फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The city is slipping to the bottom every year in the cleanliness ranking.

Mahendragarh-Narnaul News: स्वच्छता रैंकिंग में हर वर्ष निचले पायदान पर खिसकता जा रहा शहर

Mon, 06 Jan 2025 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 06 Jan 2025 11:16 PM IST
विज्ञापन
The city is slipping to the bottom every year in the cleanliness ranking.
फोटो नंबर-05शहर के अग्रसैन चौक पर लगा गंदगी का ढेर। संवाद
नारनौल। नगर परिषद हर वर्ष स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। साथ ही स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सुधार के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी धरातल पर शहर में विशेष सुधार नजर नहीं आ रहा है। यहीं कारण कि हर वर्ष स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होने की बजाय नीचे पायदान पर खिसकते जा रहे हैं।
विज्ञापन

स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में नार्थ जोन में नारनौल 84वें पायदान पर रहा था। वहीं राज्य में 48वीं रैंकिंग और राष्ट्रीय स्तर पर 3135वां रैंक हासिल किया, जबकि वर्ष 2022 में नार्थ जाेन में नारनौल की 54वीं रैंकिंग थी। इस तरह गत वर्ष नारनौल 30 पायदान नीचे खिसक गया था। अब इस वर्ष होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग के लिए नगर परिषद ने शहर को ओडीएफ डबल प्लस के साथ जीएफसी (गारबेज फ्री सिटी) करने के लिए अप्लाई किया है। ओडीएफ डबल प्लस के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहतर होनी चाहिए। वहीं जीएफसी के लिए शहर में कूड़े का सही प्रबंधन होना चाहिए, लेकिन दोनों ही प्रकार से शहर में व्यवस्था सही नहीं है, क्योंकि कूड़ा डालने के लिए शहर में कही भी कूड़ादान ही नहीं है। इस वजह से शहर में बने कूड़ा डपिंग पर खुले पर ही कूड़ा डाला जा रहा है। ऐसे में शहर को गारबेज फ्री बन पाना एक बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन





शहर में गंदगी के लगे रहते हैं ढेर
नगर परिषद शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए जहां एक निजी कंपनी ठेका दिया है, वहीं उसके खुद के साधन व कर्मचारी भी इस कार्य में लगे रहते हैं। इतना सब होने के बाद भी शहर में कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा है। कई मोहल्लों जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नप की सदन की बैठक में पार्षद खूब हंगामा करते हैं, लेकिन इसके बाद भी नप का सफाई अभियान शहर में ठीक तरह से नहीं चल पा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पर आने के लिए नगर परिषद को शहर की सफाई व शौचालयों की व्यवस्था में सुधार करना बहुत जरूरी है।







स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद ने काम शुरू कर दिया है। शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार को लेकर निदेशालय की तरफ से अब पांच साल के लिए सफाई टेंडर छोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे अब सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। कार्य निरंतर रूप से चलता रहेगा।-सुंदर सिंह श्योराण, एक्सईएन नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed