फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Responsible people claim there is no shortage of fertilizers, farmers must be registered.

Mahendragarh-Narnaul News: जिम्मेदारों का दावा-खाद की नहीं है कमी, किसानों का पंजीकृत जरूरी

Wed, 05 Nov 2025 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
Responsible people claim there is no shortage of fertilizers, farmers must be registered.
महेंद्रगढ़। जिले में सरसों की बिजाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब गेहूं की बिजाई की शुरुआत हो चुकी है। किसानों ने खेतों की तैयारी के साथ गेहूं की अगेती बिजाई का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिले में खाद की किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
विज्ञापन

इस बीच खाद की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध रहेगा। वहीं महेंद्रगढ़ स्थित हैफेड के खाद बिक्री केंद्र पर पिछले एक सप्ताह के दौरान दो हजार बैग युरिया खाद पहुंच चुका है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के करीब 300 किसानों को 600 बैग यूरिया खाद वितरण किया गया।
विज्ञापन

कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार अनुमानित 277500 एकड़ में सरसों की बिजाई पूरी हो चुकी है। सरसों बिजाई के करीब एक माह के बाद ही पहली सिंचाई के समय किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता रहेगी। वहीं कुछ किसान गेहूं बिजाई से पूर्व डीएपी व यूरिया खाद की बिजाई करते हैं। इस समय जिले में करीब 6 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है जो सरसों की पहली सिंचाई के समय पर्याप्त रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिले में खाद की किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। डीएपी को लेकर समस्या नहीं रही थी। इस समय भी जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी व यूरिया उपलब्ध हैं। करीब छह हजार एमटी यूरिया का स्टॉक मौजूद है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद ले रहे हैं।
किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं। खाद उन्हीं किसानों को दी जाएगी जिनका इस पोर्टल पर पंजीकरण होगा। उन्होंने बताया कि खाद लेते समय किसानों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देना होता, केवल मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन अपने मोबाइल पर दिखाना होता है और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों की जमीन जिले से बाहर है, उन्हें अपने संबंधित जिले से ही खाद प्राप्त करनी होगी। यदि किसी किसान को एक साथ अधिक मात्रा में खाद की आवश्यकता है, तो उसे दो या तीन चरणों में दी जाएगी। लेकिन किसी को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और रबी सीजन की फसल की बिजाई सुचारू रूप से चलती रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed