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शिक्षक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं : कुलपति प्रो. टंकेश्वर
Mon, 15 Sep 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:27 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग सेंटर की ओर से 26वीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली दूरदर्शी नीति है। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर बताया। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस शिक्षा नीति को व्यवहार में लाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं, ताकि शिक्षा व्यवस्था अधिक सशक्त और प्रभावी बन सके।
शिक्षक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस दस दिवसीय आयोजन के दौरान विशेषज्ञ राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सम्मिलित पाठ्यचर्या रूपांतरण, शिक्षण पद्धति सुधार, कौशल विकास, अनुसंधान और वैश्विक अवसर जैसे विविध आयामों पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे।
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जेईसीआरसी विश्वविद्यालय जयपुर की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. निधि बंसल ने विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जेईसीआरसी विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति प्रो. विक्टर गंभीर ने कहा कि एनईपी 2020 शिक्षा को शोध, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं करेगी बल्कि उन्हें रोजगार सृजनकर्ता के रूप में भी तैयार करेगी। डॉ. अमित कुमार ने कहा कि अवश्य ही यह 26 वां एनईपी 2020 अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए एनईपी की गहराई से समझ विकसित करने तथा उसे व्यवहार में शामिल करने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 135 से अधिक शिक्षकों व शोधार्थियों ने हिस्सा लिया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली दूरदर्शी नीति है। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर बताया। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस शिक्षा नीति को व्यवहार में लाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं, ताकि शिक्षा व्यवस्था अधिक सशक्त और प्रभावी बन सके।
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शिक्षक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस दस दिवसीय आयोजन के दौरान विशेषज्ञ राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सम्मिलित पाठ्यचर्या रूपांतरण, शिक्षण पद्धति सुधार, कौशल विकास, अनुसंधान और वैश्विक अवसर जैसे विविध आयामों पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे।
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जेईसीआरसी विश्वविद्यालय जयपुर की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. निधि बंसल ने विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जेईसीआरसी विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति प्रो. विक्टर गंभीर ने कहा कि एनईपी 2020 शिक्षा को शोध, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं करेगी बल्कि उन्हें रोजगार सृजनकर्ता के रूप में भी तैयार करेगी। डॉ. अमित कुमार ने कहा कि अवश्य ही यह 26 वां एनईपी 2020 अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए एनईपी की गहराई से समझ विकसित करने तथा उसे व्यवहार में शामिल करने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 135 से अधिक शिक्षकों व शोधार्थियों ने हिस्सा लिया।