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Mahendragarh-Narnaul News: शिविर में छात्राओं को बताए योग के गुर
Thu, 07 Mar 2024 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 07 Mar 2024 12:51 AM IST
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महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में योग कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागियों को त्रिकोणासन, भुजंगासन, ऊष्ट्रासान, चक्रासन आदि का अभ्यास करवाया गया।
योग क्लब प्रभारी डॉ. पविता यादव ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पिछले दो दिन में जिन योगासनों का अभ्यास करवाया गया था उन्हें फिर करवा कर देखने पर अन्नु ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि नियमित योगासनों के अभ्यास की आदत संपूर्ण शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है।
जय माता दी एरोबिक्स सेंटर की निदेशक एवं योग भारती हरियाणा की योग प्रशिक्षिका सुमन गर्ग ने योग से होने वाले विभिन्न प्रकार के शारीरिक लाभों के विषय में भी छात्राओं को अवगत कराया। उन्होंने त्रिकोणासन, भुजंगासन, ऊष्ट्रासान, चक्रासन आदि का अभ्यास करवाते हुए बताया कि त्रिकोणासन ऐसा अभ्यास है जिससे मांसपेशियों की बेहतर स्ट्रेचिंग करके रक्त के संचार को ठीक रखने में लाभ मिल सकता है। इस योग के अभ्यास के दौरान शरीर को दाएं और बाएं तरफ स्ट्रेच करने की आवश्यकता होती है जिससे पीठ, हाथों और पैरों की मांसपेशियों की सक्रियता और उनमें रक्त का संचार बढ़ता है। वहीं भुजंगासन से रीढ़ की हड्डी सशक्त होती है और पीठ में लचीलापन आता है।
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योग क्लब प्रभारी डॉ. पविता यादव ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पिछले दो दिन में जिन योगासनों का अभ्यास करवाया गया था उन्हें फिर करवा कर देखने पर अन्नु ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि नियमित योगासनों के अभ्यास की आदत संपूर्ण शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है।
जय माता दी एरोबिक्स सेंटर की निदेशक एवं योग भारती हरियाणा की योग प्रशिक्षिका सुमन गर्ग ने योग से होने वाले विभिन्न प्रकार के शारीरिक लाभों के विषय में भी छात्राओं को अवगत कराया। उन्होंने त्रिकोणासन, भुजंगासन, ऊष्ट्रासान, चक्रासन आदि का अभ्यास करवाते हुए बताया कि त्रिकोणासन ऐसा अभ्यास है जिससे मांसपेशियों की बेहतर स्ट्रेचिंग करके रक्त के संचार को ठीक रखने में लाभ मिल सकता है। इस योग के अभ्यास के दौरान शरीर को दाएं और बाएं तरफ स्ट्रेच करने की आवश्यकता होती है जिससे पीठ, हाथों और पैरों की मांसपेशियों की सक्रियता और उनमें रक्त का संचार बढ़ता है। वहीं भुजंगासन से रीढ़ की हड्डी सशक्त होती है और पीठ में लचीलापन आता है।
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