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Mahendragarh-Narnaul News: खातौली जाट गांव का बेटा बना सेना में लेफ्टिनेंट
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फोटो 04 शरीफ खान
- फोटो : बहराइच में सुबह के समय छाया कोहरा।
नारनौल। खतौली जाट गांव के शरीफ खान का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि न केवल परिवार व गांव के लिए गर्व का विषय है बल्कि पूरे क्षेत्र एवं समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
बचपन से मेधावी रहे शरीफ की पारिवारिक आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। फिर भी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में निरंतर परिश्रम करते हुए 12वीं कक्षा पास की। उनकी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर वे 19 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए व एक वर्ष के प्रशिक्षण के पश्चात आर्मी एजुकेशन कोर में क्लर्क के पद पर तैनात हुए।
कुछ ही समय में उन्होंने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में आवेदन किया। अगले दो वर्ष में समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर लिया और साथ ही इग्नू से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डवलपमेंट विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा अर्जित किया। इसके अलावा एडवांस कंप्यूटर एप्लीकेशन और ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन के कोर्स भी पूरे किए।
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विभिन्न परीक्षाओं में प्रयास करने के बावजूद उन्हें बार-बार असफलता का सामना करना पड़ा, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2023 में उन्होंने पहली बार भोपाल से एसएसबी क्लियर किया किंतु मेरिट सूची में स्थान नहीं मिल पाया। 2024 में प्रयागराज से चयनित होकर ऑल इंडिया रैंकिंग में 7वां स्थान हासिल किया।
अब मिलिट्री एकेडमी, देहरादून में प्रशिक्षण पूर्ण कर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हो गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से सारा परिवार और गांव खुश है।
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बचपन से मेधावी रहे शरीफ की पारिवारिक आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। फिर भी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में निरंतर परिश्रम करते हुए 12वीं कक्षा पास की। उनकी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर वे 19 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए व एक वर्ष के प्रशिक्षण के पश्चात आर्मी एजुकेशन कोर में क्लर्क के पद पर तैनात हुए।
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कुछ ही समय में उन्होंने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में आवेदन किया। अगले दो वर्ष में समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर लिया और साथ ही इग्नू से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डवलपमेंट विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा अर्जित किया। इसके अलावा एडवांस कंप्यूटर एप्लीकेशन और ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन के कोर्स भी पूरे किए।
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विभिन्न परीक्षाओं में प्रयास करने के बावजूद उन्हें बार-बार असफलता का सामना करना पड़ा, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2023 में उन्होंने पहली बार भोपाल से एसएसबी क्लियर किया किंतु मेरिट सूची में स्थान नहीं मिल पाया। 2024 में प्रयागराज से चयनित होकर ऑल इंडिया रैंकिंग में 7वां स्थान हासिल किया।
अब मिलिट्री एकेडमी, देहरादून में प्रशिक्षण पूर्ण कर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हो गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से सारा परिवार और गांव खुश है।