नारनौल। मोहल्ला चांदूवाड़ा के रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन वीरवार को कथा व्यास पंडित नवीन कौशिक ने बताया कि भगवान का ध्यान एकांत में होना चाहिए। वहीं, कीर्तन व सत्संग सबके साथ करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भक्ति का फल निष्काम होना चाहिए। कामना रहित भक्ति भगवान को प्रिय है।
उन्होंने कथा में आगे बताया कि कृष्ण का मथुरा जाना, कंस का वध, अंत समय में भी श्री कृष्ण का नाम लिया तो उसे भी अपने चरणों में स्थान दिया। आचार्य ने प्रेम और ज्ञान के बारे बताते हुए कहा कि उद्धव जी के पास ज्ञान था परंतु वह प्रेम रहित था। आचार्य ने कथा के अंत में श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग भी सुनाया और सुंदर झांकियां भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर मुख्य यजमान भगवत स्वरूप गोस्वामी, शशि बाला, रमेश चंद शर्मा, प्रेमलता, अशोक यादव, रजनी यादव, अनीता, दुर्गा प्रसाद, किरण, लक्ष्मी मेहता, सोमा अरोड़ा, शांति देवी, सावित्री देवी, शर्मिला सैनी, पूनम सचदेवा, सरस्वती पाल, भगवती देवी, जय प्रकाश अग्रवाल, विनोद राव व विशाल सैनी आदि सहित काफी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।