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Mahendragarh-Narnaul News: दो घंटे कक्षा में बंद रहने से बिलखता रहा मासूम
Sun, 17 Aug 2025 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 17 Aug 2025 12:29 AM IST
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फोटो नंबर-10गांव नूनी कलां स्कूल के कमरे में बंद बच्चे को पानी पिलाता ग्रामीण। स्रोत-ग्रामी
नारनौल। शहर के नजदीक के गांव नूनी कलां में करीब छह साल का एक बच्चा सरकारी स्कूल की छुट्टी के बाद स्कूल के एक कमरे में ही बंद रह गया।
जब राहगीरों ने स्कूल के अंदर से कमल (6 वर्ष) के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस व सरपंच रुबी को सूचना दी। मामला वीरवार का है। घटना को लेकर शुक्रवार को गांव में बैठक भी हुई। राजकीय प्राथमिक पाठशाला नूनी अव्वल में कक्षा एक में पढ़ने वाले उत्तर प्रदेश के एक मजदूर का छह वर्षीय बच्चा कक्षा में सो गया। दो बजे जब स्कूल की छुट्टी हुई तो अन्य बच्चे अपने घर चले गए, लेकिन वह डेस्क पर सोता ही रह गया।
वहीं महिला चपरासी भी स्कूल को बंद करके घर चली गई। जब बच्चे की आंख खुली तो वह अपने आप को अकेला पाकर रोने लगा। इस दौरान वहां से एक राहगीर गुजर रहा था। उसने बच्चे की आवाज सुनी और स्कूल के अंदर गया। गांव के सरपंच और डायल 112 पर घटना की जानकारी दी।
सरपंच ने स्कूल के हेडमास्टर को घटना की जानकारी दी। इसके बाद चपरासी आया और करीब 4 बजे बच्चे को बाहर निकाला गया। वहीं मौके पर बच्चे के परिजनों को भी बुलाया गया। बता दें कि बच्चे के माता-पिता मजदूरी करते हैं। इसलिए वे घर पर नहीं थे। इसलिए किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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इसको लेकर 15 अगस्त के दिन ग्रामीण स्कूल में एकत्रित हुए और उन्होंने इस घटना का विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह गांव के बीच में स्कूल था। इसकी वजह से बच्चे के रोने की आवाज ग्रामीण को सुनाई दे गई। आवाज सुनने के कारण अनहोनी नहीं हुई। ग्रामीणों ने चपरासी व स्टाफ के अन्य कर्मियों को चेतावनी दी की यदि आगे ऐसा हुआ तो सही नहीं होगा। उन्होंने कमरों को बंद करने से पहले उसे ठीक से देखने की भी बात कही।
वर्जन-
गांव नूनी कलां स्कूल के एक कमरे में बच्चे के बंद होने की घटना को लेकर अटेली ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम बनाई है। टीम सोमवार को जांच करेगी। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद ब्लॉक के स्कूलों मुखियाओं की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आदेश दिए जाएंगे कि सभी कमरों की छुट्टी से 15 मिनट पहले व इसके बाद जांच की जाए।-पवन भारद्वाज, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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जब राहगीरों ने स्कूल के अंदर से कमल (6 वर्ष) के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस व सरपंच रुबी को सूचना दी। मामला वीरवार का है। घटना को लेकर शुक्रवार को गांव में बैठक भी हुई। राजकीय प्राथमिक पाठशाला नूनी अव्वल में कक्षा एक में पढ़ने वाले उत्तर प्रदेश के एक मजदूर का छह वर्षीय बच्चा कक्षा में सो गया। दो बजे जब स्कूल की छुट्टी हुई तो अन्य बच्चे अपने घर चले गए, लेकिन वह डेस्क पर सोता ही रह गया।
वहीं महिला चपरासी भी स्कूल को बंद करके घर चली गई। जब बच्चे की आंख खुली तो वह अपने आप को अकेला पाकर रोने लगा। इस दौरान वहां से एक राहगीर गुजर रहा था। उसने बच्चे की आवाज सुनी और स्कूल के अंदर गया। गांव के सरपंच और डायल 112 पर घटना की जानकारी दी।
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सरपंच ने स्कूल के हेडमास्टर को घटना की जानकारी दी। इसके बाद चपरासी आया और करीब 4 बजे बच्चे को बाहर निकाला गया। वहीं मौके पर बच्चे के परिजनों को भी बुलाया गया। बता दें कि बच्चे के माता-पिता मजदूरी करते हैं। इसलिए वे घर पर नहीं थे। इसलिए किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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इसको लेकर 15 अगस्त के दिन ग्रामीण स्कूल में एकत्रित हुए और उन्होंने इस घटना का विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह गांव के बीच में स्कूल था। इसकी वजह से बच्चे के रोने की आवाज ग्रामीण को सुनाई दे गई। आवाज सुनने के कारण अनहोनी नहीं हुई। ग्रामीणों ने चपरासी व स्टाफ के अन्य कर्मियों को चेतावनी दी की यदि आगे ऐसा हुआ तो सही नहीं होगा। उन्होंने कमरों को बंद करने से पहले उसे ठीक से देखने की भी बात कही।
वर्जन-
गांव नूनी कलां स्कूल के एक कमरे में बच्चे के बंद होने की घटना को लेकर अटेली ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम बनाई है। टीम सोमवार को जांच करेगी। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद ब्लॉक के स्कूलों मुखियाओं की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आदेश दिए जाएंगे कि सभी कमरों की छुट्टी से 15 मिनट पहले व इसके बाद जांच की जाए।-पवन भारद्वाज, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नारनौल।