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Mahendragarh-Narnaul News: हरियाणा में नारनौल रहा सबसे गर्म, अभी और बढ़ेगी गर्मी
Tue, 21 Feb 2023 10:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 21 Feb 2023 10:14 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। फाल्गुन की शुरूआत में ही गर्मी चैत्र माह का आभास करवा रही है। ठंड के बाद अब फरवरी में ही गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। रातों में भले ही मामूली ठंड बची हो, लेकिन दिन में चटख धूप रहने से पसीना निकल रहा है। मंगलवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री व न्यूनतम 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन में तापमान में थोडी गिरावट आएगी। इसके बाद फिर तापमान में बढ़ोतरी होगी।
जिले में इस बार फरवरी में ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री पर पहुंच चुका है। फरवरी में मार्च जैसी धूप का अहसास हो रहा है। पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसकी वजह से पवनों की दिशा बदली हुई है। साथ में अरब सागर, गुजरात व पश्चिमी राजस्थान एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है जिसकी वजह से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन को फरवरी में अप्रैल जैसी गर्म का अहसास हो रहा है। धीरे-धीरे गर्मी रफ्तार पकड़ रही है। ऐसी बेमौसमी गर्मी फसलों के लिए हानिकारक है। ठंड नवंबर माह से शुरू हो गई थी लेकिन पूरे सीजन में सिर्फ 40 दिन ही पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हर सीजन में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। संक्रमण काल यानि ट्रांजिशन पीरियड की अवधि भी कम हो रही है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। रात का तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। यह अभी भी सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। मंगलवार को पूरे हरियाणा में नारनौल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है।
ऐसे हो रहे बदलाव
मानसून 20 जून की बजाय 1 जुलाई को आने लगा है।
सर्दी 20 नवंबर की बजाय दिसंबर के अंत में पड़ती है।
-तापमान मार्च के बजाय फरवरी के दूसरे पखवाड़े से ही बढ़ने लगा।
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बदलाव के पीछे ये है वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बदलाव की सबसे खास वजह शहरीकरण है। दूसरी सबसे बड़ी वजह हमारी जीवन शैली में बदलाव होना है। हर साल 20 फीसदी की रफ्तार वाहनों की तादाद बढ़ रही है। मकानों और दुकानों और दफ्तरों में एअर कंडीशनर की संख्या बढ़ती जा रही है। पेड़ काटे जा रहे हैं। आबादी बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि रातें ज्यादा गर्म हैं। पिछले दस साल में ये बढ़ा है।
दो साल पहले भी ऐसा था मौसम
पिछले दो साल पहले भी मौसम ऐसे ही बदला था। 25 फरवरी 2021 को दिन का तापमान 34.5 डिग्री था। वहीं अब 21 फरवरी को दिन का तापमान 35 डिग्री पहुंच गया है जो पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह फरवरी में दिन का अब तक सबसे ज्यादा तापमान है। जो पूरे हरियाणा में पहले स्थान पर है।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने से बढ़ रही गर्मी
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तेजी से बढ़ रही गर्मी के लिए पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है, जो सर्दियों में बारिश कराता है। पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली व एनसीआर और उसके आस-पास के राज्यों में सक्रिय नहीं हुआ, जिसकी वजह से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। वहीं आने वाले दिनों में इसमें और ज्यादा इजाफा होने के आासार हैं।
गेहूं की फसल के लिए प्रतिकूल
फरवरी माह में गेहूं की फसल में बालियों में दाने पड़ने शुरू हो जाते वैं। कृषि विज्ञान के एसडीओ डॉ. सुमित यादव ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए फरवरी माह में तापमान 7 डिग्री से 8 डिग्री अनुकूल माना जाता है। लेकिन इस बार फरवरी माह में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है जो गेहूं की फसल के लिए प्रतिकूल है। तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार पर भी असर पड़ रहा है। पिछले साल भी तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार कम हुई है। डॉ. सुमित यादव ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि गेहूं की फसल में नमी बनाये रखें। वहीं मौसम की अपडेट को ध्यान में रखने हुए गेहूं की फसल में सिंचाई करें। तेज हवाएं चलने पर गेहूं की फसल में सिंचाई न करें।
ऐसे बढ़ा तापमान (सेल्सियस में )
दिनांक - अधिकतम-- न्यूनतम
15 फरवरी-- 30.2 डिग्री - 9.5 डिग्री
16 फरवरी-- 30.0 डिग्री - 10.0 डिग्री
