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Mahendragarh-Narnaul News: किलाेमीटर स्कीम की बसों में आरक्षित सीटें नहीं
Tue, 17 Sep 2024 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 17 Sep 2024 12:46 AM IST
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फोटो नंबर-01रोडवेज बसों में आरक्षित सीटों के बारे में लिखा हुआ।
अरविन्द तक्षक
नारनौल।
नारनौल डिपो की तकरीबन सभी रोडवेज बसों में सीट के पास लिखा हुआ है कि कौनसी सीट किस के लिए आरक्षित है, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों में ऐसा नहीं है। ऐसे में अगर कोई बुजुर्ग, स्वतंत्रता सेनानी, दिव्यांग या कैंसर से पीड़ित मरीज अगर किलोमीटर स्कीम की बसों में सवार होता है तो उसके लिए सीट की कोई व्यवस्था नहीं है।
किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों में आरक्षित सीट के बारे में लिखा जाना उतना ही जरूरी है, जितना रोडवेज की बसों में है। हालांकि जब डिपो के चीफ इंस्पेक्टर को इस इस बारे में बताया तो उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए बसों के मालिक को तुरंत प्रभाव से आरक्षित सीटों के बारे में लिखवाने के आदेश दिया।
कौनसी सीट किसके लिए है आरक्षित:
सीआई ने बताया कि कैंसर ग्रस्त के लिए सीट नंबर 2, दिव्यांग के लिए 3, वरिष्ठ नागरिक के लिए 4, स्वतंत्रता सेनानी के लिए 5, एमएलए के लिए 9, एमपी के लिए 10 और महिलाओं के लिए 6 से 8 और 11 से लेकर 20 नंबर की सीट आरक्षित की हुई हैं।
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यह दिक्कतें भी आती हैं सामने
रोडवेज के परिचालकों की मानें तो डिपो से बस चलने के दौरान कोई भी आरक्षित सीट का लाभार्थी सीट मांगता है तो उसे सीट दे दी जाती है। यदि आरक्षित सीट लेने वाला नहीं आता है तो उक्त सीट किसी अन्य सवारी को दे दी जाती है। अब अगर रास्ते में किसी अन्य स्टैंड पर आरक्षित सीट वाली कोई सवारी आ जाती है तो, ऐसे में उसको सीट मुहैया करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि वो इन आरक्षित सीटों के संबंध में कोई पुख्ता इंतजाम करें, ताकि लाभार्थी को सीट भी मिल जाए और कोई माथापच्ची भी न करनी पड़े।
किलोमीटर स्कीम के तहत डिपो से 20 बसें चलाई जा रही है। इनमें से पांच बसों में आरक्षित सीट का लिखा हुआ है। मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। शेष 15 बसों के मालिक को कह दिया है और उन बसों में भी जल्द ही लिखवा दिया जाएगा।
ब्रह्मप्रकाश, चीफ इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो नारनौल।
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नारनौल।
नारनौल डिपो की तकरीबन सभी रोडवेज बसों में सीट के पास लिखा हुआ है कि कौनसी सीट किस के लिए आरक्षित है, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों में ऐसा नहीं है। ऐसे में अगर कोई बुजुर्ग, स्वतंत्रता सेनानी, दिव्यांग या कैंसर से पीड़ित मरीज अगर किलोमीटर स्कीम की बसों में सवार होता है तो उसके लिए सीट की कोई व्यवस्था नहीं है।
किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों में आरक्षित सीट के बारे में लिखा जाना उतना ही जरूरी है, जितना रोडवेज की बसों में है। हालांकि जब डिपो के चीफ इंस्पेक्टर को इस इस बारे में बताया तो उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए बसों के मालिक को तुरंत प्रभाव से आरक्षित सीटों के बारे में लिखवाने के आदेश दिया।
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कौनसी सीट किसके लिए है आरक्षित:
सीआई ने बताया कि कैंसर ग्रस्त के लिए सीट नंबर 2, दिव्यांग के लिए 3, वरिष्ठ नागरिक के लिए 4, स्वतंत्रता सेनानी के लिए 5, एमएलए के लिए 9, एमपी के लिए 10 और महिलाओं के लिए 6 से 8 और 11 से लेकर 20 नंबर की सीट आरक्षित की हुई हैं।
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यह दिक्कतें भी आती हैं सामने
रोडवेज के परिचालकों की मानें तो डिपो से बस चलने के दौरान कोई भी आरक्षित सीट का लाभार्थी सीट मांगता है तो उसे सीट दे दी जाती है। यदि आरक्षित सीट लेने वाला नहीं आता है तो उक्त सीट किसी अन्य सवारी को दे दी जाती है। अब अगर रास्ते में किसी अन्य स्टैंड पर आरक्षित सीट वाली कोई सवारी आ जाती है तो, ऐसे में उसको सीट मुहैया करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि वो इन आरक्षित सीटों के संबंध में कोई पुख्ता इंतजाम करें, ताकि लाभार्थी को सीट भी मिल जाए और कोई माथापच्ची भी न करनी पड़े।
किलोमीटर स्कीम के तहत डिपो से 20 बसें चलाई जा रही है। इनमें से पांच बसों में आरक्षित सीट का लिखा हुआ है। मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। शेष 15 बसों के मालिक को कह दिया है और उन बसों में भी जल्द ही लिखवा दिया जाएगा।
ब्रह्मप्रकाश, चीफ इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो नारनौल।