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Mahendragarh-Narnaul News: खंडहर में चल रहा पशु अस्पताल, हादसे का बढ़ता खतरा
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फोटो 1पशु अस्पताल का जर्जर भवन।संवाद
मंडी अटेली। खंड के गांव खेड़ी में स्थित पशु अस्पताल का भवन जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसके चलते यहां कार्यरत कर्मचारी भय के साए में काम करने को मजबूर हैं। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि भवन कभी भी गिर सकता है।
जिस भवन में वर्तमान में पशु अस्पताल संचालित हो रहा है, वहां करीब ढाई दशक पहले जच्चा-बच्चा केंद्र चलता था। बाद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नया भवन बनने के बाद इस पुराने भवन में पशु अस्पताल शुरू कर दिया गया। समय के साथ इसकी हालत बेहद जर्जर हो गई है।
इस पशु अस्पताल के अंतर्गत रामपुरा, खेड़ी और बाबा शरनाईनाथ गोशाला क्षेत्र आते हैं जिनसे लगभग 3000 से अधिक पशु जुड़े हुए हैं। पशु चिकित्सक तमाम जोखिमों के बावजूद इसी खंडहरनुमा भवन में बैठकर पशुपालकों को सेवाएं देने को मजबूर हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, इस भवन को करीब चार साल पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है। पशुपालन विभाग द्वारा नए भवन निर्माण के लिए प्रशासन को तीन-चार बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, पंचायत की ओर से भी नए भवन के लिए जमीन निर्धारित नहीं की गई है।
हालांकि सुविधाओं के अभाव के बावजूद चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दे रहे हैं। स्थानीय सामाजिक व जागरूक नागरिकों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द नए पशु अस्पताल भवन के निर्माण की मांग की है, ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।
यह भवन पुरी तरह खंडहर हो चुका चार साल पहले इसे कंडम घोषित कर दिया गया था लेकिन कोई ओर भवन नहीं होने के कारण इस में बैठकर पशु पालकों को सेवा दी जा रही है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। प्रशासन को लिखित पत्र भेज कर भवन निर्माण की मांग बार बार की जा रही है।-डॉ. संजीव कुमार, पशु अस्पताल खेड़ी
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जिस भवन में वर्तमान में पशु अस्पताल संचालित हो रहा है, वहां करीब ढाई दशक पहले जच्चा-बच्चा केंद्र चलता था। बाद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नया भवन बनने के बाद इस पुराने भवन में पशु अस्पताल शुरू कर दिया गया। समय के साथ इसकी हालत बेहद जर्जर हो गई है।
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इस पशु अस्पताल के अंतर्गत रामपुरा, खेड़ी और बाबा शरनाईनाथ गोशाला क्षेत्र आते हैं जिनसे लगभग 3000 से अधिक पशु जुड़े हुए हैं। पशु चिकित्सक तमाम जोखिमों के बावजूद इसी खंडहरनुमा भवन में बैठकर पशुपालकों को सेवाएं देने को मजबूर हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, इस भवन को करीब चार साल पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है। पशुपालन विभाग द्वारा नए भवन निर्माण के लिए प्रशासन को तीन-चार बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, पंचायत की ओर से भी नए भवन के लिए जमीन निर्धारित नहीं की गई है।
हालांकि सुविधाओं के अभाव के बावजूद चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दे रहे हैं। स्थानीय सामाजिक व जागरूक नागरिकों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द नए पशु अस्पताल भवन के निर्माण की मांग की है, ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।
यह भवन पुरी तरह खंडहर हो चुका चार साल पहले इसे कंडम घोषित कर दिया गया था लेकिन कोई ओर भवन नहीं होने के कारण इस में बैठकर पशु पालकों को सेवा दी जा रही है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। प्रशासन को लिखित पत्र भेज कर भवन निर्माण की मांग बार बार की जा रही है।-डॉ. संजीव कुमार, पशु अस्पताल खेड़ी