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यूक्रेन में फंसे छात्र जी रहे भय के साये में, बेगपुर का भूषण लौटा वतन

Mon, 28 Feb 2022 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 11:38 PM IST
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Students trapped in Ukraine are living under the shadow of fear, Bhushan of Begpur returned home
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के बीच अटेली क्षेत्र के गांव बेगपुर निवासी भूषण सोमवार को वतन लौट आया। इससे परिवार में खुशी का माहौल है। भूषण को लेकर चिंतित उसकी मां एक सप्ताह से ठीक से सो नहीं पाई थी। वहीं यूक्रेन में खारकीव में फंसे अटेली नांगल निवासी पीयूष नहाडिया के परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है। भूषण अपने घर रोमानिया बॉर्डर पर 5 किलोमीटर पैदल चल कर सोमवार सुबह 6.30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा है।
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यूक्रेन-रूस के मध्य चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेन में भारतीय फंसे हुए हैं। जिनमें ज्यादातर एममीबीएस करने वाले विद्यार्थी हैं। जिसमें यूक्रेन से जिले की दो मेडिकल छात्राएं की सकुशल वापसी हो चुकी है। अटेली कस्बे के वार्ड 11 निवासी सुरेंद्र का पुत्र पीयूष नहाडिया यूक्रेन के खारकीव में फंसा हुआ है। जहां हालत बद से बदतर बने हुए है। वह खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसके पिता सुंदरलाल ने बताया कि पीयूष नहाडिया से मोबाइल पर बात होने पर पता चला कि उसे वहां पर खाने-पीने की वस्तुओं के अलावा दिन-रात चेतावनी के सायरन के बीच रहना पड़ रहा है। अभी तक भारतीय दूतावास ने संपर्क नहीं होने से उनकी स्थिति काफी भयावह बनी हुई है। युद्ध के हालत पिछले एक सप्ताह से चलने के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। इस परिवार को इकलौते बेटे की चिंता को लेकर तनाव बना हुआ है। वहीं बेगपुर निवासी भूषण यूक्रेन में विनित्शा में मेडिकल तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। घर लौटने के लिए भूषण ने विनित्शा से 450 किलोमीटर दूर रोमानिया देश में निजी बस करके 53 विद्यार्थियों के साथ पहुंचा। वहां से वह वतन लौटा है। वह जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ता है उसमें करीब 4 हजार छात्र पढ़ते हैं।
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घर लौटे भूषण से मिलकर अटेली के विधायक सीताराम के पुत्र प्रवीण ने कहा कि भारत सरकार ने रोमानिया से दिल्ली तक देश के नागरिकों को अपने खर्चे से ला रही है, जो काबिलेतारफी है। हमें उम्मीद है कि अटेली कस्बे के वार्ड 11 का निवासी पीयूष पुत्र सुंदरलाल जल्द पहुंचेगा।
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भूषण ने बताया कि वह विनित्शा से रोमानिया पहुंच कर बड़ी मशक्कत से घर लौटा है। वहां पर बुरे हालत बने हुए हैं। कीव और खारकीव में तो हालात बदतर हो गए हैं, लेकिन वह जिस शहर में था, वहां पर स्थिति ज्यादा भयावह नहीं थी, लेकिन खारकीव व कीव शहरों में हालात खराब हैं। विनित्शा से रोमानिया देश में आने के लिए 53 विद्यार्थियों ने एक बस 3 लाख रुपये में करके देश के सीमा पर पहुंचे। बस चालकन ने सीमा से 5 किलोमीटर पहले ही उतार दिया, जिसकी वजह से पैदल चल कर एयरपोर्ट पहुंचा। उसके बाद वतन वापसी हुई है। यूक्रेन न छोड़ने के लिए लोगों में जोर अजमाइश चली हुई है। बड़ी मशक्कत करने से फ्लाइट मिल पाई तथा अपने परिवार के बीच में पहुंचा पाया।
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