17 फरवरी-- 29.5 डिग्री -- 11.5 डिग्री
18 फरवरी-- 28.5 डिग्री -- 11.5 डिग्री
19 फरवरी-- 29.0 डिग्री -- 11.0 डिग्री
20 फरवरी-- 33.0 डिग्री -- 12.1 डिग्री
21 फरवरी-- 35.0 डिग्री -- 16.1 डिग्री
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नारनौल। फाल्गुन की शुरूआत में ही गर्मी चैत्र माह का आभास करवा रही है। ठंड के बाद अब फरवरी में ही गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। रातों में भले ही मामूली ठंड बची हो, लेकिन दिन में चटख धूप रहने से पसीना निकल रहा है। मंगलवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री व न्यूनतम 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन में तापमान में थोडी गिरावट आएगी। इसके बाद फिर तापमान में बढ़ोतरी होगी।
जिले में इस बार फरवरी में ही अधिकतम तापमान 35 डिग्री पर पहुंच चुका है। फरवरी में मार्च जैसी धूप का अहसास हो रहा है। पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसकी वजह से पवनों की दिशा बदली हुई है। साथ में अरब सागर, गुजरात व पश्चिमी राजस्थान एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है जिसकी वजह से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन को फरवरी में अप्रैल जैसी गर्म का अहसास हो रहा है। धीरे-धीरे गर्मी रफ्तार पकड़ रही है। ऐसी बेमौसमी गर्मी फसलों के लिए हानिकारक है। ठंड नवंबर माह से शुरू हो गई थी लेकिन पूरे सीजन में सिर्फ 40 दिन ही पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हर सीजन में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। संक्रमण काल यानि ट्रांजिशन पीरियड की अवधि भी कम हो रही है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। रात का तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। यह अभी भी सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। मंगलवार को पूरे हरियाणा में नारनौल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है।
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ऐसे हो रहे बदलाव
मानसून 20 जून की बजाय 1 जुलाई को आने लगा है।
सर्दी 20 नवंबर की बजाय दिसंबर के अंत में पड़ती है।
-तापमान मार्च के बजाय फरवरी के दूसरे पखवाड़े से ही बढ़ने लगा।
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बदलाव के पीछे ये है वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बदलाव की सबसे खास वजह शहरीकरण है। दूसरी सबसे बड़ी वजह हमारी जीवन शैली में बदलाव होना है। हर साल 20 फीसदी की रफ्तार वाहनों की तादाद बढ़ रही है। मकानों और दुकानों और दफ्तरों में एअर कंडीशनर की संख्या बढ़ती जा रही है। पेड़ काटे जा रहे हैं। आबादी बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि रातें ज्यादा गर्म हैं। पिछले दस साल में ये बढ़ा है।
दो साल पहले भी ऐसा था मौसम
पिछले दो साल पहले भी मौसम ऐसे ही बदला था। 25 फरवरी 2021 को दिन का तापमान 34.5 डिग्री था। वहीं अब 21 फरवरी को दिन का तापमान 35 डिग्री पहुंच गया है जो पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह फरवरी में दिन का अब तक सबसे ज्यादा तापमान है। जो पूरे हरियाणा में पहले स्थान पर है।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने से बढ़ रही गर्मी
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तेजी से बढ़ रही गर्मी के लिए पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है, जो सर्दियों में बारिश कराता है। पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली व एनसीआर और उसके आस-पास के राज्यों में सक्रिय नहीं हुआ, जिसकी वजह से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। वहीं आने वाले दिनों में इसमें और ज्यादा इजाफा होने के आासार हैं।
गेहूं की फसल के लिए प्रतिकूल
फरवरी माह में गेहूं की फसल में बालियों में दाने पड़ने शुरू हो जाते वैं। कृषि विज्ञान के एसडीओ डॉ. सुमित यादव ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए फरवरी माह में तापमान 7 डिग्री से 8 डिग्री अनुकूल माना जाता है। लेकिन इस बार फरवरी माह में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है जो गेहूं की फसल के लिए प्रतिकूल है। तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार पर भी असर पड़ रहा है। पिछले साल भी तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार कम हुई है। डॉ. सुमित यादव ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि गेहूं की फसल में नमी बनाये रखें। वहीं मौसम की अपडेट को ध्यान में रखने हुए गेहूं की फसल में सिंचाई करें। तेज हवाएं चलने पर गेहूं की फसल में सिंचाई न करें।
ऐसे बढ़ा तापमान (सेल्सियस में )
दिनांक - अधिकतम
15 फरवरी
16 फरवरी
17 फरवरी
18 फरवरी
19 फरवरी
20 फरवरी
21 फरवरी