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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में कौशल विकास पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) के अंतर्गत कौशल विकास पर केंद्रित एक सप्ताह के ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उद्घाटन करते हुए कौशल विकास के महत्त्व व प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कुलपति ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से व्यक्तिगत विकास के साथ व राष्ट्र का विकास भी संभव है। अवश्य ही इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों का कौशल विकास सुनिश्चित होगा। उद्घाटन सत्र के आरंभ में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित शिक्षकों में कौशल विकास के माध्यम से होने वाले सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, पलवल के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. आरएस राठौड़ ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के अनुसार कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
प्रोग्राम के समन्वयक प्रो. पवन कुमार मौर्य ने कार्यक्रम के महत्त्व, उद्देश्य, संरचना और अपेक्षित परिणामों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। प्रोग्राम के समंवयक डॉ. सुयश मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञों की ओर 24 विशेषज्ञ सत्र, इंटरएक्टिव चर्चाओं के माध्यम से शिक्षकों में कौशल विकास विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रोग्राम में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 110 संकाय सदस्य प्रतिभागिता कर रहे हैं।
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कुलपति ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से व्यक्तिगत विकास के साथ व राष्ट्र का विकास भी संभव है। अवश्य ही इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों का कौशल विकास सुनिश्चित होगा। उद्घाटन सत्र के आरंभ में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित शिक्षकों में कौशल विकास के माध्यम से होने वाले सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, पलवल के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. आरएस राठौड़ ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के अनुसार कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
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प्रोग्राम के समन्वयक प्रो. पवन कुमार मौर्य ने कार्यक्रम के महत्त्व, उद्देश्य, संरचना और अपेक्षित परिणामों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। प्रोग्राम के समंवयक डॉ. सुयश मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञों की ओर 24 विशेषज्ञ सत्र, इंटरएक्टिव चर्चाओं के माध्यम से शिक्षकों में कौशल विकास विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रोग्राम में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 110 संकाय सदस्य प्रतिभागिता कर रहे हैं।
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