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Mahendragarh-Narnaul News: अप्रैल 2026 तक पूरा होगा राव तुलाराम स्टेडियम का सिंथेटिक ट्रैक
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राव तुलाराम स्टेडियम में निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक। संवाद
रेवाड़ी। शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसमें आठ लेन के 400 मीटर के ट्रैक बनाए जाएंगे। इसमें समतलीकरण, ड्रेसिंग, रेलिंग पर 9 करोड़ 69 लाख 76 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके पूरा होने पर यहां जिले से लेकर नेशनल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं कराई जा सकेंगी।
स्टेडियम में जिले के अलावा महेंद्रगढ़ के खिलाड़ी भी अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों को गुरुग्राम या अन्य जगह अभ्यास के लिए नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में स्टेडियम में सेंडर ट्रैक है। इस पर खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक सहित 100 से लेकर 10 हजार मीटर तक की दौड़ प्रतियोगिता होगी।
रबर कुसिंग से बनाया जाता है सिंथेटिक ट्रैक
सिंथेटिक ट्रैक एक खास तरह के रबर को कुसिंग करके बनाया जाता है। ट्रैक बनाने के लिए पहले मिट्टी और रोड़ी की कई परतें बिछाई जाती हैं। इसके बाद समतलीकरण कर सड़क बनाने का काम किया जाता है और फिर ट्रैक के चारों ओर रेलिंग लगाई जाती है। इसके बाद प्लास्टिक की घास बिछाई जाती है और ट्रैक तैयार होता है। स्टेडियम में ट्रैक 8 लेन का होगा। एक लेन की चौड़ाई 1.22 से 1.25 मीटर तक होगी।
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13 जिलों में बनाए गए हैं सिंथेटिक ट्रैक
अभी राज्य के 13 जिलों में धावकों के लिए राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ट्रैक बनाया गया है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, पानीपत, भिवानी, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार और जींद का नरवाना शामिल हैं।
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नक्शा बनवाने के बाद एस्ट्रोटर्फ मैदान 2026 में बनकर होगा तैयार
कोसली। कंवाली स्थित हाॅकी मैदान की हालत सुधारने के लिए नक्शा बनवाने के बाद एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार करने की कोशिश जारी है। अगले वर्ष तक ही एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार होने की अब उम्मीद है। हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ बनाने के लिए खेल विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौका मुआयना कर चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण करने की योजना बनाई गई थी। मैदान का कुछ हिस्सा मंदिर कमेटी के अधीन होने के कारण काम रुका था। अब यह मैदान पंचायत के नाम है जिससे खेल विभाग को हस्तांतरित होगी। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया आरंभ होगी। हाॅकी मैदान में प्रतिदिन 100 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं।
हाॅकी प्रशिक्षक वीरेंद्र सिंह कंवाली के साथ डहीना, गोठड़ा, झाड़ौदा, दिदोली, रामपुरी, मसीत, खेड़ी, जैनाबाद सहित आठ से अधिक गांवों के खिलाड़ियों को अभ्यास कराते हैं। यहां अभ्यास कर 25 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। कई खिलाड़ी खेल कोटे से नौकरी पा चुके हैं।
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वर्जन
शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। आठ लेन के 400 मीटर के ट्रैक बनाए जाएंगे। ट्रैक के निर्माण, समतलीकरण, ड्रेसिंग, रेलिंग पर 9 करोड़ 69 लाख 76 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। कंवाली स्थित हाॅकी मैदान की हालत सुधारने के लिए अभी कागजी प्रक्रिया जारी है।
- ममता, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी, रेवाड़ी।
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स्टेडियम में जिले के अलावा महेंद्रगढ़ के खिलाड़ी भी अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों को गुरुग्राम या अन्य जगह अभ्यास के लिए नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में स्टेडियम में सेंडर ट्रैक है। इस पर खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक सहित 100 से लेकर 10 हजार मीटर तक की दौड़ प्रतियोगिता होगी।
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रबर कुसिंग से बनाया जाता है सिंथेटिक ट्रैक
सिंथेटिक ट्रैक एक खास तरह के रबर को कुसिंग करके बनाया जाता है। ट्रैक बनाने के लिए पहले मिट्टी और रोड़ी की कई परतें बिछाई जाती हैं। इसके बाद समतलीकरण कर सड़क बनाने का काम किया जाता है और फिर ट्रैक के चारों ओर रेलिंग लगाई जाती है। इसके बाद प्लास्टिक की घास बिछाई जाती है और ट्रैक तैयार होता है। स्टेडियम में ट्रैक 8 लेन का होगा। एक लेन की चौड़ाई 1.22 से 1.25 मीटर तक होगी।
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13 जिलों में बनाए गए हैं सिंथेटिक ट्रैक
अभी राज्य के 13 जिलों में धावकों के लिए राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ट्रैक बनाया गया है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, पानीपत, भिवानी, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार और जींद का नरवाना शामिल हैं।
नक्शा बनवाने के बाद एस्ट्रोटर्फ मैदान 2026 में बनकर होगा तैयार
कोसली। कंवाली स्थित हाॅकी मैदान की हालत सुधारने के लिए नक्शा बनवाने के बाद एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार करने की कोशिश जारी है। अगले वर्ष तक ही एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार होने की अब उम्मीद है। हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ बनाने के लिए खेल विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौका मुआयना कर चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण करने की योजना बनाई गई थी। मैदान का कुछ हिस्सा मंदिर कमेटी के अधीन होने के कारण काम रुका था। अब यह मैदान पंचायत के नाम है जिससे खेल विभाग को हस्तांतरित होगी। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया आरंभ होगी। हाॅकी मैदान में प्रतिदिन 100 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं।
हाॅकी प्रशिक्षक वीरेंद्र सिंह कंवाली के साथ डहीना, गोठड़ा, झाड़ौदा, दिदोली, रामपुरी, मसीत, खेड़ी, जैनाबाद सहित आठ से अधिक गांवों के खिलाड़ियों को अभ्यास कराते हैं। यहां अभ्यास कर 25 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। कई खिलाड़ी खेल कोटे से नौकरी पा चुके हैं।
वर्जन
शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। आठ लेन के 400 मीटर के ट्रैक बनाए जाएंगे। ट्रैक के निर्माण, समतलीकरण, ड्रेसिंग, रेलिंग पर 9 करोड़ 69 लाख 76 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। कंवाली स्थित हाॅकी मैदान की हालत सुधारने के लिए अभी कागजी प्रक्रिया जारी है।
- ममता, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी, रेवाड़ी।

राव तुलाराम स्टेडियम में निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक। संवाद