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महिला अपराध 20 फीसदी और चोरी के मामले 10 प्रतिशत बढ़े
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महेंद्रगढ़ जिले में पिछले साल 40 हत्या, दुष्कर्म के 43, डकैती के छह, लूट के 11 और वाहन चोरी के 369 मामले दर्ज हुए। जबकि साल 2018 में हत्या के 40, दुष्कर्म के 38, डकैती के छह, लूट के पांच और वाहन चोरी के 324 मामले दर्ज हुए थे। साल 2018 में 3425 एफआईआर दर्ज हुई थी जबकि 2019 में 3345 एफआईआर हुई थी। साल 2018 के मुकाबले 2019 में महिला अपराधों में 20 फीसदी जबकि चोरी के 10 फीसदी मामलों में बढ़ोत्तरी हुई।
पुलिस कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे महेंद्रगढ़ जिले में चोरी का ग्राफ बढ़ रहा है। पुुलिस के प्रयास के बावजूद वाहन चोरी, घरों में चोरी व पशु चोरी जैसे मामलों में कमी नहीं आ रही है। चोर मौका पाते ही वारदात को अंजाम देने में नहीं चूकते हैं। ऐसे लोगों के बीच असुरक्षा की भावना रहती है। महेंद्रगढ़ जिला तीन ओर से राजस्थान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इंटर स्टेट क्राइम भी एक गंभीर समस्या है। नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली क्षेत्र में चोर चोरी की वारदातों को अंजाम देकर आसानी से राजस्थान में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्र में चोरी एक प्रमुख समस्या है।
वहीं जिले में भी महिलाओं सुरक्षा भी एक गंभीर विषय है। जिले में महिला अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए जिला स्तर पर एक महिला थाना नारनौल में स्थापित है। अभी ब्लॉक स्तर पर महिला थाने नहीं खोले जा सके हैं। ऐसे में पूरे जिले का महिला अपराध का जिम्मा महिला थाने पर है। ऐसे में कनीना व नांगल चौधरी जैसे क्षेत्रों में महिला पुलिस को पहुंचने में देरी लगती है। इसके साथ ही महिला पुलिस कर्मचारियों पर भी काम का दबाव होता है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साल 2018 में दुष्कर्म के 38, दुष्कर्म के प्रयास के एक व पॉक्सो एक्ट के 42 मामले दर्ज हुए थे। वहीं साल 2019 में दुष्कर्म के 43, दुष्कर्म के प्रयास के नौ व पॉक्सो एक्ट के 64, दहेज उत्पीड़न के 70 व छेड़छाड़ के 97 मामले दर्ज हुए थे। महिलाओं से संबंधित अपराधों को देखे तो करीब 384 मामले पिछले साल दर्ज हुए। इसमें दुष्कर्म, दुष्कर्म का प्रयास, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़छाड़ पॉक्सो समेत अन्य मामले शामिल हैं। साल 2018 में महिलाओं से संबंधित करीब 319 केस दर्ज हुए थे। महिला अपराधों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
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15 फीसदी ही मामलों का खुलासा
पिछले साल चोरी के कुल 539 मामले आए थे। इसमें से करीब 82 मामलों को पुलिस सुलझा पाई। करीब 15 फीसदी मामलों का पुलिस ने खुलासा हुआ। साल 2018 में 493 मामलों से 90 मामलों का खुलासा हुआ था। साल 2018 के मुकाबले साल 2019 में करीब दस फीसदी चोरी के मामले बढ़े। चोरी के मामलों में घरों की चोरी के 148 में 37, वाहन चोरी 369 में से 48, पशु चोरी के 31 में 10 व सामान्य चोरी के 138 में 22 मामलों का खुलासा हुआ। वहीं साल 2018 में घरों में चोरी के 156 में 30, सामान्य चोरी के 120 में 29, वाहन चोरी के 324 में 50, पशु चोरी के 37 में से 10 मामलों का खुलासा हुआ था।
