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निंबेहड़ा माइनर के लिए करना होगा एक साल और इंतजार
bureau
Updated Sun, 14 May 2017 12:32 AM IST
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महेंद्रगढ़। निंबहेड़ा माइनर के लिए ग्रामीणों को एक वर्ष और इंतजार करना होगा। माइनर का काम मार्च 2018 तक पेंडिंग कर दिया गया है।
इस बात की जानकारी सिंचाई विभाग के एक्सईएन श्रवण कुमार लांग्यान ने दी।
एक्सईएन लांग्यान ने बताया कि 5 मई को पंचकूला में विभाग के वित्तायुक्त सचिव अनुराग रस्तोगी ने मीटिंग ली थी। मीटिंग में रस्तोगी ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले में 143 करोड़ रुपये से चल रही मशीनों एवं पंपों की रिपेयरिंग के कार्य को प्राथमिकता दें। जबकि निंबहेड़ा माइनर का कार्य अभी मार्च 2018 के लिए रोक दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। एक्सईएन ने बताया कि 143 करोड़ रुपये से मशीनों एवं पंपों का कार्य पूरा होने के बाद मशीनों के पानी उठाने की क्षमता बढ़ जाएगी। इससे क्षेत्र में पानी की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि पहले वाली मशीनें एवं पंप पुराने हो चुके हैं जिस कारण मशीनें पानी कम उठाती हैं।
आपको बता दें कि 9 अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर निंबेहड़ा माइनर की घोषणा की थी। एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद अभी तक इस नहर में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। अब यह कार्य मार्च 2018 तक के लिए पेंडिंग कर दिया गया। इस नहर के बनने से निंबी, बुडीन, बलायचा, ढाढ़ोत, राठीवास, देवराली, उष्मापुर, खातोदड़ा, उष्मापुर, जेरपुर, मांडोला के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।
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इस बात की जानकारी सिंचाई विभाग के एक्सईएन श्रवण कुमार लांग्यान ने दी।
एक्सईएन लांग्यान ने बताया कि 5 मई को पंचकूला में विभाग के वित्तायुक्त सचिव अनुराग रस्तोगी ने मीटिंग ली थी। मीटिंग में रस्तोगी ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले में 143 करोड़ रुपये से चल रही मशीनों एवं पंपों की रिपेयरिंग के कार्य को प्राथमिकता दें। जबकि निंबहेड़ा माइनर का कार्य अभी मार्च 2018 के लिए रोक दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। एक्सईएन ने बताया कि 143 करोड़ रुपये से मशीनों एवं पंपों का कार्य पूरा होने के बाद मशीनों के पानी उठाने की क्षमता बढ़ जाएगी। इससे क्षेत्र में पानी की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि पहले वाली मशीनें एवं पंप पुराने हो चुके हैं जिस कारण मशीनें पानी कम उठाती हैं।
आपको बता दें कि 9 अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर निंबेहड़ा माइनर की घोषणा की थी। एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद अभी तक इस नहर में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। अब यह कार्य मार्च 2018 तक के लिए पेंडिंग कर दिया गया। इस नहर के बनने से निंबी, बुडीन, बलायचा, ढाढ़ोत, राठीवास, देवराली, उष्मापुर, खातोदड़ा, उष्मापुर, जेरपुर, मांडोला के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।
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