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‘जंगली जानवर’ पर भड़के व्यापारी
नारनौल
Updated Tue, 08 Jul 2014 12:07 AM IST
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नांगल चौधरी रोड पर बनाई गई नई अनाज, चारा व सब्जी मंडी में दुकानाें के लिए ड्रा तीसरी बार भी नहीं हो पाया। 3 साल 2 माह 7 दिन के लंबे इंतजार के बाद सोमवार लाइसेंसधारी व्यापारी नई अनाज मंडी और सब्जी मंडी में निकाले जाने वाले ड्रा के लिए बड़ी आस लेकर पहुंचे।
डेढ़ घंटे एसडीएम का इंतजार किया। एसडीएम आए और एक प्लॉट की कीमत 39 लाख 67 हजार 556 रुपये बताई। इतनी बड़ी रकम सुनकर व्यापारी शोर मचाकर इसका विरोध करने लगे। इस पर एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ जैसा व्यवहार न करने की हिदायत दी। इन शब्दों को सुनकर व्यापारी भड़क गए और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ड्रा का बहिष्कार कर दिया।
1 मई 2011 को नांगल चौधरी रोड स्थित निर्मित अनाज, सब्जी व चारा मंडियों का उद्घाटन सीएम ने किया था। 65 एकड़ जमीन में फैली इन मंडियों पर 7 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किए गए। मंडी में 60 सब्जी मंडी की और 234 अनाज मंडी की दुकानें निर्धारित की गई है। प्रशासन ने प्लॉटों के ड्रा के लिए पहली दफा 24 अप्रैल को ड्रा निकालने की तिथि निर्धारित की थी। इसके बाद दूसरी बार 27 जून की तारीख तय की गई। इस दौरान एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह लंबे अवकाश पर चले गए जिसके कारण फिर से ड्रा स्थगित हो गया। अब सोमवार को तीसरी बार तिथि निर्धारित कर अनाज मंडी और सब्जी मंडी के लाइसेंसधारी व्यापारियों को बुलाया गया था।
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यूं चला घटनाक्रम
मंडी के मुख्य गेट के पास ही मार्केट कमेटी भवन है। भवन में टेंट लगाया गया था। ड्रा के लिए सुबह साढ़े 11 बजे का टाइम था। ऐसे में सभी व्यापारी आ चुके थे। अधिकारियों की बात करें तो मंच पर ऑब्जर्वर सुनील शर्मा गुड़गांव, डीएमईओ राजकुमार व मार्केट सचिव आदित्य यादव थे। डेढ़ घंटे बाद दोपहर 1 बजे एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह आए और मंच पर रखी कुर्सी पर बैठ गए। सचिव ने एसडीएम को ड्रा प्रक्रिया समझाई। इसके बाद एसडीएम ने प्लॉट के लिए निश्चित राशि 39 लाख 67 हजार 556 रुपये की बात कही।
इतनी भारी रकम सुन व्यापारियों के कान खड़े हो गए और विरोध जताना शुरू कर दिया। व्यापारी कुर्सी से उठ मंच के पास जाकर हो-हल्ला करने लगे। इसी बीच एसडीएम ने व्यापारियों से सभ्य तरीका अपनाने की अपील की और कहा कि ‘जंगली जानवर’ जैसा व्यवहार न करें। जिसे रुचि नहीं है, वह जा सकता है लेकिन माहौल खराब न करें। इतना सुन गुस्साएं व्यापारी ओर गर्म हो गए। उन्होंने कहा कि व्यापारी आपको जंगली जानवर लगते हैं। बस फिर क्या था, शोर शराबा शुरू हो गया। करीब 20 मिनट चले इस घटनाक्रम के बाद दोनों मंडियों के व्यापारी एसडीएम मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मुख्य गेट पर चले गए।
क्या कहते हैं सब्जी मंडी प्रधान