स्नेचिंग के मामलों में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी
पिछले साल स्नेचिंग के 42 मामलों में 23 मामलों को पुलिस ने सुलझाया था। जबकि बल पूर्वक स्नेचिंग के 29 में 26 मामलों को सुलझाया। साल 2018 में स्नेचिंग के 29 में 16 सुलझे थे। जबकि बल पूर्वक स्नेचिंग 32 में 24 मामले सुलझे थे। हालांकि साल 2018 से अपेक्षा 2019 में 40 फीसदी स्नेचिंग के मामले बढ़े। पिछले साल डकैती के छह मामलों में से दो मामले ही सुलझे। जबकि, लूट के 11 में से आठ मामलों को पुलिस सुलझा पाई।
नशीले पदार्थ के 18 मामले दर्ज हुए
पिछले साल नशीलेे पदार्थ के 18 जबकि साल 2018 में 21 दर्ज हुए थे। इसमें पुलिस ने गांजा, चरस व सुल्फा काफी मात्रा में बरामद किया था। आर्म्स एक्ट में 56 केस दर्ज हुए थे। इसमें सबसे अधिक 57 देसी पिस्टल बरामद हुई। साल 2018 में आर्म्स एक्ट के 38 मामले दर्ज हुए थे। पिछले साल एक्साइज एक्ट के तहत 269 केस दर्ज हुए थे।
जिले में संगीन अपराधों में कमी आई है। काफी हद तक महिला अपराधों पर भी अंकुश लगाया गया। महिला सुरक्षा को लेकर और कदम उठाए जाएंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि लोगों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करें। इसके बाद भी साल 2018 के अपेक्षा 2019 में करीब 100 एफआईआर कम दर्ज हुई हैं। चोरी के मामले में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। विभाग से 25 पुलिस कर्मी मिलने वाले हैं। सभी थानों में दो-दो पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
- दीपक सहारण, एसपी नारनौल
जिले में हुए अपराध
अपराध 2018 2019
मर्डर 41 40
मर्डर का प्रयास 18 28
डकैती 6 6
लूट 5 11
चोरी 493 539
स्नेचिंग 29 42
दुष्कर्म 38 43
दुष्कर्म का प्रयास 1 9
पॉक्सो 42 64
दहेज उत्पीड़न 75 70
छेड़छाड़ 52 97
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पुलिस कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे महेंद्रगढ़ जिले में चोरी का ग्राफ बढ़ रहा है। पुुलिस के प्रयास के बावजूद वाहन चोरी, घरों में चोरी व पशु चोरी जैसे मामलों में कमी नहीं आ रही है। चोर मौका पाते ही वारदात को अंजाम देने में नहीं चूकते हैं। ऐसे लोगों के बीच असुरक्षा की भावना रहती है। महेंद्रगढ़ जिला तीन ओर से राजस्थान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इंटर स्टेट क्राइम भी एक गंभीर समस्या है। नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली क्षेत्र में चोर चोरी की वारदातों को अंजाम देकर आसानी से राजस्थान में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्र में चोरी एक प्रमुख समस्या है।
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वहीं जिले में भी महिलाओं सुरक्षा भी एक गंभीर विषय है। जिले में महिला अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए जिला स्तर पर एक महिला थाना नारनौल में स्थापित है। अभी ब्लॉक स्तर पर महिला थाने नहीं खोले जा सके हैं। ऐसे में पूरे जिले का महिला अपराध का जिम्मा महिला थाने पर है। ऐसे में कनीना व नांगल चौधरी जैसे क्षेत्रों में महिला पुलिस को पहुंचने में देरी लगती है। इसके साथ ही महिला पुलिस कर्मचारियों पर भी काम का