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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल में बनेगी प्रदेश की दूसरी बड़ी आयुर्वेदिक फार्मेसी
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फोटो 02 पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल। संवाद
नारनौल। पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में प्रदेश की दूसरी बड़ी राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी बनाई जाएगी। इसके निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 134 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो चुका है। लोक निर्माण विभाग जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी करने की तैयारी में है।
फार्मेसी बनने के बाद यहां आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा सकेगा। तैयार दवाओं की आपूर्ति जिले के साथ-साथ प्रदेश के आयुष अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी की जाएगी। इससे आयुर्वेदिक दवाओं के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने के बाद कॉलेज में नए आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की भी संभावना है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा। फार्मेसी के साथ 100 से अधिक ग्रुप वाइज स्टाफ क्वार्टर, रंगमंच, लड़कों व लड़कियों का हॉस्टल सहित मेडिकल सुपरिटेंडेंट व प्रिंसिपल क्वार्टर भी शामिल हैं।
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पढ़ाई के साथ दवा बनाने की सीख
फिलहाल छात्र कॉलेज परिसर में मौजूद 200 से अधिक औषधीय पौधों की प्रजातियों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। वे पौधों की पहचान के साथ उनके बीज, छाल, पत्ते, जड़, फूल और तेल के औषधीय उपयोग के बारे में सीखते हैं। फार्मेसी शुरू होने के बाद उन्हें दवाओं के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझने और व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने का मौका मिलेगा।
कई आयुर्वेदिक दवाएं यहीं बनेंगी
फार्मेसी में त्रिफला चूर्ण, हल्दी चूर्ण, आंवला चूर्ण, हींगवाष्टक, अश्वगंधा चूर्ण और मुलेठी चूर्ण जैसी दवाएं तैयार की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न अर्क और काढ़ों का निर्माण भी होगा। तैयार दवाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। फार्मेसी के शुरू होने के बाद नारनौल आयुर्वेदिक दवा निर्माण और प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
वर्जन:
इस संस्थान को उच्चतम स्तर तक ले जाना ही लक्ष्य है। बजट पास हो गया है और आगे की सारी प्रक्रिया अब लोक निर्माण विभाग की ओर से की जानी है। फार्मेसी शुरू होने से दवा के मामले में जिला आत्मनिर्भर तो बनेगा ही, साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर सीखने को मिलेगा।-श्रीनिवास गुज्जरवार, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज, पटीकरा
वर्जन:
आयुर्वेदिक कॉलेज में कई निर्माण कार्य होने हैं और सरकार ने इसके लिए 134 करोड़ का बजट पास किया है। अब जल्द ही टेंडर प्रकिया शुरू की जाएगी।-अश्विनी कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, नारनौल।
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फार्मेसी बनने के बाद यहां आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा सकेगा। तैयार दवाओं की आपूर्ति जिले के साथ-साथ प्रदेश के आयुष अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी की जाएगी। इससे आयुर्वेदिक दवाओं के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
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इसके अलावा, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने के बाद कॉलेज में नए आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की भी संभावना है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा। फार्मेसी के साथ 100 से अधिक ग्रुप वाइज स्टाफ क्वार्टर, रंगमंच, लड़कों व लड़कियों का हॉस्टल सहित मेडिकल सुपरिटेंडेंट व प्रिंसिपल क्वार्टर भी शामिल हैं।
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पढ़ाई के साथ दवा बनाने की सीख
फिलहाल छात्र कॉलेज परिसर में मौजूद 200 से अधिक औषधीय पौधों की प्रजातियों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। वे पौधों की पहचान के साथ उनके बीज, छाल, पत्ते, जड़, फूल और तेल के औषधीय उपयोग के बारे में सीखते हैं। फार्मेसी शुरू होने के बाद उन्हें दवाओं के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझने और व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने का मौका मिलेगा।
कई आयुर्वेदिक दवाएं यहीं बनेंगी
फार्मेसी में त्रिफला चूर्ण, हल्दी चूर्ण, आंवला चूर्ण, हींगवाष्टक, अश्वगंधा चूर्ण और मुलेठी चूर्ण जैसी दवाएं तैयार की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न अर्क और काढ़ों का निर्माण भी होगा। तैयार दवाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। फार्मेसी के शुरू होने के बाद नारनौल आयुर्वेदिक दवा निर्माण और प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
वर्जन:
इस संस्थान को उच्चतम स्तर तक ले जाना ही लक्ष्य है। बजट पास हो गया है और आगे की सारी प्रक्रिया अब लोक निर्माण विभाग की ओर से की जानी है। फार्मेसी शुरू होने से दवा के मामले में जिला आत्मनिर्भर तो बनेगा ही, साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर सीखने को मिलेगा।-श्रीनिवास गुज्जरवार, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज, पटीकरा
वर्जन:
आयुर्वेदिक कॉलेज में कई निर्माण कार्य होने हैं और सरकार ने इसके लिए 134 करोड़ का बजट पास किया है। अब जल्द ही टेंडर प्रकिया शुरू की जाएगी।-अश्विनी कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, नारनौल।