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Mahendragarh-Narnaul News: जल्द मिलेगा बंदरों के आतंक से निजात, नप ने जारी किया वर्क ऑर्डर
Sun, 05 Apr 2026 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:51 AM IST
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फोटो नंबर-20पीएमश्री कन्या स्कूल में घूमते बंदर। संवाद
नारनौल। शहर में बढ़ती बंदरों की समस्या से अब आमजन को जल्द राहत मिलेगी। नप हाउस की बैठक में पार्षदों द्वारा इस समस्या को कई बार गंभीरता के साथ उठाया जा चुका है। इसे देखते हुए नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है।
30 मार्च 2026 को जारी आदेशों के तहत अब एक ठेकेदार को बंदरों को पकड़ने का कार्य सौंपा गया है। इस कार्य के लिए 5,93,250 रुपये बजट की स्वीकृति दी गई है। ठेकेदार को प्रति बंदर 1695 की दर से भुगतान किया जाएगा तथा कार्य को 60 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि बंदरों को मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। साथ ही इस दौरान किसी व्यक्ति, वाहन या संपत्ति को नुकसान होने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
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निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बंदरों को पकड़ने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा तथा वन विभाग के सहयोग से उन्हें निर्धारित जंगल क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। ठेकेदार को टीम के सदस्यों की पहचान, आवश्यक संसाधनों और परिवहन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
नगर परिषद ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस कार्य के दौरान पशु क्रूरता से संबंधित नियमों का पूर्ण पालन किया जाए।
आठ माह पहले हो चुकी महिला की मौत
शहर में बंदरों का आतंक इस कदर छाया हुआ है कि उनके हमले से करीब 8 माह पहले एक महिला की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक राजकीय पीएमश्री स्कूल, मोहल्ला खड़खड़ी, मोहल्ला रावका, आजाद चौक, नागरिक अस्पताल व चांदुवाड़ा आदि स्थानों पर है।
शहर के लोगों को अब जल्द ही बंदरों के आतंक से भी निजात मिलेगी। बंदरों को पकड़ने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। ठेकेदार द्वारा सोमवार से ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- विकास शर्मा, जेई, नगर परिषद, नारनौल।
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30 मार्च 2026 को जारी आदेशों के तहत अब एक ठेकेदार को बंदरों को पकड़ने का कार्य सौंपा गया है। इस कार्य के लिए 5,93,250 रुपये बजट की स्वीकृति दी गई है। ठेकेदार को प्रति बंदर 1695 की दर से भुगतान किया जाएगा तथा कार्य को 60 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
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नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि बंदरों को मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। साथ ही इस दौरान किसी व्यक्ति, वाहन या संपत्ति को नुकसान होने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
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निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बंदरों को पकड़ने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा तथा वन विभाग के सहयोग से उन्हें निर्धारित जंगल क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। ठेकेदार को टीम के सदस्यों की पहचान, आवश्यक संसाधनों और परिवहन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
नगर परिषद ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस कार्य के दौरान पशु क्रूरता से संबंधित नियमों का पूर्ण पालन किया जाए।
आठ माह पहले हो चुकी महिला की मौत
शहर में बंदरों का आतंक इस कदर छाया हुआ है कि उनके हमले से करीब 8 माह पहले एक महिला की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक राजकीय पीएमश्री स्कूल, मोहल्ला खड़खड़ी, मोहल्ला रावका, आजाद चौक, नागरिक अस्पताल व चांदुवाड़ा आदि स्थानों पर है।
शहर के लोगों को अब जल्द ही बंदरों के आतंक से भी निजात मिलेगी। बंदरों को पकड़ने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। ठेकेदार द्वारा सोमवार से ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- विकास शर्मा, जेई, नगर परिषद, नारनौल।