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ज्ञान, करुणा और ममता की प्रतीक हैं स्कंद माता : महंत शक्तिनाथ
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फोटो संख्या:79- माता भूरा भवानी मंदिर में पूजा करती महिला श्रद्धालु--स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। माता भूरा भवानी मंदिर सिसोठ में नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंद माता की पूजा-अर्चना की गई। महंत शक्तिनाथ महाराज ने बताया कि पांचवां नवरात्र मां स्कंदमाता को समर्पित है जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। वे ज्ञान, करुणा और ममता का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि तारकासुर नामक राक्षस को वरदान था कि उसकी मृत्यु केवल शिव पुत्र के हाथों ही हो सकती है।
पार्वती ने भगवान शिव के पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को जन्म दिया। उसके बाद कार्तिकेय ने तारकासुर राक्षस का वध किया। कमेटी के प्रधान संदीप यादव, मास्टर अनिल सिसोठिया, मुकेश चौहान ने बताया 27 अप्रैल को माता का भव्य मेला व भंडारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले में खेल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।
खेल प्रतियोगिता वॉलीबाल में प्रथम इनाम 21 हजार व द्वितीय 11 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके साथ-साथ रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। मेले में 100 से 11 हजार रुपये तक का कुश्ती दंगल भी आयोजित किया जाएगा।
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पार्वती ने भगवान शिव के पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को जन्म दिया। उसके बाद कार्तिकेय ने तारकासुर राक्षस का वध किया। कमेटी के प्रधान संदीप यादव, मास्टर अनिल सिसोठिया, मुकेश चौहान ने बताया 27 अप्रैल को माता का भव्य मेला व भंडारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले में खेल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।
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खेल प्रतियोगिता वॉलीबाल में प्रथम इनाम 21 हजार व द्वितीय 11 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके साथ-साथ रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। मेले में 100 से 11 हजार रुपये तक का कुश्ती दंगल भी आयोजित किया जाएगा।
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