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खदान से 26 घंटे बाद निकाला गया चालक का शव,लोगों किया प्रदर्शन
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बखरीजा पत्थर खदान में साढ़े तीन सौ फीट नीचे गहराई में गिरे डंपर चालक के शव को करीब 26 घंटे बाद मंगलवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे निकाला गया। इस हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने खदान संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार सुबह दस बजे धौलेड़ा के पास रोड जाम कर दिया था।
बता दें कि सोमवार को बखरीजा पत्थर खदान नंबर तीन से मलबा भरकर डालते समय डंपर करीब साढ़े तीन सौ फीट नीचे गिर गया था। इससे डंपर चालक बुधराम की मौत हो गई थी। हादसे की सूचना पर निजामपुर व नांगल चौधरी पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन हादसा स्थल तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। पुलिस ने पोकलेन व जेसीबी से रास्ता तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। मंगलवार सुबह तक भी डंपर चालक के शव को बाहर नहीं निकाला गया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। खदान संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह करीब दस बजे धौेलेड़ा के पास सड़क जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर दोहपर में करीब एक बजे जाम खुलवाया। चालक के शव को साढ़े तीन सौ गहरी पत्थर खदान से बाहर निकाला गया। चालक का शव सोमवार एक बजे खान में गिरा था। जिसे मंगलवार तीन तीन बजे निकाला गया।
पांच बहनों का इकलौता भाई था मृतक
डंपर चालक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मृतक पांच बहनों का इकलौता भाई था। मृतक के दो बच्चों में एक डेढ़ साल का बेटा और छह महीने की बेटी है। बेटी ने अभी बोलना भी नहीं सीखा था कि पिता का साया उसके सिर पर से उठ गया। वहीं अन्य परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही से बखरीजा जोन में हादसे घटित हो रहे है। यह कोई पहली घटना नही है। इससे पूर्व भी खदान सहित क्रशर जोन में कई घटनाएं घटित हो चुकी है।
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वर्जन
ग्रामीणों के सहयोग से खदान से डंपर चालक का शव निकाला गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में इतफाकिया कार्रवाई की गई है।
-रामेश्वर, प्रभारी पुलिस चौकी निजामपुर
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बता दें कि सोमवार को बखरीजा पत्थर खदान नंबर तीन से मलबा भरकर डालते समय डंपर करीब साढ़े तीन सौ फीट नीचे गिर गया था। इससे डंपर चालक बुधराम की मौत हो गई थी। हादसे की सूचना पर निजामपुर व नांगल चौधरी पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन हादसा स्थल तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। पुलिस ने पोकलेन व जेसीबी से रास्ता तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। मंगलवार सुबह तक भी डंपर चालक के शव को बाहर नहीं निकाला गया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। खदान संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह करीब दस बजे धौेलेड़ा के पास सड़क जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर दोहपर में करीब एक बजे जाम खुलवाया। चालक के शव को साढ़े तीन सौ गहरी पत्थर खदान से बाहर निकाला गया। चालक का शव सोमवार एक बजे खान में गिरा था। जिसे मंगलवार तीन तीन बजे निकाला गया।
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पांच बहनों का इकलौता भाई था मृतक
डंपर चालक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मृतक पांच बहनों का इकलौता भाई था। मृतक के दो बच्चों में एक डेढ़ साल का बेटा और छह महीने की बेटी है। बेटी ने अभी बोलना भी नहीं सीखा था कि पिता का साया उसके सिर पर से उठ गया। वहीं अन्य परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही से बखरीजा जोन में हादसे घटित हो रहे है। यह कोई पहली घटना नही है। इससे पूर्व भी खदान सहित क्रशर जोन में कई घटनाएं घटित हो चुकी है।
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ग्रामीणों के सहयोग से खदान से डंपर चालक का शव निकाला गया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में इतफाकिया कार्रवाई की गई है।
-रामेश्वर, प्रभारी पुलिस चौकी निजामपुर