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Mahendragarh-Narnaul News: 2011 में हुई 113 प्लॉट की रजिस्ट्री, अब तक नहीं हुए अलॉट
Fri, 29 Nov 2024 10:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 29 Nov 2024 10:58 PM IST
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फोटो नंबर- 12गांव नायन में प्लाट पर कब्जा न देने के विरोध स्वरूप प्रदर्शन करते ग्रामीण।
निजामपुर। नांगल चौधरी थाना क्षेत्र के गांव नायन में बीपीएल श्रेणी के लोगों को रजिस्ट्री होने के बाद भी प्लाॅट पर कब्जा नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि उन्हें प्लाटों पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है, जबकि रजिस्ट्री हुए 15 साल हो बीत चुके हैं।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान गांव में बीपीएल श्रेणी के लोगों को 100-100 गज के प्लाट दिए गए थें। इन प्लाटों की रजिस्ट्री साल 2011 में ही हो गई थीं। इसी के तहत गांव नायन में भी इस श्रेणी के लोगों को प्लॉट अलॉट करके उनकी रजिस्ट्री 2011 में करवा दी गई। गांव नायन में 113 प्लाटों की रजिस्ट्री हुई थी और रजिस्ट्री के बाद अरावली क्षेत्र में प्लाॅट काटने की वजह से सरकार ने इन्हें लोगों को हैंड ओवर नहीं किए थे। इसी के चलते 15 सालों से ग्रामीण यहां वहां धक्के खाने को मजबूर हैं।
इसी समस्या चलते सुबह शेर सिंह, रामानंद, अंजू, रामनिवास, सोमबीर और नरेश कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि रजिस्ट्री होने के 15 साल बाद भी प्लाॅट पर कब्जा नहीं मिला है। जिसके कारण वे प्लाॅट पर मकान नहीं बना पा रहे हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जिन्हें पुराने कच्चे मकान में ही रहना पड़ रहा है तथा कई परिवार किराए के मकान में रह रहे हैं।
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वर्जन
2005 में गरीब परिवारों को प्लॉट दिए गए थे। इसके बाद 2011 में उनकी रजिस्ट्री करवा दी गई थी, लेकिन यह सभी प्लाॅट अरावली क्षेत्र में काटे गए हैं और जहां पर निर्माण करना अवैध है। अब इन सब प्लाॅटधारकों की रजिस्ट्री वापस लेकर पंचायती जमीन में इन लोगों को प्लाॅट दिए जाएंगे, लेकिन अभी सभी लोगों ने रजिस्ट्री वापस नहीं दी है। इसके कारण पंचायती जमीन पर प्लाट देने की प्रक्रिया में रुकावट आ रही है। जल्द ही उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
सतीश कुमार, सरपंच, गांव नायन।
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प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान गांव में बीपीएल श्रेणी के लोगों को 100-100 गज के प्लाट दिए गए थें। इन प्लाटों की रजिस्ट्री साल 2011 में ही हो गई थीं। इसी के तहत गांव नायन में भी इस श्रेणी के लोगों को प्लॉट अलॉट करके उनकी रजिस्ट्री 2011 में करवा दी गई। गांव नायन में 113 प्लाटों की रजिस्ट्री हुई थी और रजिस्ट्री के बाद अरावली क्षेत्र में प्लाॅट काटने की वजह से सरकार ने इन्हें लोगों को हैंड ओवर नहीं किए थे। इसी के चलते 15 सालों से ग्रामीण यहां वहां धक्के खाने को मजबूर हैं।
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इसी समस्या चलते सुबह शेर सिंह, रामानंद, अंजू, रामनिवास, सोमबीर और नरेश कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि रजिस्ट्री होने के 15 साल बाद भी प्लाॅट पर कब्जा नहीं मिला है। जिसके कारण वे प्लाॅट पर मकान नहीं बना पा रहे हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जिन्हें पुराने कच्चे मकान में ही रहना पड़ रहा है तथा कई परिवार किराए के मकान में रह रहे हैं।
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वर्जन
2005 में गरीब परिवारों को प्लॉट दिए गए थे। इसके बाद 2011 में उनकी रजिस्ट्री करवा दी गई थी, लेकिन यह सभी प्लाॅट अरावली क्षेत्र में काटे गए हैं और जहां पर निर्माण करना अवैध है। अब इन सब प्लाॅटधारकों की रजिस्ट्री वापस लेकर पंचायती जमीन में इन लोगों को प्लाॅट दिए जाएंगे, लेकिन अभी सभी लोगों ने रजिस्ट्री वापस नहीं दी है। इसके कारण पंचायती जमीन पर प्लाट देने की प्रक्रिया में रुकावट आ रही है। जल्द ही उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
सतीश कुमार, सरपंच, गांव नायन।