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Mahendragarh-Narnaul News: आबादी तक पहुंच रहे जंगली जानवर, बढ़ी लोगों की चिंता

Sat, 31 Jan 2026 11:23 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:23 PM IST
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Wild animals are reaching populated areas, raising concerns among residents.
फोटो 01 हुडा सेक्टर में घूमता नील गायों का झुंड। संवाद
नारनौल। जिले में 16655.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जंगल और अरावली पर्वत शृंखला के कारण यहां कई वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास है लेकिन कई बार ये जानवर भटककर आबादी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं जिससे आमजन में भय का माहौल बन जाता है। वीरवार रात नांगल चौधरी क्षेत्र में सड़क पर तेंदुआ दिखाई दिया जबकि शहर के हुडा सेक्टर में नील गायों का झुंड अक्सर नजर आता है।
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नील गाय का झुंड अक्सर आता है नजर
शहर के हुडा सेक्टर में आए दिन नील गायों का झुंड दिखाई देता है। नील गाय वैसे तो जंगली जानवर है लेकिन शाकाहारी होने के कारण इनसे कोई खतरा नहीं होता तो आमजन भी इनकी परवाह नहीं करता है। वन विभाग के अधिकारी के अनुसार, हुडा सेक्टर बसने से पहले यहां भी जंगल ही था और यहां नील गायों का ही बसेरा होता था।
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इन जानवरों का प्राकृतिक आवास है जंगल
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जंगल में तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, खरगोश, लोमड़ी, लकड़बग्घा, सेह, सांप, नेवला, बिज्जू, जंगली बिल्ली व झाऊ मूसा सहित अनेक जानवर विचरते हैं। ऐसे में कई बार रास्ता भटक कर ये जानवर आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं।
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ऐसे बांटा गया है जंगल
जंगल क्षेत्र (हेक्टेयर में)
रिजर्व फोरेस्ट 1662.01
प्रोटक्टेड फोरेस्ट, रोड 1213.92
प्रोटक्टेड फोरेस्ट, नहर 847.44
प्रोटक्टेड फोरेस्ट, बांध 97.68
प्रोटक्टेड फोरेस्ट, रेलवे लाइन 235.22
कॉम्पेक्ट प्रोटक्टेड फोरेस्ट 6539.67
अनक्लास्ड फोरेस्ट 37.94
सेक्शन 38 एक्सपायरी एरिया 544.72
सेक्शन 4 व 5 एक्सपायरी एरिया 1088.52
अरावली एरिया 4388.18
(कुल जंगल क्षेत्र) (16655.3)
वर्जन:
हुडा सेक्टर बनने से पहले यहां जंगल ही था। ऐसे में नील गाय घूमते फिरते यहां आ जाते हैं। घायल होने की दशा में या कोई खूंखार जानवर के आने पर उनको पकड़कर जंगल में छुड़वाया जाता है।-रजनीश कुमार, वन राजिक अधिकारी, नारनौल
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