{"_id":"66f7eefa5252b06d600bb0a1","slug":"the-story-of-friendship-between-shri-krishna-and-sudama-was-narrated-narnol-news-c-203-1-sroh1011-112389-2024-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सच्चा मित्र ऊंच-नीच या अमीरी-गरीबी नहीं देखता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सच्चा मित्र ऊंच-नीच या अमीरी-गरीबी नहीं देखता
Sat, 28 Sep 2024 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 28 Sep 2024 11:23 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:69- आदर्श कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भगावत कथा के दौरान पूजा करतेपूर्व शिक्षामंत्री
महेंद्रगढ़। आदर्श कॉलोनी में शनिवार को अमृत महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
गोपेश महाराज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन से पधारे गोपाल महाराज ने अपने ओजस्वी मधुर वाणी से श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन किया। कार्यक्रम में यजमान योगेश भारद्वाज नीची भांडोर वाले रहे। प्रसाद की व्यवस्था नरेश चेयरमैन के द्वारा की गई।
गोपेश महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की शिक्षा देती है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए भी अपने लिए कुछ नहीं मांगा अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही सच्ची मित्रता है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण- सुदामा की मित्रता बहुत ही पवित्र थी। सच्चा मित्र कभी भी ऊंच-नीच या अमीरी- गरीबी को नहीं देखता है। इसलिए आज हजारों साल बाद भी श्रीकृष्णा और सुदामा की दोस्ती को सच्चे प्यार के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में याद किया जाता है।
इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन भगत सिंह यादव, डॉ. रूपेंद्र यादव, रामकुमार झुकिया, मनोहर झुकिया, मनोज मोदी, मुकेश मेहता, सुशील शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोपेश महाराज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन से पधारे गोपाल महाराज ने अपने ओजस्वी मधुर वाणी से श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन किया। कार्यक्रम में यजमान योगेश भारद्वाज नीची भांडोर वाले रहे। प्रसाद की व्यवस्था नरेश चेयरमैन के द्वारा की गई।
गोपेश महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की शिक्षा देती है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए भी अपने लिए कुछ नहीं मांगा अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही सच्ची मित्रता है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण- सुदामा की मित्रता बहुत ही पवित्र थी। सच्चा मित्र कभी भी ऊंच-नीच या अमीरी- गरीबी को नहीं देखता है। इसलिए आज हजारों साल बाद भी श्रीकृष्णा और सुदामा की दोस्ती को सच्चे प्यार के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में याद किया जाता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन भगत सिंह यादव, डॉ. रूपेंद्र यादव, रामकुमार झुकिया, मनोहर झुकिया, मनोज मोदी, मुकेश मेहता, सुशील शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन