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Mahendragarh-Narnaul News: मौत से एक दिन पहले जीना सै तेरे बिना, तू जान हमारी है गाने पर बनाई थी रील
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-फोटो 60 : मृतक घनेंद्र का शव लेने पहुंचे साथी। संवाद
बहादुरगढ़। दिल्ली-रोहतक रेल मार्ग पर छोटूराम नगर के पास रील बनाने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले दूसरे युवक की घनेंद्र के रूप में शिनाख्त हुई है। घनेंद्र छाेटूराम नगर में ही रहता था। हादसे से एक दिन पूर्व घनेंद्र और शिवम ने रेलवे ट्रैक पर जीना सै तेरे बिना, तू जान हमारी है हरियाणवी गाने पर रील बनाई थी। यह रील अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थी।
वीरवार को शिव कुमार और घनेंद्र की रील बनाने के चक्कर में दिल्ली-रोहतक पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। दोनों ही अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। दोनों ही युवक एमआइई क्षेत्र में अलग-अलग फैक्टरियों में हेल्पर के तौर पर काम करते थे।
हादसे में जान गंवाने वाले शिवम तिवारी का छोटा भाई और मां रजनी छोटूराम नगर में किराये पर रहते हैं। वहीं, घनेंद्र अकेला ही छोटूराम नगर में रहता था। घनेंद्र की पांच बड़ी बहनें और एक छोटा भाई है। घनेंद्र अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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22 अक्तूबर को भी दो युवकों की गई थी जान
इसी साल 22 अक्तूबर को यूपी के रामपुर फरुखनगर के का रहने वाला राजाराम और हरदोई निवासी सन्नी की भी छोटूराम नगर में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हादसे के वक्त दोनों टहलने के लिए निकले थे।
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वीरवार को शिव कुमार और घनेंद्र की रील बनाने के चक्कर में दिल्ली-रोहतक पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। दोनों ही अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। दोनों ही युवक एमआइई क्षेत्र में अलग-अलग फैक्टरियों में हेल्पर के तौर पर काम करते थे।
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हादसे में जान गंवाने वाले शिवम तिवारी का छोटा भाई और मां रजनी छोटूराम नगर में किराये पर रहते हैं। वहीं, घनेंद्र अकेला ही छोटूराम नगर में रहता था। घनेंद्र की पांच बड़ी बहनें और एक छोटा भाई है। घनेंद्र अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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22 अक्तूबर को भी दो युवकों की गई थी जान
इसी साल 22 अक्तूबर को यूपी के रामपुर फरुखनगर के का रहने वाला राजाराम और हरदोई निवासी सन्नी की भी छोटूराम नगर में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। हादसे के वक्त दोनों टहलने के लिए निकले थे।

-फोटो 60 : मृतक घनेंद्र का शव लेने पहुंचे साथी। संवाद