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Mahendragarh-Narnaul News: वादों की 'तेरहवीं' हो ली...

Mon, 13 Apr 2026 11:20 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:20 PM IST
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Ramphal from Dhaoleda villagerounds of grievance redressal camps for three years to get his electricity bill corrected
फोटो नंबर- 10मान सिंह, गांव हमीदपुर।
नारनौल। आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आयोजित होने वाले समाधान शिविर उम्मीद से ज्यादा निराशा का कारण बनते नजर आ रहे हैं। यहां फरियादियों को आश्वासन तो मिलते हैं लेकिन समाधान नहीं। सोमवार को आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।
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इसका एक उदाहरण धौलेड़ा गांव के बुजुर्ग रामफल हैं जो बिजली बिल को ठीक करवाने के लिए पिछले तीन वर्षों से लगातार चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को वे 13वीं बार शिविर में पहुंचे लेकिन हर बार की तरह उन्हें केवल अगले महीने समाधान होगा का आश्वासन ही मिला।
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वहीं, शिविर की पड़ताल की तो सामने आया कि कई फरियादियों को अधिकारियों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाता है। कुछ कर्मचारियों की ओर से उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के कारण उनके राशन कार्ड से नाम हटा दिया गया है जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
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प्रशासनिक दावों से अलग जमीनी हकीकत
लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में 82 नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराईं। जहां एक ओर फरियादी सुनवाई न होने से परेशान नजर आए। वहीं, दूसरी ओर उपायुक्त ने शिविर में कहा कि हर शिकायत को गंभीरता से सुना जा रहा है और समाधान के लिए विभागीय जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी नागरिक को अपने जायज काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बॉक्स:
मैंने (60) शादी नहीं की। मैं अकेली रहती हूं और बुढ़पा पेंशन के सहारे ही गुजर बसर होता है। अब राशन कार्ड में से भी नाम काट दिया। कई महीनों से चक्कर काट रही हूं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।-संतोष गुप्ता, मिश्रवाड़ा
बॉक्स:
विधवा हूं, दोनों बेटियों की शादी के बाद अह अकेली रहती हूं। छह माह पहले राशन कार्ड में से नाम काट दिया जबकि वार्षिक आया भी मात्र 27 हजार है। यहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -कमला देवी, सराय ढूसरान
बॉक्स:
2018 में पत्नी की डिलवरी के दौरान हुए ऑपरेशन में डॉकटर ने पेट में पट्टी छोड़ दी थी। तब से पत्नी की सेहत खराब रहती है और मैं करीब 8 साल से इंसाफ के लिए चक्कर ही काट रहा हूं। आश्वासन मिल रहा है इंसाफ नहीं।-अमित कुमार, सलामपुरा

बॉक्स:
करीब 6 महीने पहले राशन कार्ड में नाम ये कहकर काट दिया कि आपके नाम गाड़ी दर्शाई गई है। काफी चक्कर काटने के बाद कोर्ट से इस समस्या का समाधान कराया। इसके बाद भी नाम नहीं चढ़ा रहे हैं। आज समाधान शिविर में भी कर्मचारी ने किसान सम्मान निधि का कहकर वापस भेज दिया।
-मान सिंह, गांव हमीदपुर
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