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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The name of the medical college should remain Maharishi Chyavan, public support will be gathered: Manish Vashisht

चिकित्सा महाविद्यालय का नाम महर्षि च्यवन नाम ही रहे, जुटाया जाएगा जनसर्मथन: मनीष वशिष्ठ

Tue, 17 Jun 2025 12:44 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jun 2025 12:44 AM IST
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The name of the medical college should remain Maharishi Chyavan, public support will be gathered: Manish Vashisht
फोटो नंबर- 19गंगाराम।
नारनौल। कोरियावास मेडिकल कॉलेज के नामकरण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब महर्षि च्यवन ऋषि का नाम नहीं बदलने के लिए सामाजिक संगठन आगे आने शुरू हो गए हैं। इसे लेकर सोमवार को एक प्रेस वार्ता भी बुलाई गई।
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पत्रकारवार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनीष वशिष्ठ, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष महेंद्र बंसल, प्रजापत समाज के अध्यक्ष संतलाल प्रजापत एवं सैनी सभा के अध्यक्ष बलबीर सैनी भी उपस्थित रहे।
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सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मनीष वशिष्ठ ने कहा कि मेडिकल कोरियावास का नाम प्रदेश सरकार ने 16 मार्च 2023 को महर्षि च्यवन के नाम पर चिकित्सा महाविद्यालय के नाम पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
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वहीं, 12 फरवरी 2024 को राज्यपाल से अनुमोदन होने के पश्चात गजट में अधिसूचना जारी करके इस चिकित्सा महाविद्यालय का नाम महर्षि च्यवन चिकित्सा महाविद्यालय कोरियावास के नाम से अधिसूचित कर दिया था।
इस चिकित्सा महाविद्यालय का नाम महर्षि च्यवन के नाम पर रखा जाना, प्रदेश सरकार की बेहतर सूझबूझ का परिचायक है। अब कुछ लोग मेडिकल कोरियावास का नाम शहीद राव तुलाराम के नाम पर करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, जो अनुचित है।
उन्होंने कहा कि महर्षि च्यवन के नाम पर अधिसूचित चिकित्सा महाविद्यालय कोरियावास का नाम ना बदला जाए, इसके लिए जिले भर या अन्य जिलों के सामाजिक व जातीय संगठनों का समर्थन हासिल किया जाएगा। यदि सरकार अधिसूचित नाम महर्षि च्यवन चिकित्सा महाविद्यालय कोरियावास से नाम बदलती है, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि नारनौल विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश यादव, सांसद धर्मबीर सिंह और नांगल चौधरी विधायक मंजू चौधरी ने चिकित्सा महाविद्यालय का नाम महर्षि च्यवन से बदल कर शहीद राव तुलाराम के नाम पर रखने की वकालत की है।
इस पर मनीष वशिष्ठ ने कहा कि इन जनप्रतिनिधियों के ये बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं तथा राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने सांसद व विधायक नारनौल से आग्रह किया कि वो अमर शहीद राजा राव तुलाराम के नसीबपुर स्थित शहीद स्मारक को भव्य रूप दिलाएं।
इस स्मारक में अमर शहीद राजा राव तुलाराम से संबंधित सभी वस्तुओं व ऐतिहासिक तथ्यों का वर्णन हो, ताकि नई पीढ़ी उनके व अन्य वीरो के बलिदान के बारे में जान सके। मनीष वशिष्ठ एडवोकेट ने कहा कि महर्षि च्यवन केवल ब्राह्मणों के नहीं हैं तथा राव तुलाराम केवल अहीरों के नही हैं। जिस तरह शहीद किसी जाति विशेष के ना होकर सभी के होते हैं, उसी तरह से ऋषि मुनि भी किसी जाति विशेष के नहीं होते हैं वे भी सभी के होते हैं।



चिकित्सा महाविद्यालय का नाम बदलवाने वाले नेताओं से पूछे सवाल

- क्या ये जनप्रतिनिधि 23 सितंबर को राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर फोटो खिंचवाने के अलावा कभी समय निकाल कर उनके शहीदी स्थल पर जाते हैं।

- क्या गत 70 वर्ष से अहीरवाल की राजनीति करने वाले और सक्रिय रहने वाले नेताओं ने सत्ता में रहते हुए, अब से पहले कभी अहीरवाल क्षेत्र (गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़) में एक भी संस्था का नाम राव तुलाराम नाम से रखवाने का प्रयास किया है।

-अब तक माजरा रेवाड़ी में बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का नाम नहीं रखा गया है। क्या इस एम्स का नाम राव तुलाराम के नाम पर करवाने के लिए इनके द्वारा कोई ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री या केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दिया गया है।


-क्या उस समय कोई आंदोलन हुआ, जब प्रदेश में बैठी एक सरकार ने राव तुलाराम पर अभद्र टिप्पणी करते हुए 23 सितंबर शहीदी दिवस की छुट्टी को रद्द कर दिया था। उस राव तुलाराम की राजनीति करने वाले नेताओं ने मंत्रिमंडल या विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया या कोई आंदोलन करवाया।

-क्या शहीदी दिवस की दोबारा छुट्टी की घोषणा करवाने में इनका कोई योगदान है।
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