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Mahendragarh-Narnaul News: सहाब... खराब हुई फसल, मुआवजा दो सरकार
Wed, 25 Jan 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 25 Jan 2023 12:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय में आयोजित कैंप कार्यालय में खराब हुई फसलों के पौधे लेकर पहुंचे किसान नायब तहसीलदार से मिले। विभिन्न गांवों के किसानों ने सन 2020 में कपास, सन 2021 में मूंग, सन् 2022 बाजरा भावांतर और सन 2023 में सरसों की मुआवजा राशि देने की मांग को लेकर लघु सचिवालय में रोष प्रदर्शन करते हुए नायब तहसीलदार दयाचंद को ज्ञापन सौंपा।
नायब तहसीलदार दयाचंद को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि हमारे क्षेत्र में 2020 में रोग से सारी कपास खराब हो गई थी प्रदेश सरकार ने गिरदावरी करके मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसके लिए ऐपीआर तैयार करके किसानों ने अपनी बैंक खाता नंबर व आधार की प्रति तहसील कार्यालय में जमा करवा दी थी और सरकार द्वारा महेंद्रगढ तहसील का लगभग 15 करोड़ का मुआवजा राशि की ऐपीआर तैयार करने पर भी आज तक सरकार द्वारा बजट नहीं देने पर किसानों में भारी रोष है।
आरटीआई सूचना 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में सरकार द्वारा महेंद्रगढ और जींद जिले को छोड़कर सभी जिलों में मुआवजा राशि बांट दी गई है। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की थी की जो भी किसान मूंग की खेती करेगा उसको प्रदेश सरकार द्वारा प्रति एकड़ के चार हजार रुपये दिए जाएंगें। महेंद्रगढ जिले में पानी की भारी कमी हैं और यहां के किसानों ने काफी मूंग की बिजाई की थी परंतु किसानों को आजतक मूंग के रुपये नहीं मिले। पिछले साल भी और इस साल भी बाजरे की खरीद बहुत कम हुई और सरकार ने किसानों को एक एकड़ में 8 क्विंटल बाजरा की भावांतर योजना का लाभ कुछ किसानों को दिया गया। जबकि झज्जर जिले में सभी किसानों को 10 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से भावांतर योजना का लाभ दिया गया। महेंद्रगढ में 2 क्विंटल में कम और झज्जर जिले में 2 क्विंटल अधिक का पैसा दिया गया। इस मौके पर गांव पायगा, डालनवास, बारडा, माधोगढ, जाटवास, निंबी, छाजियावास, मेघनवास, खायरा सहित अनेक गांवों के किसान लघु सचिवालय में पहुंचे।
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महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय में आयोजित कैंप कार्यालय में खराब हुई फसलों के पौधे लेकर पहुंचे किसान नायब तहसीलदार से मिले। विभिन्न गांवों के किसानों ने सन 2020 में कपास, सन 2021 में मूंग, सन् 2022 बाजरा भावांतर और सन 2023 में सरसों की मुआवजा राशि देने की मांग को लेकर लघु सचिवालय में रोष प्रदर्शन करते हुए नायब तहसीलदार दयाचंद को ज्ञापन सौंपा।
नायब तहसीलदार दयाचंद को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि हमारे क्षेत्र में 2020 में रोग से सारी कपास खराब हो गई थी प्रदेश सरकार ने गिरदावरी करके मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसके लिए ऐपीआर तैयार करके किसानों ने अपनी बैंक खाता नंबर व आधार की प्रति तहसील कार्यालय में जमा करवा दी थी और सरकार द्वारा महेंद्रगढ तहसील का लगभग 15 करोड़ का मुआवजा राशि की ऐपीआर तैयार करने पर भी आज तक सरकार द्वारा बजट नहीं देने पर किसानों में भारी रोष है।
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आरटीआई सूचना 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में सरकार द्वारा महेंद्रगढ और जींद जिले को छोड़कर सभी जिलों में मुआवजा राशि बांट दी गई है। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की थी की जो भी किसान मूंग की खेती करेगा उसको प्रदेश सरकार द्वारा प्रति एकड़ के चार हजार रुपये दिए जाएंगें। महेंद्रगढ जिले में पानी की भारी कमी हैं और यहां के किसानों ने काफी मूंग की बिजाई की थी परंतु किसानों को आजतक मूंग के रुपये नहीं मिले। पिछले साल भी और इस साल भी बाजरे की खरीद बहुत कम हुई और सरकार ने किसानों को एक एकड़ में 8 क्विंटल बाजरा की भावांतर योजना का लाभ कुछ किसानों को दिया गया। जबकि झज्जर जिले में सभी किसानों को 10 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से भावांतर योजना का लाभ दिया गया। महेंद्रगढ में 2 क्विंटल में कम और झज्जर जिले में 2 क्विंटल अधिक का पैसा दिया गया। इस मौके पर गांव पायगा, डालनवास, बारडा, माधोगढ, जाटवास, निंबी, छाजियावास, मेघनवास, खायरा सहित अनेक गांवों के किसान लघु सचिवालय में पहुंचे।
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