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Mahendragarh-Narnaul News: बारिश से कड़बी हो रही खराब, मवेशियों के लिए संकट
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फोटो 12अटेली क्षेत्र के एक खेत में बारिश से खराब हो चुकी कड़बी।संवाद
मंडी अटेली। क्षेत्र में बारिश होने से अब मवेशियों के लिए चारे का संकट गहरा सकता है। इससे पशुपालक और गोशाला कमेटी के सदस्य चिंतित हैं।
बाजरे की कटाई के बाद किसान पशुओं की संख्या अनुसार तुड़े को जमा करके गोशालाओं में अनुदान के रूप में चारे को भेजते हैं लेकिन इस बार बारिश के कारण बाजरे की फसल खराब हो गई। कड़बी भी गल चुकी है, जो पशुओं के चारे के लायक नहीं रही। गोशाला कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, जहां हजारों गोवंश रहते हैं।
गांव बिहाली की श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला में इस समय 1400 के करीब गोवंश हैं। इसके पालन-पोषण के लिए हर दिन 200 मन तुड़ा डाला जाता है। यह तुड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के दानवीरों और पंजाब से एकत्रित किया जाता है लेकिन इस समय दोनों ही जगहों के हालात गंभीर हैं।
गोशाला के मैनेजर बलबीर सिंह ने बताया कि इस समय गोचर भूमि में गोवंश को कुछ चारा मिल जाता है लेकिन कुछ समय बाद वह भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तुड़ा खरीदा गया था लेकिन इस बार कहीं तुड़ा दिखाई नहीं दे रहा है। जहां है वह बारिश के पानी से गल-सड़ गया है।
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बाजरे की कटाई के बाद किसान पशुओं की संख्या अनुसार तुड़े को जमा करके गोशालाओं में अनुदान के रूप में चारे को भेजते हैं लेकिन इस बार बारिश के कारण बाजरे की फसल खराब हो गई। कड़बी भी गल चुकी है, जो पशुओं के चारे के लायक नहीं रही। गोशाला कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, जहां हजारों गोवंश रहते हैं।
गांव बिहाली की श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला में इस समय 1400 के करीब गोवंश हैं। इसके पालन-पोषण के लिए हर दिन 200 मन तुड़ा डाला जाता है। यह तुड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के दानवीरों और पंजाब से एकत्रित किया जाता है लेकिन इस समय दोनों ही जगहों के हालात गंभीर हैं।
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गोशाला के मैनेजर बलबीर सिंह ने बताया कि इस समय गोचर भूमि में गोवंश को कुछ चारा मिल जाता है लेकिन कुछ समय बाद वह भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तुड़ा खरीदा गया था लेकिन इस बार कहीं तुड़ा दिखाई नहीं दे रहा है। जहां है वह बारिश के पानी से गल-सड़ गया है।
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