फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The markets of Narnaul, Nangal Choudhary, Atteli and Nizampur remained completely closed

नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली व निजामपुर के बाजार पूर्णतया रहे बंद

Tue, 09 Feb 2021 11:08 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2021 11:08 PM IST
विज्ञापन
The markets of Narnaul, Nangal Choudhary, Atteli and Nizampur remained completely closed
नारनौल को जिला बनाने की मांग को लेकर नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी और निजामपुर के बाजार मंगलवार को पूरी तरह से बंद रहे। वहीं जिला बार एसोसिएशन व जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति का धरना छठे दिन भी जारी रहा।
विज्ञापन

बता दें कि प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालय नारनौल के सभी अधिकारियों को एक दिन महेंद्रगढ़ में बैठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का निर्देश दिया हुआ है। इससे नारनौल के वकीलों समेत अन्य में नाराजगी है। इसी को लेकर मंगलवार को नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली और निजामपुर के बाजार बंद रहे। यहां तक की चाय-पानी या छोटी दुकानें भी खुली दिखाई नहीं दी। हालांकि यातायात आम दिनों की तरह जारी रहा। इस बंद में प्राइवेट स्कूलों ने भी अपनी भागीदारी दिखाई और स्कूलों को भी पूर्ण रुप से बंद रखा।
विज्ञापन

हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंगलाल अग्रवाल ने कहा कि हमारी मांग हैं कि नारनौल जिला मुख्यालय 400 साल से भी पुराना मुख्यालय है। इसे महेंद्रगढ़ की जगह नारनौल जिला घोषित किया जाए। साथ ही प्रत्येक मंगलवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के जो महेंद्रगढ़ में बैठने के आदेश दिए गए हैं उन्हें रद्द किया जाए। इन सभी मुद्दों को लेकर मंगलवार को बंद पूरी तरह से सफल रहा। जिला अध्यक्ष के अनुसार नारनौल के साथ-साथ अटेली, नांगल चौधरी व निजामपुर के भी बाजार पूर्ण रुप से बंद रहे। इन सभी मांगों को लेकर जिला सत्र न्यायालय नारनौल में भी वकीलों ने पिछले छह दिनों से हड़ताल की हुई है। बंद में वकील भी शामिल हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह यादव ने कहा कि तीनों मांगे जायज है और इसी के चलते बंद पूरी तरह से सफल रहा। वहीं स्थानीय व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक सरकार इन पर ध्यान नहीं देगी विरोध जारी रहेगा। व्यापारियों की मांग है कि जिले का नाम महेंद्रगढ़ से बदलकर नारनौल किया जाए साथ ही प्रत्येक मंगलवार को महेंद्रगढ़ में अधिकारियों के बैठने के आदेश को रद्द किया जाए। वहीं महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट के शुरू किए जाने के विरोध वकील कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिनभर बाजार पर रही नजर
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता किशन चौधरी ने बताया कि पूर्व में नरसिंह दायमा, केशव संघी, सूरज बोहरा, शुभम कंछल, सुरजीत अरोड़ा, मुकेश, मामचंद मित्तल, रामगोपाल अधिवक्ता के साथ मिलकर नारनौल जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया था। समिति को पांच फरबरी को नारनौल बार एसोसिएशन के साथ मिलकर एक नई समिति जिला बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया था। बंद को लेकर युवाओं की बैठक हुई और ड्यूटियां लगा दी गई थी। अधिवक्ता नितिन चौधरी के नेतृत्व में विभिन्न टीमें अलग अलग इलाकों में सुबह से ही बंद करवाने में जुट गई थी। पूरे दिन एक टीम बंद के अवलोकन हेतु महावीर चौक पर रही। जिसमें कर्णसिंह अधिवक्ता, राकेश मेहता अधिवक्ता, प्रेमचंद गुप्ता, पंकज किरोड़ीवाल, बजरंगलाल अग्रवाल, संजय गर्ग, सूरज बोहरा, नरसिंह दायमा, सुदर्शन बंसल, शुभम कंछल, राघव चौधरी, धर्मबीर यादव, सुशील चौटाला, मयंक यादव, शुभम कौशिक, विकाश अग्रवाल व विनोद शर्मा आदि रहे।

सड़कों पर यातायत कम रहा
बाजार बंद के कारण सड़कों पर लोगों की भीड़ काफी कम रही। बंदी के कारण मंगलवार को ग्रामीण नारनौल कम पहुंचे। कई निजामपुर और सिंघाना रोड पर कर्फ्यू जैसा नजारा था। इक्का-दुक्का वाहन ही सड़क पर आ रहे थे। नारनौल के सबसे भीड़ वाले महावीर चौक पर भी वाहनों का आवागमन कम रहा। लघु सचिवालय में भी आम दिनों की अपेक्षा कम ही लोग पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed