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Mahendragarh-Narnaul News: नहरी पानी आने में दस दिन का समय शेष
Fri, 28 Feb 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 28 Feb 2025 12:02 AM IST
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फोटो संख्या:59- देवास जलघर में टैंक नंबर दो में कम पानी--संवाद
महेंद्रगढ़। जिले की 70 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है, लेकिन इस बार नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण महेंद्रगढ़ व कई अन्य बड़े गांवों में पेयजल आपूर्ति भी राशनिंग के आधार पर की जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर अभी नहरी पानी आने में दस दिन का समय शेष है। इस दौरान शहरवासियों के समक्ष पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।
महेंद्रगढ़ शहर में एक सप्ताह पूर्व से ही पानी की राशनिंग शुरू की जा चुकी है। महेंद्रगढ़ जिले की 70 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित हैं। जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए जवाहरलाल नेहरू कैनाल को ही जीवन रेखा माना जाता है। 1100 क्यसेक क्षमता वाली इस नहर में लंबे समय से 300 से 600 क्यसेक ही पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में प्रथम चरण में नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य विभाग के पेयजल आपूर्ति के जलघरों को भरा जाता है।
एक माह के समय में महज 15 दिन ही नहरी पानी मिल पाता है। ऐसे में जलघरों को भरने के बाद द्वितीय चरण में नहरी पानी से जुड़े जोहड़ों में पानी भरा जाता है, लेकिन महेंद्रगढ़ जिले में केवल पेयजल आपूर्ति व जोहड़ों को भरने में ही जेएलएन को मिलने वाली पानी खर्च हो जाता है।
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महेंद्रगढ़ शहर में एक सप्ताह पूर्व से ही पानी की राशनिंग शुरू की जा चुकी है। महेंद्रगढ़ जिले की 70 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित हैं। जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए जवाहरलाल नेहरू कैनाल को ही जीवन रेखा माना जाता है। 1100 क्यसेक क्षमता वाली इस नहर में लंबे समय से 300 से 600 क्यसेक ही पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में प्रथम चरण में नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य विभाग के पेयजल आपूर्ति के जलघरों को भरा जाता है।
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एक माह के समय में महज 15 दिन ही नहरी पानी मिल पाता है। ऐसे में जलघरों को भरने के बाद द्वितीय चरण में नहरी पानी से जुड़े जोहड़ों में पानी भरा जाता है, लेकिन महेंद्रगढ़ जिले में केवल पेयजल आपूर्ति व जोहड़ों को भरने में ही जेएलएन को मिलने वाली पानी खर्च हो जाता है।
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