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Mahendragarh-Narnaul News: जिम्मेदारों का दावा-खाद की नहीं है कमी, किसानों का पंजीकृत जरूरी
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महेंद्रगढ़। जिले में सरसों की बिजाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब गेहूं की बिजाई की शुरुआत हो चुकी है। किसानों ने खेतों की तैयारी के साथ गेहूं की अगेती बिजाई का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिले में खाद की किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
इस बीच खाद की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध रहेगा। वहीं महेंद्रगढ़ स्थित हैफेड के खाद बिक्री केंद्र पर पिछले एक सप्ताह के दौरान दो हजार बैग युरिया खाद पहुंच चुका है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के करीब 300 किसानों को 600 बैग यूरिया खाद वितरण किया गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार अनुमानित 277500 एकड़ में सरसों की बिजाई पूरी हो चुकी है। सरसों बिजाई के करीब एक माह के बाद ही पहली सिंचाई के समय किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता रहेगी। वहीं कुछ किसान गेहूं बिजाई से पूर्व डीएपी व यूरिया खाद की बिजाई करते हैं। इस समय जिले में करीब 6 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है जो सरसों की पहली सिंचाई के समय पर्याप्त रहेगा।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिले में खाद की किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। डीएपी को लेकर समस्या नहीं रही थी। इस समय भी जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी व यूरिया उपलब्ध हैं। करीब छह हजार एमटी यूरिया का स्टॉक मौजूद है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद ले रहे हैं।
किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं। खाद उन्हीं किसानों को दी जाएगी जिनका इस पोर्टल पर पंजीकरण होगा। उन्होंने बताया कि खाद लेते समय किसानों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देना होता, केवल मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन अपने मोबाइल पर दिखाना होता है और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों की जमीन जिले से बाहर है, उन्हें अपने संबंधित जिले से ही खाद प्राप्त करनी होगी। यदि किसी किसान को एक साथ अधिक मात्रा में खाद की आवश्यकता है, तो उसे दो या तीन चरणों में दी जाएगी। लेकिन किसी को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और रबी सीजन की फसल की बिजाई सुचारू रूप से चलती रहे।
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इस बीच खाद की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध रहेगा। वहीं महेंद्रगढ़ स्थित हैफेड के खाद बिक्री केंद्र पर पिछले एक सप्ताह के दौरान दो हजार बैग युरिया खाद पहुंच चुका है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के करीब 300 किसानों को 600 बैग यूरिया खाद वितरण किया गया।
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कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार अनुमानित 277500 एकड़ में सरसों की बिजाई पूरी हो चुकी है। सरसों बिजाई के करीब एक माह के बाद ही पहली सिंचाई के समय किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता रहेगी। वहीं कुछ किसान गेहूं बिजाई से पूर्व डीएपी व यूरिया खाद की बिजाई करते हैं। इस समय जिले में करीब 6 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है जो सरसों की पहली सिंचाई के समय पर्याप्त रहेगा।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिले में खाद की किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। डीएपी को लेकर समस्या नहीं रही थी। इस समय भी जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी व यूरिया उपलब्ध हैं। करीब छह हजार एमटी यूरिया का स्टॉक मौजूद है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद ले रहे हैं।
किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं। खाद उन्हीं किसानों को दी जाएगी जिनका इस पोर्टल पर पंजीकरण होगा। उन्होंने बताया कि खाद लेते समय किसानों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देना होता, केवल मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन अपने मोबाइल पर दिखाना होता है और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों की जमीन जिले से बाहर है, उन्हें अपने संबंधित जिले से ही खाद प्राप्त करनी होगी। यदि किसी किसान को एक साथ अधिक मात्रा में खाद की आवश्यकता है, तो उसे दो या तीन चरणों में दी जाएगी। लेकिन किसी को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और रबी सीजन की फसल की बिजाई सुचारू रूप से चलती रहे।