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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल अनाज मंडी में बारदाना कम, तुलाई में लग रहा समय

Wed, 16 Oct 2024 01:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 01:36 AM IST
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There is less gunny bags in Narnaul grain market, time is being taken for weighing.
फोटो- 22नारनौल की नई अनाज मंडी में बाजरे की तुलाई करते मजदूर। संवाद
जिले की सभी छह मंडियों में मंगलवार को बाजरे की खरीद जारी रही। नारनौल और नांगल चौधरी में हैफेड और अटेली में वेयर हाउस ने बाजरे की खरीद की। 15 दिन बीत जाने के बाद भी मंडियों में बाजरे की आवक में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। मंगलवार को अटेली में 670 गेटपास जारी किए गए।
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नारनौल में 452 और नांगल चौधरी में 297 गेट पास जारी किए गए। जिले की 6 मंडियों में मंगलवार को 75231.3 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। जिले में पिछले 15 दिनों में अब तक कुल 738246.5 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। मंगलवार को नारनौल में 10627.2 क्विंटल, अटेली में 16012.9 क्विंटल और नांगल चौधरी में 7478.8 क्विंटल बाजरे की आवक रही।
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अटेली में अब तक 212466 क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है और करीब 1 लाख 65 हजार क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है। नारनौल में 92540 क्विंटल और नांगल चौधरी में 54680 क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। वहीं नारनौल में 73330 क्विंटल और नांगल चौधरी में 18810 क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है।
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बारदाने की कमी के कारण किसानों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
नारनौल नई अनाज मंडी में बाजरा बेचने के लिए आए कुछ किसानों को बारदाने की कमी का सामना करना पड़ा। करीब 2 घंटे के इंतजार के बाद बारदाना मुहैया हो पाया। किसानों ने बताया कि वह सुबह मंडी में पहुंच गए थे, लेकिन बारदाना उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी फसल की तुलाई में समय लग गया। क्षेत्र में अभी कुछ जगह बाजरा कटाई का कार्य किया जा रहा है, वहीं कुछ किसान बाजरा निकलवा कर सीधा मंडी में लेकर आ रहें हैं। जिस कारण बाजरे में नमी निर्धारित मानक से अधिक पाई जा रही है।
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मैं सुबह बाजरा की बिक्री के लिए नई अनाज मंडी में आ गया था। लेकिन बारदाने की कमी के कारण मेरी फसल की तुलाई दोपहर में हो पाई। अगर मुझे बारदाना समय पर उपलब्ध हो जाता तो मुझे परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
मंगतूराम यादव, किसान, नीरपुर।
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बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जानी चाहिए थी। बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये और बाजार भाव 2575 रुपये है। ऐसे में बाजरे का बाजार भाव अभी और भी बढ़ सकता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव में केवल 50 रुपये का अंतर है, इसलिए सरकार से अपील है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया जाए।
रामकुंवर सिंह, किसान, भांखरी।
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एक दिन में एक किसान निर्धारित 40 क्विंटल फसल ही बेच सकता है। अगर उसने ज्यादा फसल का रजिस्ट्रेशन करवाया है और फसल की पैदावार भी अधिक है तो उस किसान को अपनी फसल बेचने के लिए अगले दिन आना पड़ेगा। ऐसे में उन किसानों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनकी पैदावार 40 क्विंटल से मात्र 4 से 5 क्विंटल ही अधिक है।

बलबीर सिंह, किसान, बड़कोदा।

वर्जन:
नारनौल व नांगल चौधरी में बाजरे की खरीद व उठान प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। मंडी में बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हमारे पास गोदाम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है ताकि उठान प्रक्रिया सुचारू रूप से बनी रहें। किसान साथियों से आग्रह है कि बाजरे को अच्छे से सुखा कर लाएं ताकि नमी की अधिकता पाए जाने पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक हैफेड, नारनौल।
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