{"_id":"693c7c1795e0d69d5903cc75","slug":"the-donkey-route-is-a-death-trap-i-barely-escaped-with-my-life-dont-go-there-narnol-news-c-17-roh1019-776789-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंकी रूट मौत का रास्ता: जान बचाकर आया हूं, कोई मत जाना... आशु ने सुनाई आपबीती, नाव पलटने से 17 में से 11 डूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डंकी रूट मौत का रास्ता: जान बचाकर आया हूं, कोई मत जाना... आशु ने सुनाई आपबीती, नाव पलटने से 17 में से 11 डूबे
Sat, 13 Dec 2025 10:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 10:52 AM IST
सार
कोलंबिया से नाव के जरिए 17 युवकों को पनामा ले जाया जा रहा था। समुद्र में उनकी नाव पलटने से 11 युवकों की डूबने से मौत हो गई। उसके साथ पांच युवक 500 मीटर तैरकर किसी तरह किनारे पर आ गए। डूबने वालों में यमुनानगर का एक युवक भी शामिल था।
विज्ञापन
अमेरिका जाने के लिए डंकी रूट के रास्ते पनामा के जंगलों से होकर गुजरता आशु व अन्य युवक।
- फोटो : संवाद
विस्तार
रोहतक। महम चौबीसी के गांव खरकड़ा के युवक आशु (20) पर पिछले 14 माह अब तक की जिंदगी के सबसे भयावह साबित हुए। अमेरिका में कमाई के सपने दिखाकर एजेंट ने डंकी रूट से भेजकर 47.20 लाख रुपये ले लिए। रास्ते में कोलंबिया के समुद्र में नाव पलट गई। वह तो 500 मीटर दूर से तैरकर किनारे पर आ गया लेकिन 17 में से 11 युवक डूब गए। अब भी हादसा उसके जहन से नहीं निकल पा रहा है।
विज्ञापन
अमेरिका में पकड़े जाने पर वापस डिपोर्ट कर दिया गया। आशु ने घर पहुंचकर आपबीती सुनाई। आशु का कहना है कि डंकी रूट मौत का रास्ता है, बड़ी मुश्किल से जान बचाकर आया हूं, कोई मत जाना। आशु ने बताया कि गांव का युवक आर्यन उनका सीनियर था। उसके पिता ने उसे अमेरिका भेज दिया। उसे भी अमेरिका भेजने का झांसा देकर पिता नरेंद्र से 47.20 लाख रुपये ले लिए।
विज्ञापन
पहले दिल्ली से मुंबई और वहां से थाईलैंड भेजा। थाईलैंड से चीन भेज दिया गया। चीन ने वापस भेजा। अक्तूबर 2024 में उसे दिल्ली से सीधे गुयाना भेजा गया। तीन दिन एक मकान में रखा गया। वहां से रात को ब्राजील की सीमा में धकेल दिया। एक कमरे में रखा गया। जब 10 युवक हो गए तो पेरू व इक्वाडोर के रास्ते कोलंबिया ले गए।
विज्ञापन
कोलंबिया से नाव के जरिए 17 युवकों को पनामा ले जाया जा रहा था। समुद्र में उनकी नाव पलटने से 11 युवकों की डूबने से मौत हो गई। उसके साथ पांच युवक 500 मीटर तैरकर किसी तरह किनारे पर आ गए। डूबने वालों में यमुनानगर का एक युवक भी शामिल था। पनामा के जंगलों के रास्ते निकारगुआ, हांडुरस, ग्वाटेमाला, लापालूला से होते हुए मैक्सिको ले गए। वहां तीन दिन एक मकान में हाउस अरेस्ट रखा गया। वहां अमेरिका का रात के समय टेक्सास राज्य का बाॅर्डर पार करवा दिया। जाते ही अमेरिका की पुलिस ने पकड़ लिया। वहां से पुलिस अदालत में ले गई जहां 10 दिन की कैद की सजा दी गई।
10 दिन कैद में रहने के बाद डिटेंशन सेंटर ले जाया गया। वहां पर एक सेंटर में करीब 1100 तक लोग मिले। उनमें सबसे ज्यादा लेटिन अमेरिका के थे। उनके अलावा भारतीय, नेपाली, पाकिस्तानी व बांग्लादेशी भी मिले। अब 27 नवंबर को अमेरिका ने एयर इंडिया की फ्लाइट से वापस भारत भेज दिया। आशु ने बताया कि रास्ते में उन्होंने जो वीडियो बनाए थे वे डिलीट करवा दिए गए। केवल वे वीडियो बचे जो माता-पिता को पहले ही भेज चुके थे।
बेटे को बचाने के लिए जमीन व प्लॉट तक बिक गया
आशु के पिता नरेंद्र ने बताया कि उनके परिवार को जाल में फंसाकर एजेंट ने 47 लाख से ज्यादा रुपये हड़प लिए। बेटा डंकी रूट के रास्ते में जगह-जगह फंस गया। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं मिले तो मानव तस्करों को सौंप देंगे। इस तरह उनसे बार-बार पैसे हड़पे गए। बेटा जब तक न आया, तब तक उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता में थे। पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद है, इसलिए एफआईआर दर्ज कराई है।