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वीरचक्र से सम्मानित राइफलमैन प्रेम सिंह के घर पहुंची मशाल
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भारत-पाक युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर लगातार जलती रहने वाली ज्योति से प्रज्वलित कर जिस मशाल को भारतीय सेना को सौंपा था वह मशाल रविवार को नारनौल पहुंची। पूरा देश 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत को मिली विजय को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रहा है।
रविवार को हिसार छावनी सेना की टीम सबसे पहले गांव नीरपुर के वीरचक्र से सम्मानित राइफल मैन प्रेम सिंह के घर पहुंची। जहां पर उनकी पत्नी ने मशाल को रिसीव किया। यहां पर टीम ने वीरांगना को सम्मान किया।
इसके बाद यह मशाल यात्रा जिला सैनिक बोर्ड स्थित युद्ध स्मारक स्थल पर पहुंची जहां पर शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दी गई और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। साथ ही इस मशाल को जिला सैनिक बोर्ड के प्रांगण में स्थापित किया गया। यह कार्यक्रम हिसार डॉट डिविजन के अधीनस्थ संपन्न हुआ।
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जिला सैनिक बोर्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में सेना की टीम ने जिला की वीरांगनाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम रणवीर सिंह सहित जिला के कई सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी तथा अन्य नागरिक भी मौजूद थे।
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रविवार को हिसार छावनी सेना की टीम सबसे पहले गांव नीरपुर के वीरचक्र से सम्मानित राइफल मैन प्रेम सिंह के घर पहुंची। जहां पर उनकी पत्नी ने मशाल को रिसीव किया। यहां पर टीम ने वीरांगना को सम्मान किया।
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इसके बाद यह मशाल यात्रा जिला सैनिक बोर्ड स्थित युद्ध स्मारक स्थल पर पहुंची जहां पर शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दी गई और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। साथ ही इस मशाल को जिला सैनिक बोर्ड के प्रांगण में स्थापित किया गया। यह कार्यक्रम हिसार डॉट डिविजन के अधीनस्थ संपन्न हुआ।
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जिला सैनिक बोर्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में सेना की टीम ने जिला की वीरांगनाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम रणवीर सिंह सहित जिला के कई सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी तथा अन्य नागरिक भी मौजूद थे।