सब्जी मंडी प्रधान अजीत सैनी ने बताया कि लाइसेंसधारी व्यापारियों को प्लॉट ‘नो प्रोफिट-नो लॉस’ पर मिलना चाहिए। इतनी बड़ी रकम गरीब व्यापारी कहां से देगा। इस ड्रा का सब्जी मंडी व्यापारी बहिष्कार करते हैं। दूसरी बात, एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ शब्द से व्यापारियों को संबोधित किया। एसडीएम की इस अपशब्द भाषा के लिए 8 जुलाई को सब्जी मंडी बंद रहेगी।
अनाज मंडी प्रधान का है कहना
अनाज मंडी प्रधान गोबिंदराम ने बताया कि 40 लाख रुपये प्लॉट की राशि ज्यादा है। 10 लाख होती तो भी व्यापारी कुछ सोचते। इतनी बड़ी रकम के लिए ड्रा का अनाज मंडी व्यापारी विरोध व बहिष्कार करते हैं। यहीं नहीं, इस ड्रा के दौरान व्यापारियों को एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ कहा। इस शब्द से व्यापारी भाइयों को ठेस पहुंची है। इसके विरोध में 8 जुलाई को अनाज मंडी बंद रहेगी।
एसडीएम ने दी सफाई
एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह ने बताया कि 20 बाई 15 के एक प्लॉट के लिए 39 लाख 67 हजार 556 रुपये रिजर्व प्राइज सरकार की ओर से निर्धारित किया गया है। इसमें मेरा या जिलास्तर के अधिकारियों का कोई रोल नहीं है। अगर व्यापारियों को रेट ज्यादा लगता है तो वह विरोध कर सकते हैं। यह उनका अधिकार है। वैसे अनाज मंडी और सब्जी मंडी यूनियन ने विरोध स्वरूप ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन को उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा और वहीं इसका निर्णय करेंगे। वह तो सिर्फ प्रतिनिधि के तौर पर आए थे। उन्होंने कहा कि जहां तक व्यापारियों को गलत शब्द बोलने की बात है तो वह स्पष्ट कर दें कि रिजर्व प्राइज सुनकर कुछ व्यापारी मंच की ओर बढ़े थे। काफी शोर शराबा सुनकर उन्होंने कहा था कि आप व्यापारी हैं, जंगली जानवर जैसा व्यवहार न करें। अगर किसी को ड्रा में शामिल नहीं होना है तो वह जा सकता है। इसमें क्या गलत है।
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डेढ़ घंटे एसडीएम का इंतजार किया। एसडीएम आए और एक प्लॉट की कीमत 39 लाख 67 हजार 556 रुपये बताई। इतनी बड़ी रकम सुनकर व्यापारी शोर मचाकर इसका विरोध करने लगे। इस पर एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ जैसा व्यवहार न करने की हिदायत दी। इन शब्दों को सुनकर व्यापारी भड़क गए और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ड्रा का बहिष्कार कर दिया।
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1 मई 2011 को नांगल चौधरी रोड स्थित निर्मित अनाज, सब्जी व चारा मंडियों का उद्घाटन सीएम ने किया था। 65 एकड़ जमीन में फैली इन मंडियों पर 7 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किए गए। मंडी में 60 सब्जी मंडी की और 234 अनाज मंडी की दुकानें निर्धारित की गई है। प्रशासन ने प्लॉटों के ड्रा के लिए पहली दफा 24 अप्रैल को ड्रा निकालने की तिथि निर्धारित की थी। इसके बाद दूसरी बार 27 जून की तारीख तय की गई। इस दौरान एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह लंबे अवकाश पर चले गए जिसके कारण फिर से ड्रा स्थगित हो गया। अब सोमवार को तीसरी बार तिथि निर्धारित कर अनाज मंडी और सब्जी मंडी के लाइसेंसधारी व्यापारियों को बुलाया गया था।
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यूं चला घटनाक्रम
