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Mahendragarh-Narnaul News: दो बार न सैंपल लिए न रिकाॅर्ड उपलब्ध करा पाए थे जिम्मेदार, पांच जून को तीसरी बार पहुंचेगी एसीबी की टीम

Fri, 31 May 2024 06:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 31 May 2024 06:05 AM IST
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The responsible persons were not able to provide the records nor took samples twice, the ACB team will reach for the third time on June 5
मसानी चौक से डुलाना रोड सड़क मार्ग जर्जर अवस्था में। संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में वर्ष 2021 में तत्कालीन प्रशासक की देखरेख में 2.34 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर बनाई गई दस सड़कों के सैंपल व रिकाॅर्ड की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकुला की टीम 5 जून को तीसरी बार महेंद्रगढ़ पहुंचेगी। इसके लिए अधिशाषी अभियंता भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला की ओर से डीएमसी, सचिव व इंजीनियर नगरपालिका महेंद्रगढ़ को पत्र भेजकर रिकाॅर्ड और सैंपलिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराने को लिखा है।
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इसकी जांच एक वर्ष से भी अधिक समय से चल रही है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। शहर में चर्चा है कि नपा के जिम्मेदार भी तत्कालीन समय के अधिकारियों व कर्मचारियों को बचाने के लिए टीम को रिकार्ड तक उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। जांच में सहयोग नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई का दावा किया था लेकिन यह कार्रवाई क्या हुई इसके बारे में कोई सूचना तक नहीं बाहर आ पाई है।
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दो बार टीम लौटी थी बैरंग, जिम्मेदार नहीं उपलब्ध करा पाए थे रिकॉर्ड और सैंपलिंग के लिए उपकरण
पिछले कार्यकाल में रीना बंटी महेंद्रगढ़ नगरपालिका (नपा) की चेयरपर्सन थीं। उनके पति सुरेंद्र बंटी पार्षद थे जबकि रमेश बोहरा उप प्रधान थे। एक मामले में नपा चेयरपर्सन निलंबित हो गई थीं। उसके बाद प्रधान का चार्ज भी तत्कालीन उप प्रधान रमेश बोहर के पास चला गया था। नपा का कार्यकाल पूरा होने के बाद इसका चार्ज भी प्रशासक के पास चला गया था। प्रशासक की देखरेख में नपा ने 8 जनवरी 2021 को 5 करोड़ रुपये के 18 विकास कार्यों के टेंडर ओपन किए कर ठेकेदारों को अलॉट किए थे। इसके तीन दिन बाद 3.50 करोड़ रुपये के 24 विकास कार्यों के टेंडर ओपन किए गए थे। इन कार्यों के अलॉट पर पूर्व पार्षद सुरेंद्र बंटी एवं सोसाइटियों ने नपा सचिव और प्रधान को उसी दिन टेंडर नियमों के विरुद्ध जाकर अलॉट किए जाने की शिकायत की थी। उस पर तत्कालीन सचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिकायकर्ताओं ने उपायुक्त, स्थानीय शहरी निकाय विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
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शिकायतकर्ताओं ने यह लगाए थे आरोप
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नपा ने टेंडर अलॉटमेंट नियमों के विरुद्ध जाकर किया था। उन्होंने बताया कि नियम के मुताबिक 50 लाख रुपये तक के टेंडर में सोसायटियों की प्राथमिकता होती है। अगर सोसाइटी नहीं आती हैं तो टेंडर दोबारा कॉल करने पड़ते हैं, उसमें ठेकेदार को टेंडर अलॉट किए जा सकते हैं। 8 जनवरी 2021 के टेंडर के दौरान सोसायटियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके दस्तावेजों में छोटी-मोटी खामियां निकालकर पहली कॉल में प्राइवेट ठेकेदारों को दे दिया था। साथ ही पांच प्रतिशत ज्यादा रेट में दिए गए थे। वहीं तीन दिन बाद साढ़े तीन करोड़ के 24 विकास कार्यों के टेंडर में नपा ने पहली कॉल में ही सोसाइटियों को टेंडर अलॉट कर दिए थे। वह भी सरकारी रेट 28 प्रतिशत कम कीमत में किए थे। इससे नपा को 33 प्रतिशत यानी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। इसकी शिकायतें आला अधिकारियों को दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने की थी शिकायत
बता दें कि गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने 1 जनवरी 2022 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को शहर के विकास कार्यों में घटिया सामग्री लगाए जाने और टेंडर के गलत अलॉटमेंट किए जाने की रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में शहर में बनाई गई 2 करोड़ 34 लाख 7 हजार रुपये की दस सड़कों को जिक्र किया गया था। साथ में यह भी बताया गया था कि किन-किन अधिकारियों का कितना-कितना कमीशन तय था। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन एसडीएम, सचिव, एमई, जेई तथा कार्यकारी प्रधान और दो ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम हरकत में आई। इसके बाद 8 मई 2023 को जांच कर 6 अक्तूबर 2023 को अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी थी।


भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से एक पत्र भेजकर 5 जून को जांच में शामिल होने के लिए अवगत कराया गया है। हालांकि इस जांच में अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहेंगे। अगर फिर भी टीम को कहीं जांच में सहयोग की आवश्यता पड़ती है तो वह हर सहयोग के लिए तैयार हैं। - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका, महेंद्रगढ़।
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