{"_id":"67c346f72641f76a960e9723","slug":"weather-hits-farmers-now-hope-from-government-narnol-news-c-196-1-nnl1005-121923-2025-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: किसान पर मौसम की मार, अब सरकार से आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: किसान पर मौसम की मार, अब सरकार से आस
Sat, 01 Mar 2025 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:12 PM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर- 11सड़क पर गिरे ओले दिखाता व्यक्ति। संवाद
नारनौल/मंडी अटेली। क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेहूं की फसल जहां पसर गई, वहीं सरसों की टहनी भी टूट कर नीचे गिर गई।
अटेली क्षेत्र के गांवों में शुक्रवार रात करीब सात बजे और नारनौल क्षेत्र में शनिवार अल सुबह बारिश व ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चली। कृषि विभाग की मानें तो 25 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। हालांकि अभी सर्वे किया जाएगा। इसके बाद ही सही नुकसान के आंकड़े मिल सकेंगे।अब किसान बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
अटेली क्षेत्र के गांव खैराणा के सरपंच राहुल यादव व गांव बेवल के सरपंच योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्थानीय किसानों ने ओलों को कट्टों व बोरियों में बांधकर अटेली स्थित कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव के कार्यालय पहुंचे। मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिति में निजी सहायक को ज्ञापन सौंपा गया। बसपा नेता अतरलाल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि फसल नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
इंसंेट
ई-क्षतिपोर्टल नहीं खुला, किसान लगाते रहे सीएससी के चक्कर
शुक्रवार व शनिवार को क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद अब किसान सीएससी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने की वजह से किसान निराश होकर घर लौट गए। इस पोर्टल पर जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, वह फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद फसल खराब होने का सर्वे किया जाता है। सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया जाता है।
इंसेट
फसल बीमा करवाने वाले किसान भी साइट नहीं चलने से रहे परेशान
जिले में शनिवार को करीब 500 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है। हालांकि ओटीपी नहीं आने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है। उन्हें ओलावृष्टि के तीन दिन के अंतराल में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
इंसेट
इन गांवों में हुआ ज्यादा नुकसान
बारिश व ओलावृष्टि से नारनौल और अटेली क्षेत्र के गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। विशेष तौर पर गांव खैराणा, खैराणी, गणियार, बजाड़, चंदपुरा, बेवल, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट, सागरपुर, तिगरा, किरारोद अफगान, बापडौली, चिंडालिया, दौचाना, जादुपुर, बदोपुर, नीरपुर, नूनी, नसीबपुर, सुभाषनगर, शेखपुरा, बड़कोदा, बडगांव, कुतबपुर आदि गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है।
इंसेट
कहां हुई कितनी बारिश :
स्थान बारिश
नारनौल 7.5 एमएम
अटेली 11 एमएम
महेंद्रगढ़ 10 एमएम
सतनाली 8 एमएम
कनीना 3 एमएम
नांगल चौधरी हल्की बूंदा-बांदी
वर्जन :
क्षेत्र में बारिश, ओलावृष्टि और करीब 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से फसल को नुकसान हुआ है। मार्च के पहले पखवाड़े में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं दूसरे पखवाड़े में तापमान में बढ़ोतरी होगी। धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी। वहीं मार्च में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना है।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ।
विज्ञापन
अटेली क्षेत्र के गांवों में शुक्रवार रात करीब सात बजे और नारनौल क्षेत्र में शनिवार अल सुबह बारिश व ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चली। कृषि विभाग की मानें तो 25 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। हालांकि अभी सर्वे किया जाएगा। इसके बाद ही सही नुकसान के आंकड़े मिल सकेंगे।अब किसान बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
अटेली क्षेत्र के गांव खैराणा के सरपंच राहुल यादव व गांव बेवल के सरपंच योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्थानीय किसानों ने ओलों को कट्टों व बोरियों में बांधकर अटेली स्थित कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव के कार्यालय पहुंचे। मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिति में निजी सहायक को ज्ञापन सौंपा गया। बसपा नेता अतरलाल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि फसल नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
इंसंेट
ई-क्षतिपोर्टल नहीं खुला, किसान लगाते रहे सीएससी के चक्कर
शुक्रवार व शनिवार को क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद अब किसान सीएससी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने की वजह से किसान निराश होकर घर लौट गए। इस पोर्टल पर जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, वह फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद फसल खराब होने का सर्वे किया जाता है। सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया जाता है।
इंसेट
फसल बीमा करवाने वाले किसान भी साइट नहीं चलने से रहे परेशान
जिले में शनिवार को करीब 500 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है। हालांकि ओटीपी नहीं आने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है। उन्हें ओलावृष्टि के तीन दिन के अंतराल में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
इंसेट
इन गांवों में हुआ ज्यादा नुकसान
बारिश व ओलावृष्टि से नारनौल और अटेली क्षेत्र के गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। विशेष तौर पर गांव खैराणा, खैराणी, गणियार, बजाड़, चंदपुरा, बेवल, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट, सागरपुर, तिगरा, किरारोद अफगान, बापडौली, चिंडालिया, दौचाना, जादुपुर, बदोपुर, नीरपुर, नूनी, नसीबपुर, सुभाषनगर, शेखपुरा, बड़कोदा, बडगांव, कुतबपुर आदि गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है।
इंसेट
कहां हुई कितनी बारिश :
स्थान बारिश
नारनौल 7.5 एमएम
अटेली 11 एमएम
महेंद्रगढ़ 10 एमएम
सतनाली 8 एमएम
कनीना 3 एमएम
नांगल चौधरी हल्की बूंदा-बांदी
वर्जन :
क्षेत्र में बारिश, ओलावृष्टि और करीब 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से फसल को नुकसान हुआ है। मार्च के पहले पखवाड़े में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं दूसरे पखवाड़े में तापमान में बढ़ोतरी होगी। धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी। वहीं मार्च में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना है।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ।