फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   strike for head office, people, demanding, mahendragarh

मुख्यालय वापस लाने के लिए लोगों ने कसी कमर

Thu, 05 May 2016 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Thu, 05 May 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
नगर में मुख्यालय लाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने कमर कस ली है। यहां के लोगों को हर छोटे-बड़े काम के लिए 25 किलोमीटर दूर नारनौल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे उन्हें खासा परेशान होना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि सूबे में तीन नए जिले बनाने की कवायद चल रही है ऐसे में नारनौल को महेंद्रगढ़ से अलग किया जाना चाहिए और मुख्यालय भी महेंद्रगढ़ लाया जाना चाहिए। इसी मामले को लेकर पिछले पांच दिन से डा. भीमराव अंबेडकर चौक पर  जनशक्ति मजदूर सभा धरना दे रही है। सभा के प्रधान जगदीश यादव ने बताया कि काफी लंबे समय से महेंद्रगढ़ मुख्यालय को तरस रहा है। हर छोटे से छोटे काम के लिए क्षेत्र के लोगों को नारनौल जाना पड़ता है। आखिर इस क्षेत्र के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार कब तक चलेगा।  उन्होंने कहा कि कुछ कमियां राजनेताओं की रही हैं कि उन्होंने केवल सियासी रोटियां ही सेंकी हैं कभी क्षेत्र के हक के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। अब जनता जागरूक हो चुकी है और समझ चुकी है। हेडक्वार्टर महेंद्रगढ़ का है और वे इसे यहां लाकर ही दम लेेंगे। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए अन्य संगठन को भी उनका साथ देना चाहिए तथा मजबूती से अपनी मांग उठानी चाहिए। इस मौके पर  पंच धनपत,  हवासिंह, मा.लालाराम, एक्स सरपंच उदमीराम, राव सुरेंद्र सिंह, सुभाष चौहान,  मक्खन लाल ठेकेदार, सुबेदार अमर सिंह आदि थे।
विज्ञापन


बंसीलाल सरकार में अधिकतर आफिस गए नारनौल
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पहले कुछ ऑफिस महेंद्रगढ़ में थे जिससे लोगों को काफी राहत थी लेकिन 1968-1975 कांग्रेस शासन काल में नारनौल के तत्कालीन विधायक एवं कैबिनेट मंत्री आरएस मित्तल के प्रयासों से तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने अधिकतर हेड ऑफिसों को नारनौल सिफ्ट कर दिया। जबकि तत्कालीन महेंद्रगढ़ एमएलए निहाल सिंह ने इसका विरोध नहीं किया। इसका मुख्य कारण था कि नारनौल के विधायक मित्तल उस समय एक कैबिनेट मंत्री थे तथा बंसीलाल के विश्वासपात्र थे।
विज्ञापन



जाट लैंड में 25 किलोमीटर पर जिला तो महेंद्रगढ़ में क्यों नही
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के साथ हमेशा अन्याय हुआ है चाहे वह कोई भी सरकार रही हो। उन्होंने बताया कि जाटलैंड में 25 किलोमीटर पर जिले हैं तो यहां क्यों नहीं हो बना सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में तीन और नए जिले बनाने जा रही है। इन जिलों में हांसी, चरखी दादरी और गोहाना है। उन्होंने बताया कि हांसी से हिसार की दूरी 25 किलोमीटर है, इतनी दूरी रोहतक से गोहाना की तथा भिवानी से चरखी दादरी की है। जब वो जिले बन सकते हैं तो नारनौल क्यों नहीं बन सकता। नारनौल को महेंद्रगढ़ से अलग कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed