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Mahendragarh-Narnaul News: कृष्णावती नदी में छोड़े जा रहे गंदे पानी से ग्रामीण परेशान
Sun, 13 Jul 2025 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:00 AM IST
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फोटो नंबर- 15कृष्णावती नदी में बहते गंदे पानी को दिखाते सरपंच राजकुमार।स्रोत-स्वय
सिहमा। गांव सलुनी के पास से गुजरने वाली कृष्णावती नदी में आ रहे गंदे पानी से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कृष्णावती नदी में शहर का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है।
कृष्णावती नदी राजस्थान के राजसमंद से पाटन होती हुई अलवर जिले में प्रवेश करती है। उसके बाद नारनौल होती हुई सलुनी, दुबलाना, गढ़ी रूथल, गढ़ी महासर में आकर लुप्त हो जाती है। गांव सलुनी के सरपंच राजकुमार ने बताया की शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन शहर में उस प्रकार की सुविधा की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
यही कारण है कि नारनौल से निकलने वाला गंदा पानी सीधे तौर पर कृष्णावती नदी में छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से कृष्णावती नदी की आत्मा मर रही है। अब तो आसपास के गांव के लोग अपने पशुओं को इस नदी में पानी भी नहीं पिलाते। वहीं नदी से उठती दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है। नदी के आसपास जिस किसी का मकान है उनका दुर्गंध से जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कृष्णावती नदी को जिले के ग्रामीण क्षेत्र की जीवनदायिनी के रूप में जाना जाता था। लेकिन नदी में गंदा पानी आने से नदी का जल दूषित व विषाक्त हो गया है और इसके आस-पास स्थित ट्यूबवेल के पानी से भी बदबू आती है।
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वर्जन :
मामला संज्ञान में आया है। नदी में किसी प्रकार का गंदा पानी छोड़ नहीं सकते। ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी जाए तो उस क्षेत्र की जांच की जा सकती है। नहीं तो पूरी नदी को चेक करवाना पड़ेगा। कृष्णावती नदी में पिछले दिनों सफाई करवाई गई थी। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
राजेश वर्मा, एसडीओ,सिंचाई विभाग
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कृष्णावती नदी राजस्थान के राजसमंद से पाटन होती हुई अलवर जिले में प्रवेश करती है। उसके बाद नारनौल होती हुई सलुनी, दुबलाना, गढ़ी रूथल, गढ़ी महासर में आकर लुप्त हो जाती है। गांव सलुनी के सरपंच राजकुमार ने बताया की शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन शहर में उस प्रकार की सुविधा की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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यही कारण है कि नारनौल से निकलने वाला गंदा पानी सीधे तौर पर कृष्णावती नदी में छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से कृष्णावती नदी की आत्मा मर रही है। अब तो आसपास के गांव के लोग अपने पशुओं को इस नदी में पानी भी नहीं पिलाते। वहीं नदी से उठती दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है। नदी के आसपास जिस किसी का मकान है उनका दुर्गंध से जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कृष्णावती नदी को जिले के ग्रामीण क्षेत्र की जीवनदायिनी के रूप में जाना जाता था। लेकिन नदी में गंदा पानी आने से नदी का जल दूषित व विषाक्त हो गया है और इसके आस-पास स्थित ट्यूबवेल के पानी से भी बदबू आती है।
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मामला संज्ञान में आया है। नदी में किसी प्रकार का गंदा पानी छोड़ नहीं सकते। ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी जाए तो उस क्षेत्र की जांच की जा सकती है। नहीं तो पूरी नदी को चेक करवाना पड़ेगा। कृष्णावती नदी में पिछले दिनों सफाई करवाई गई थी। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
राजेश वर्मा, एसडीओ,सिंचाई विभाग