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13 दिनों से चला रहा दलित समाज को प्रदर्शन खत्म

Wed, 21 Dec 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 21 Dec 2016 12:25 AM IST
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अनशनकारी पहुंचे अस्पताल
पिछले दिनों महेंद्रगढ़ में दो पालिका पार्षदों के बीच हुई मारपीट के मामले को लेकर शुरू किया गया दलित समाज का धरना मंगलवार को 13 वें दिन उस समय समाप्त हो गया। अब दलित पार्षद नरेंद्र खन्ना के विरोधी पार्षद सुरेन्द्र बंटी के विरुद्ध भी विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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दलित समाज के नेताओं को सौंपी एफआईआर
आंदोलनकारियों की मांग के अनुसार महेंद्रगढ़ के डीएसपी बिरम सिंह, एसडीएम विक्रम सिंह एवं तहसीलदार दिनेश कुमार मंगलवार की शाम 7 बजे एफआईआर की कॉपी लेकर धरना स्थल पर पहुंचे, और वहां दलित समाज के नेताओं को एफआईआर की कॉपी सौंप दी। अधिकारियों ने इस मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पार्षद नरेंद्र खन्ना की पत्नी कौशल्या देवी सहित चारों अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
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अनशनकारी अस्पताल में भर्ती
अनशन तुड़वाने के बाद पुलिस ने चारों अनशनकारियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां पर उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।  पिछले दस दिनों से अनशन पर बैठी नरेंद्र खन्ना की पत्नी कौशल्या देवी, शीशराम, महेंद्र सिंह, भरतलाल खन्ना का अस्पताल में चिकित्सकों ने दाखिल कर लिया है। चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार अभी सभी की हालत सामान्य है ।
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यह था मामला
गौरतलब है कि पिछले दिनों पार्षद सुरेंद्र बंटी और दलित समुदाय से संबंधित पार्षद नरेंद्र खन्ना के बीच मारपीट हो गई थी। इस मामले में पार्षद बंटी को चोटें आईं थीं, जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए नरेंद्र खन्ना के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में पेश करने पर खन्ना को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। तीन दिन जेल में रहने के पश्चात नरेंद्र खन्ना को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इस मामले में दलित समाज के लोग पुलिस की एक तरफा कार्रवाई से क्षुब्ध होकर स्थानीय अंबेडकर चौक पर धरने पर बैठ गये थे। पार्षद खन्ना की पत्नी पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठी हुई थी। उनके समर्थन में अन्य तीन लोग भी आमरण अनशन पर बैठे हुये थे। आंदोलनकारियों की मांग थी कि सुरेंद्र के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की जाए।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का था आरोप
मामले को लेकर खन्ना की पत्नी कौशल्या देवी ने पुलिस में शिकायत लगाई हुई थी। उनका आरोप था कि पुलिस ने बंटी की शिकायत पर तो कार्रवाई कर दी मगर उनकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसी बात को लेकर दलित समाज के लोग पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे हुए थे।


वर्जन:
मामले की जांच चल रही थी। बीच में जब दोनों पक्षों को बुलाया गया था तो उस समय कोई पक्ष नहीं पहुंचा था। फिर मैं स्वयं छुट्टी पर चला गया था। मंगलवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी गई है। -राजेश यादव, डीएसपी हेड क्वार्टर

ऐसे रहा पूरा मामला:
27 नवंबर की रात्रि को कुआं पूजन समारोह पर दोनों पार्षदों का हुआ झगड़ा और पुलिस को दी शिकायत।
28 को नरेंद्र खन्ना पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज।
1 दिसंबर को दलित समाज ने न्याय के लिए  एसपी को सौंपा ज्ञापन।
8 को दलित समाज अंबेडकर चौक पर बैठा धरने पर।
11 को पार्षद नरेंद्र खन्ना की पत्नी बैठी अनशन पर।
16 को प्रशासन से सुबह एवं सायं के समय दलित समाज के प्रतिनिधि मंडल से दो बार हुई बैठक।
17 को शीशराम, महेंद्र सिंह, भरतलाल खन्ना ने समाज की ओर से बैठे अनशन पर।
17 को सायं के समय एसडीएम विक्रम सिंह से प्रतिनिधि मंडल की हुई बैठक।
18 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा पहुंचे धरना स्थल पर। प्रशासन को मामला दर्ज करने के दिए थे आदेश।
19 को पूरा दिन शिक्षामंत्री प्रो. शर्मा की दोनों पार्षदों एवं अधिकारियों से हुई मिटिंग।
20 को डीएसपी हेड क्वार्टर ने कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपी और महेंद्रगढ़ थाने में सुरेंद्र बंटी के खिलाफ हुआ मामला दर्ज।
20 को सायं के समय एसडीएम एवं डीएसपी बिरम सिंह ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन।
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