मंडी के मुख्य गेट के पास ही मार्केट कमेटी भवन है। भवन में टेंट लगाया गया था। ड्रा के लिए सुबह साढ़े 11 बजे का टाइम था। ऐसे में सभी व्यापारी आ चुके थे। अधिकारियों की बात करें तो मंच पर ऑब्जर्वर सुनील शर्मा गुड़गांव, डीएमईओ राजकुमार व मार्केट सचिव आदित्य यादव थे। डेढ़ घंटे बाद दोपहर 1 बजे एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह आए और मंच पर रखी कुर्सी पर बैठ गए। सचिव ने एसडीएम को ड्रा प्रक्रिया समझाई। इसके बाद एसडीएम ने प्लॉट के लिए निश्चित राशि 39 लाख 67 हजार 556 रुपये की बात कही।
इतनी भारी रकम सुन व्यापारियों के कान खड़े हो गए और विरोध जताना शुरू कर दिया। व्यापारी कुर्सी से उठ मंच के पास जाकर हो-हल्ला करने लगे। इसी बीच एसडीएम ने व्यापारियों से सभ्य तरीका अपनाने की अपील की और कहा कि ‘जंगली जानवर’ जैसा व्यवहार न करें। जिसे रुचि नहीं है, वह जा सकता है लेकिन माहौल खराब न करें। इतना सुन गुस्साएं व्यापारी ओर गर्म हो गए। उन्होंने कहा कि व्यापारी आपको जंगली जानवर लगते हैं। बस फिर क्या था, शोर शराबा शुरू हो गया। करीब 20 मिनट चले इस घटनाक्रम के बाद दोनों मंडियों के व्यापारी एसडीएम मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मुख्य गेट पर चले गए।
क्या कहते हैं सब्जी मंडी प्रधान
सब्जी मंडी प्रधान अजीत सैनी ने बताया कि लाइसेंसधारी व्यापारियों को प्लॉट ‘नो प्रोफिट-नो लॉस’ पर मिलना चाहिए। इतनी बड़ी रकम गरीब व्यापारी कहां से देगा। इस ड्रा का सब्जी मंडी व्यापारी बहिष्कार करते हैं। दूसरी बात, एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ शब्द से व्यापारियों को संबोधित किया। एसडीएम की इस अपशब्द भाषा के लिए 8 जुलाई को सब्जी मंडी बंद रहेगी।
अनाज मंडी प्रधान का है कहना
अनाज मंडी प्रधान गोबिंदराम ने बताया कि 40 लाख रुपये प्लॉट की राशि ज्यादा है। 10 लाख होती तो भी व्यापारी कुछ सोचते। इतनी बड़ी रकम के लिए ड्रा का अनाज मंडी व्यापारी विरोध व बहिष्कार करते हैं। यहीं नहीं, इस ड्रा के दौरान व्यापारियों को एसडीएम ने ‘जंगली जानवर’ कहा। इस शब्द से व्यापारी भाइयों को ठेस पहुंची है। इसके विरोध में 8 जुलाई को अनाज मंडी बंद रहेगी।
एसडीएम ने दी सफाई
एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह ने बताया कि 20 बाई 15 के एक प्लॉट के लिए 39 लाख 67 हजार 556 रुपये रिजर्व प्राइज सरकार की ओर से निर्धारित किया गया है। इसमें मेरा या जिलास्तर के अधिकारियों का कोई रोल नहीं है। अगर व्यापारियों को रेट ज्यादा लगता है तो वह विरोध कर सकते हैं। यह उनका अधिकार है। वैसे अनाज मंडी और सब्जी मंडी यूनियन ने विरोध स्वरूप ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन को उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा और वहीं इसका निर्णय करेंगे। वह तो सिर्फ प्रतिनिधि के तौर पर आए थे। उन्होंने कहा कि जहां तक व्यापारियों को गलत शब्द बोलने की बात है तो वह स्पष्ट कर दें कि रिजर्व प्राइज सुनकर कुछ व्यापारी मंच की ओर बढ़े थे। काफी शोर शराबा सुनकर उन्होंने कहा था कि आप व्यापारी हैं, जंगली जानवर जैसा व्यवहार न करें। अगर किसी को ड्रा में शामिल नहीं होना है तो वह जा सकता है। इसमें क्या गलत है।