांग्रेस जिला प्रधान रीना बिरट के खिलाफ महिला कार्यकर्ता वीरवार को कांग्रेस भवन में एकत्रित हुई। कांग्रेस की जिला प्रवक्ता संजू बाला एडवोकेट, महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष राजरानी जिंदल, पूर्व जिला प्रधान कैलाश रानी, रानी रंधावा, मुन्नी शेखावत, कृष्णा आहुजा, बाबू रानी खन्ना, कोमल रानी, कृष्णा वर्मा, गुड्डी देवी, भूषण रानी, अंगूरी देवी और मोहिनी देवी आदि ने नई नियुक्ति का विरोध किया। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए ऐलान किया कि जब तक रीना को पद से नहीं हटाया जाता जब तक सांसद के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा।
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला प्रवक्ता संजू बाला एडवोकेट ने कहा कि कालांवाली क्षेत्र के गांव ख्योवाली निवासी रीना बिरट को महिला कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि नवनियुक्त अध्यक्ष को यह भी नहीं पता कि सिरसा में कांग्रेस भवन कहां है? उन्होंने कहा कि रीना ने पार्टी की एक भी बैठक में भाग नहीं लिया है और वे प्राथमिक सदस्य तक नहीं है। सांसद ने महिला कार्यकर्ताओं की राय लिए बिना ही रीना को जिलाध्यक्ष बनवा दिया।
सांसद पर लगाए जातिवाद करने के आरोप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात मंच से करते हैं, लेकिन मंच पर महिलाओं को बैठने तक नहीं दिया जाता है। बडे़ मंच पर एक या दो महिलाओं को ही स्थान मिलता है। जब भी किसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए महिला कार्यकर्ता जाती हैं तो पुलिस पहले उनकी तलाशी लेती है। उन्होंने कहा कि महिला जिलाध्यक्ष का चयन मतदान से करवाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने अपनी जाति से संबंधित एक महिला को जिलाध्यक्ष का पद दे दिया। उन्होंने कहा कि सिरसा जिले में अनेक महिला नेत्रियां हैं जो पार्टी के लिए कार्य करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में महिला कांग्रेस द्वारा जल्द ही एक बड़ा सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
सांसद की पत्नी पर गालियां देने का आरोप
पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजरानी जिंदल ने कहा कि सिरसा में जब-जब भी कांग्रेस का कोई सम्मेलन या रैली होती है तो महिला कार्यकर्ताओं की पूरी तरह से अनदेखी की जाती है और उन्हें कोई सम्मान नहीं दिया जाता। उधर, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष कैलाश रानी ने सांसद अशोक तंवर की पत्नी पर गाली-गलौच करने और किसी झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। कैलाश रानी ने बताया कि उनका कसूर इतना था कि वे पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा द्वारा आयोजित एक बैठक में शामिल हुई थी।
इंदौरा दे चुके हैं बगावत के संदेश
लोकसभा चुनाव को लेकर पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा ने सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में राय मांगी थी। इसके बाद इंदौरा ने साफ ऐलान किया था कि यदि कांग्रेस उन्हें सिरसा से उम्मीदवार नहीं बनाती तो वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।
महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सुमित्रा सिंह के निर्देश पर ही महिला जिला अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है। रीना बिरट कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य हैं और सरपंच भी हैं। कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां पर विरोध जताने का भी सबको हक है।
- मलकीत सिंह खोसा, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस, सिरसा