दबाव होता है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार साल 2018 में दुष्कर्म के 38, दुष्कर्म के प्रयास के एक व पॉक्सो एक्ट के 42 मामले दर्ज हुए थे। वहीं साल 2019 में दुष्कर्म के 43, दुष्कर्म के प्रयास के नौ व पॉक्सो एक्ट के 64, दहेज उत्पीड़न के 70 व छेड़छाड़ के 97 मामले दर्ज हुए थे। महिलाओं से संबंधित अपराधों को देखे तो करीब 384 मामले पिछले साल दर्ज हुए। इसमें दुष्कर्म, दुष्कर्म का प्रयास, दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़छाड़ पॉक्सो समेत अन्य मामले शामिल हैं। साल 2018 में महिलाओं से संबंधित करीब 319 केस दर्ज हुए थे। महिला अपराधों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
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15 फीसदी ही मामलों का खुलासा
पिछले साल चोरी के कुल 539 मामले आए थे। इसमें से करीब 82 मामलों को पुलिस सुलझा पाई। करीब 15 फीसदी मामलों का पुलिस ने खुलासा हुआ। साल 2018 में 493 मामलों से 90 मामलों का खुलासा हुआ था। साल 2018 के मुकाबले साल 2019 में करीब दस फीसदी चोरी के मामले बढ़े। चोरी के मामलों में घरों की चोरी के 148 में 37, वाहन चोरी 369 में से 48, पशु चोरी के 31 में 10 व सामान्य चोरी के 138 में 22 मामलों का खुलासा हुआ। वहीं साल 2018 में घरों में चोरी के 156 में 30, सामान्य चोरी के 120 में 29, वाहन चोरी के 324 में 50, पशु चोरी के 37 में से 10 मामलों का खुलासा हुआ था।
स्नेचिंग के मामलों में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी
पिछले साल स्नेचिंग के 42 मामलों में 23 मामलों को पुलिस ने सुलझाया था। जबकि बल पूर्वक स्नेचिंग के 29 में 26 मामलों को सुलझाया। साल 2018 में स्नेचिंग के 29 में 16 सुलझे थे। जबकि बल पूर्वक स्नेचिंग 32 में 24 मामले सुलझे थे। हालांकि साल 2018 से अपेक्षा 2019 में 40 फीसदी स्नेचिंग के मामले बढ़े। पिछले साल डकैती के छह मामलों में से दो मामले ही सुलझे। जबकि, लूट के 11 में से आठ मामलों को पुलिस सुलझा पाई।
नशीले पदार्थ के 18 मामले दर्ज हुए
पिछले साल नशीलेे पदार्थ के 18 जबकि साल 2018 में 21 दर्ज हुए थे। इसमें पुलिस ने गांजा, चरस व सुल्फा काफी मात्रा में बरामद किया था। आर्म्स एक्ट में 56 केस दर्ज हुए थे। इसमें सबसे अधिक 57 देसी पिस्टल बरामद हुई। साल 2018 में आर्म्स एक्ट के 38 मामले दर्ज हुए थे। पिछले साल एक्साइज एक्ट के तहत 269 केस दर्ज हुए थे।
जिले में संगीन अपराधों में कमी आई है। काफी हद तक महिला अपराधों पर भी अंकुश लगाया गया। महिला सुरक्षा को लेकर और कदम उठाए जाएंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि लोगों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करें। इसके बाद भी साल 2018 के अपेक्षा 2019 में करीब 100 एफआईआर कम दर्ज हुई हैं। चोरी के मामले में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। विभाग से 25 पुलिस कर्मी मिलने वाले हैं। सभी थानों में दो-दो पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
- दीपक सहारण, एसपी नारनौल
जिले में हुए अपराध
अपराध 2018 2019
मर्डर 41 40
मर्डर का प्रयास 18 28
डकैती 6 6
लूट 5 11
चोरी 493 539
स्नेचिंग 29 42
दुष्कर्म 38 43
दुष्कर्म का प्रयास 1 9
पॉक्सो 42 64
दहेज उत्पीड़न 75 70
छेड़छाड़ 52 97